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14 किसान पुरस्कृत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:10 AM IST
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बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर गांधीकला भवन में
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बुधवार को किसान सम्मान समारोह दिवस मनाया गया। कृषि रक्षा विभाग, गन्ना
विकास परिषद, रेशम विकास विभाग एवं मत्स्य पालन अभिकरण ने स्टाल लगाए।
वैज्ञानिकों और किसानों में सीधा संवाद भी हुआ।
खेती बारी में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले 14 किसानों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार सात हजार और द्वितीय पुरस्कार पांच हजार रुपये का था। किसान गोष्ठी में कई किसानों ने खेती की लागत कम और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि सरकार किसानों की दशा को सुधारने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ किसानों को मिल भी रहा है। कहा कि कृषि यंत्रों के उपयोग से लागत घटेगी। समय आ गया है कि किसान परंपरागत खेती से ऊपर उठे।
कहा कि देश और प्रदेश की तरक्की का रास्ता खेत-खलिहान से ही होकर गुजरता है। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि किसान आधुनिक खेती को अपनाए और मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं।
ब्लॉक प्रमुख सदर गुलाब सोनकर ने किसानों को खेती बारी में नई तकनीक को अपनाने की सलाह दी। कहा कि नई तकनीक अपनाकर ही किसान खेती की लागत को कम कर लाभ कमा सकते हैं। प्रगतिशील किसान आज्ञाराम चौधरी और अरविंद सिंह ने कहा कि अगर पोटैटो प्लांटर से आलू की खेती और खेत के चारों ओर जाली लगा दी जाए तो उसे जंगली जानवरों से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन अरविंद सिंह ने किया।
इस मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी सुभाष मौर्य, एसडीओ पुरुषोत्तम मिश्र, वस्तु विषय विशेषज्ञ राजेश त्रिपाठी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राघवेंद्र विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
इन किसानों को किया गया सम्मानित
बस्ती कृषि विभाग, पशुपालन और उद्यान विभाग की ओर से 14 किसानों को शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रथम पुरस्कार पाने वाले किसान को सात हजार और द्वितीय पुरस्कार पाने वाले को पांच हजार दिया गया। पुरस्कार की राशि किसानों के खाते में भेजी गई।
सामान्य धान की खेती में विशेष उपलब्धि के लिए गंगापुर के किसान बृज बिहारी को प्रथम और बेईली के मनीराम को द्वितीय पुरस्कार मिला। संकर धान में ककुआरावत के रमेशचंद्र को प्रथम और राजाजोत के तिलकराम को द्वितीय पुरस्कार मिला।
सरसों उत्पादन में उपेंद्रनाथ भानपुर को प्रथम और राजेंद्र प्रसाद को द्वितीय, गेहूं उत्पादन में शिवप्रसाद कौड़ीकोल को प्रथम और राधेश्याम बैरागल को द्वितीय पुरस्कार मिला। सब्जी उत्पादन (केला) में अरविंद सिंह भेलवल को प्रथम और आज्ञाराम चौधरी नान्हेंकुआ को द्वितीय पुरस्कार मिला।
सुरेंद्र चौधरी चचनी को पशुपालन में प्रथम और सुभावती को भैंस पालन में द्वितीय, अभिषेक झलकटिया को पशुपालन गाय में प्रथम और रामनेवास नेवारी को (पशुपालन) भैंस से प्रतिदिन दस लीटर दूध का उत्पादन करने के लिए द्वितीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जिला कृषि अधिकारी को सम्मानित किया
बस्ती। बीज वितरण योजना में 120 फीसदी उपलब्ध हासिल करने वाले जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सतीश चंद्र पाठक को किसान सम्मान समारोह दिवस के अवसर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान पाने वाले प्रदेश के अन्य जनपदों के छह अन्य कृषि अधिकारी शामिल रहे।
खेती बारी में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले 14 किसानों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार सात हजार और द्वितीय पुरस्कार पांच हजार रुपये का था। किसान गोष्ठी में कई किसानों ने खेती की लागत कम और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि सरकार किसानों की दशा को सुधारने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ किसानों को मिल भी रहा है। कहा कि कृषि यंत्रों के उपयोग से लागत घटेगी। समय आ गया है कि किसान परंपरागत खेती से ऊपर उठे।
कहा कि देश और प्रदेश की तरक्की का रास्ता खेत-खलिहान से ही होकर गुजरता है। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि किसान आधुनिक खेती को अपनाए और मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं।
ब्लॉक प्रमुख सदर गुलाब सोनकर ने किसानों को खेती बारी में नई तकनीक को अपनाने की सलाह दी। कहा कि नई तकनीक अपनाकर ही किसान खेती की लागत को कम कर लाभ कमा सकते हैं। प्रगतिशील किसान आज्ञाराम चौधरी और अरविंद सिंह ने कहा कि अगर पोटैटो प्लांटर से आलू की खेती और खेत के चारों ओर जाली लगा दी जाए तो उसे जंगली जानवरों से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन अरविंद सिंह ने किया।
इस मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी सुभाष मौर्य, एसडीओ पुरुषोत्तम मिश्र, वस्तु विषय विशेषज्ञ राजेश त्रिपाठी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राघवेंद्र विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
इन किसानों को किया गया सम्मानित
बस्ती कृषि विभाग, पशुपालन और उद्यान विभाग की ओर से 14 किसानों को शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रथम पुरस्कार पाने वाले किसान को सात हजार और द्वितीय पुरस्कार पाने वाले को पांच हजार दिया गया। पुरस्कार की राशि किसानों के खाते में भेजी गई।
सामान्य धान की खेती में विशेष उपलब्धि के लिए गंगापुर के किसान बृज बिहारी को प्रथम और बेईली के मनीराम को द्वितीय पुरस्कार मिला। संकर धान में ककुआरावत के रमेशचंद्र को प्रथम और राजाजोत के तिलकराम को द्वितीय पुरस्कार मिला।
सरसों उत्पादन में उपेंद्रनाथ भानपुर को प्रथम और राजेंद्र प्रसाद को द्वितीय, गेहूं उत्पादन में शिवप्रसाद कौड़ीकोल को प्रथम और राधेश्याम बैरागल को द्वितीय पुरस्कार मिला। सब्जी उत्पादन (केला) में अरविंद सिंह भेलवल को प्रथम और आज्ञाराम चौधरी नान्हेंकुआ को द्वितीय पुरस्कार मिला।
सुरेंद्र चौधरी चचनी को पशुपालन में प्रथम और सुभावती को भैंस पालन में द्वितीय, अभिषेक झलकटिया को पशुपालन गाय में प्रथम और रामनेवास नेवारी को (पशुपालन) भैंस से प्रतिदिन दस लीटर दूध का उत्पादन करने के लिए द्वितीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जिला कृषि अधिकारी को सम्मानित किया
बस्ती। बीज वितरण योजना में 120 फीसदी उपलब्ध हासिल करने वाले जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सतीश चंद्र पाठक को किसान सम्मान समारोह दिवस के अवसर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान पाने वाले प्रदेश के अन्य जनपदों के छह अन्य कृषि अधिकारी शामिल रहे।