फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   पानी में चला गया 60 लाख

पानी में चला गया 60 लाख

Mon, 10 Jul 2017 11:19 PM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
पानी में चला गया 60 लाख
पानी में चला गया 60 लाख का बीएसए भवन
विज्ञापन

बस्ती।
गुणवत्ताविहीन भवन का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था के विरुद्ध डीएम के आदेश के बावजूद बीएसए की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को बचाया जा रहा है। बीएसए की लापरवाही के चलते भवन निर्माण पर खर्च किए गए 60 लाख रुपये पानी में चले गए। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि बीएसए को कार्यदायी संस्था के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया जा चुका है। इससे पहले दो डीएम मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दे चुके हैं।

जिले का पहला ऐसा भवन है जिसकी हैंडओवर होने से पहले गुणवत्ता खराब हो गई। छत से पानी टपक रहा है, जिसके चलते सभी कमरों में पानी भरा रहता है। दीवारों में सीलन आ गई है, बारिश का पानी बाहर से भवन में चला जा रहा है। इस भवन का निर्माण की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति वर्ष 2005 में दी गई। सर्व शिक्षा अभियान मद से होने वाले भवन की लागत 24.65 लाख है। भवन निर्माण के लिए शासन स्तर पर गोंडा की कार्यदायी संस्था सी-एंड-डीएस को दी गई। शुरुआत में कार्यदायी संस्था ने पहले तो निर्माण कराने में आनाकानी, जिसका परिणाम भवन की लागत 24.65 लाख रुपये से बढ़कर 56.90 लाख हो गई। इस तरह लागत दोगुना बढ़ गई। हैंडओवर करने में भी लापरवाही की गई, प्रशासन ने जब हैंडओवर करने से पहले भवन की गुणवत्ता की जांच कराई तो पता चला कि भवन का निर्माण हर स्तर से मानक के विपरीत कराया गया। फिर उसके बाद नई जांच कमेटी बनी। कमेटी बने दो साल से अधिक हो गया मगर अभी तक कार्यदायी संस्था ने जांच से संबंधित अभिलेख ही नहीं दिए। अभिलेख उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बीएसए की है, क्योंकि भुगतान बीएसए की ओर से किया गया। जब अभिलेख नहीं दिया तो तत्कालीन डीएम नरेंद्र सिंह पटेले ने वर्ष 2016 में बीएसए को कार्यदायी संस्था के विरुद्ध सरकारी धन के गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने का लिखित आदेश दिया, उसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया, वर्तमान डीएम भी केस दर्ज कराने का कह चुके हैं, मगर अभी तक दर्ज नहीं कराया गया। इसके लिए बीएसए और सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े लोगों को जिम्म्ेदार माना जा रहा है। विभाग के कई लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था और विभाग के गठजोड़ के चलते केस दर्ज नहीं कराया जा रहा है। आलम यह है कि भवन के अंदर पानी भरा हुआ है। छत टपक रही है और दीवारों में सीलन आ चुकी है। बारिश का पानी मेट दरवाजे से भवन के अंदर पानी जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed