फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   छुट्टा पशुओं से किसान परेशान, बाड़ भरोसे फसल सुरक्षा

छुट्टा पशुओं से किसान परेशान, बाड़ भरोसे फसल सुरक्षा

Mon, 14 Jan 2019 12:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 12:44 AM IST
विज्ञापन
छुट्टा पशुओं से किसान परेशान, बाड़ भरोसे फसल सुरक्षा
छुट्टा पशुओं से किसान परेशान, बाड़ भरोसे फसल सुरक्षा
विज्ञापन

= आवारा पशुओं की बढती संख्या से फसलों पर संकट
= छुट्टा पशुओं का कहर, ठंडी में भी किसनों को छूट रहे पसीने
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरपुर। बहादुरपुर क्षेत्र में छुट्टा पशुओं का आतंक इस कदर व्याप्त है कि किसानों को इस भीषण ठंड में भी पसीने छूट रहे हैं। रबी की फसल का जमाव शुरु होते ही फसलों को छुट्टा पशुओं से बचाना किसानों के लिए अब मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र के किसान फसलों की सुरक्षा अब बाड़ के सहारे करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन छुट्टा पशुओं का झुंड बाड़ के साथ फसल को भी बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के किसान तेजी से बढ़ रहे छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए तरह-तरह की तरकीब लगा रहे हैं। किन्तु सब बेकार साबित हो रहा है। रबी के मौसम में क्षेत्र की प्रमुख फसल गेहूं, सरसो, मटर व सब्जी की सुरक्षा अन्नदाता कहीं बाड़ बना कर तो कहीं मचान बना कर रहे हैं। लेकिन इन पशुओं की बढ़ती संख्या ने अन्नदाताओं के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। ये जिधर से झुंड बना कर निकल रहे हैं बाड़ के साथ-साथ फसल को भी बर्बाद कर दे रहे हैं।
विज्ञापन

क्षेत्र के कनैला निवासी राकेश सिंह का कहना है कि अब फसलों की सुरक्षा राम भरोसे है। फसलों की सुरक्षा के सारे उपाय फेल हैं। गेहूं, सरसो, आलू, मटर आदि की खेती करना अब इनके कारण भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं किसान संजय ओझा कहते हैं कि खेतों में बाड़ और मचान बनाने के बावजूद भी फसलें बच नहीं पा रही हैं। कड़ाके की ठंड में रात को भी फसलों की निगरानी करनी पड़ रही है किन्तु मौका पाते ही दर्जनों की संख्या में झुंड बना कर चल रहे छुट्टा पशु फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं।
लोनहा निवासी किसान विश्वम्भर नाथ दूबे कहते हैं कि किसानों की समस्याओं को कोई नहीं सुनने वाला है। किसानों के आय का प्रमुख श्रोत यही फसल है। पहले नीलगाय, सूअर जैसे जंगली जानवर ही फसल नुकसान करते थे अब छुट्टा पशुओं का आतंक सपनों पर पानी फेर रहा है।
रजपुरवा निवासी किसान सीताराम ने बताया कि रात को खेतों में छुट्टा पशुओं का झुंड आता है और खड़ी फसल को खराब कर पैरों से रौंद कर चले जाते हैं। सुरक्षा के लिए खेत के चारों ओर तारों की बाड़ लगा रखी है लेकिन पशुओं के झुंड तारों की बाड़ को लांघकर खेतों में घुस जाते हैं। जब तक खेत में पहुंचते है तब तक पशुओं का झुंड फसल को पूरी तरह नष्ट देता है।

नगर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय ग्रामीण किसान राम बोध, विनोद, राजू, नूरैन अहमद, संदीप, तेजई, संतू, खेलई आदि ने बताया कि आलू, मटर, सरसो, गोभी, बैगन, गेहूं आदि की फसलों को जंगली जानवर रात में झुंड़ में आकर बर्बाद कर दे रहे हैं। अब तो स्थिति इतनी खराब हो गई है कि किसान रात ही नहीं बल्कि दिन में भी अपने फसलों की रखवाली कर रहे हैं। परेशान किसानों ने बताया कि यह समस्या एक दो दिन नहीं बल्कि कई महीनों से है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed