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बारिश के साथ पड़े ओले, राहगीरों की सांसत
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बारिश के साथ पड़े ओले, राहगीरों की सांसत
दो दिन हुई बूंदाबांदी के बाद भोर में हुई बारिश
हवा तेज होने से ठंड भी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौसम में परिवर्तन के बाद शुक्रवार को भोर में ओले पड़े और थोड़ी देर बाद बारिश होने लगी। इस बीच 12 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा से ठंड भी बढ़ गई। शुक्रवार को दिन में धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी चलती रही।
बृहस्पतिवार की रात बूंदाबांदी के साथ बादल भी गरजते रहे, लेकिन शुक्रवार को भोर में कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। इससे दलहनी की फसलों के प्रति किसानों की चिंता बढ़ गई। हालांकि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह के मुुताबिक जनवरी में मौसम अपेक्षा से ज्यादा गर्म हो गया था। इससे किसानों में थोड़ी निराशा थी। बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि दोमट भूमि में देर से बुआई वाले क्षेत्रों में यूरिया (नाइट्रोजन) की एक चौथाई मात्रा डालें। तेनुआ निवासी किसान ज्ञानेंद्र बहादुर पाल का कहना है कि इस वर्ष कोहरा कम पड़ने से नमी कम थी। मौसम में परिवर्तन से गेहूं की फसल लहलहा गई है। सिकंदरपुर के किसान पप्पू पांडेय कहते हैं कि बारिश गेहूं के लिए वरदान है तो सरसों, मटर और अरहर की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। बारिश का क्रम इसी तरह कुछ दिन चलता रहा तो सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक ओले गिरने से किसान चिंतित हैं। शुक्रवार सुबह तेज गरज चमक के साथ पड़े ओले पड़ने से दलहनी, तिलहनी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। इससे पैदावार भी प्रभावित होगी। किसान राजेश कुमार, रमापति, गुलाबचंद, रामकुमार, रामनिवास चौधरी, गंगाराम, रामभवन यादव, रामहित का कहना है कि पहले बूंदाबांदी और शुक्रवार को बारिश तथा ओले पड़ने से चना, मटर, सरसों, आलू, प्याज की खेती प्रभावित हुई है। टिनिच प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। गेहूं की फसल अच्छे होने के आसार हैं। आमा बाजार, साड़ी हिच्छा, साड़ी कल्प, चेतरा, बलुआ कुंड शिवपुर आदि इलाकों में दोपहर में बारिश हुई।
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कृषि विज्ञानी डॉ.राजेश चौधरी ने कहा कि आलू, सरसों के फसलों को क्षति पहुंचेगी लेकिन अन्य सभी फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक है।
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दो दिन हुई बूंदाबांदी के बाद भोर में हुई बारिश
हवा तेज होने से ठंड भी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौसम में परिवर्तन के बाद शुक्रवार को भोर में ओले पड़े और थोड़ी देर बाद बारिश होने लगी। इस बीच 12 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा से ठंड भी बढ़ गई। शुक्रवार को दिन में धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी चलती रही।
बृहस्पतिवार की रात बूंदाबांदी के साथ बादल भी गरजते रहे, लेकिन शुक्रवार को भोर में कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। इससे दलहनी की फसलों के प्रति किसानों की चिंता बढ़ गई। हालांकि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह के मुुताबिक जनवरी में मौसम अपेक्षा से ज्यादा गर्म हो गया था। इससे किसानों में थोड़ी निराशा थी। बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि दोमट भूमि में देर से बुआई वाले क्षेत्रों में यूरिया (नाइट्रोजन) की एक चौथाई मात्रा डालें। तेनुआ निवासी किसान ज्ञानेंद्र बहादुर पाल का कहना है कि इस वर्ष कोहरा कम पड़ने से नमी कम थी। मौसम में परिवर्तन से गेहूं की फसल लहलहा गई है। सिकंदरपुर के किसान पप्पू पांडेय कहते हैं कि बारिश गेहूं के लिए वरदान है तो सरसों, मटर और अरहर की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। बारिश का क्रम इसी तरह कुछ दिन चलता रहा तो सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
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सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक ओले गिरने से किसान चिंतित हैं। शुक्रवार सुबह तेज गरज चमक के साथ पड़े ओले पड़ने से दलहनी, तिलहनी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। इससे पैदावार भी प्रभावित होगी। किसान राजेश कुमार, रमापति, गुलाबचंद, रामकुमार, रामनिवास चौधरी, गंगाराम, रामभवन यादव, रामहित का कहना है कि पहले बूंदाबांदी और शुक्रवार को बारिश तथा ओले पड़ने से चना, मटर, सरसों, आलू, प्याज की खेती प्रभावित हुई है। टिनिच प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। गेहूं की फसल अच्छे होने के आसार हैं। आमा बाजार, साड़ी हिच्छा, साड़ी कल्प, चेतरा, बलुआ कुंड शिवपुर आदि इलाकों में दोपहर में बारिश हुई।
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कृषि विज्ञानी डॉ.राजेश चौधरी ने कहा कि आलू, सरसों के फसलों को क्षति पहुंचेगी लेकिन अन्य सभी फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक है।