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अब जिले में निमोनिया का टीकाकरण
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:37 PM IST
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खेकड़ा में बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाती डा. सुनीता सोनल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बस्ती। बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए शासन ने कमर कस ली है। मिशन इंद्रधनुष के बाद जेई-एईएस टीकाकरण व जागरूकता अभियान फिर विशेष मिशन इंद्रधनुष अभियान के बाद अब जिले में निमोनिया से बचने के लिए बच्चों के टीकाकरण की योजना का खाका तैयार किया जा रहा है। इसके लिए छह सप्ताह के बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए उन्हें निमोकोकल कांजोगेंट वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा, जिससे वे निमोनिया से बच सकेंगे।
मिशन इंद्रधनुष में सात बीमारियों से निजात के लिए टीकाकरण के बाद जेई-एईएस को लेकर शासन ने खूब मशक्कत की। इधर शासन ने निमोनिया से बच्चों की मौत को लेकर गंभीर रुख अख्तियार किया है। इससे बचाव के लिए उसने तैयारी शुरू कर दी है। टीकाकरण के लिए जिला मुख्यालय पर 28 अप्रैल को पहली कार्यशाला होगी। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद 11 मई तक जिले के सभी चौदह ब्लाकों में प्रशिक्षण कार्यशक्रम आयोजित होगा। प्रशिक्षण के बाद उन सभी नवजात शिशुओं को निमोनिया के टीका से प्रतिरक्षित किया जाएगा जो छह सप्ताह के हो चुके हैं। इन्हें पहली डोज छह सप्ताह पर दूसरी 14 सप्ताह पर तथा इसके बाद तीसरी और अंतिम डोज नौ से 12 माह की उम्र में दी जाएगी।
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सीएमओ डा. जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि गंभीर निमोनिया के चलते कई बार नवजात शिशुओं की मौत हो जाती है। इसे लेकर शासन गंभीर है। जिले में निमोनिया से बच्चों प्रतिरक्षित करने के लिए निमोकोकल कांजोगेंट वैक्सीन दिया जाएगा। अगले माह से यह टीकाकरण प्रस्तावित है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। वैक्सीन मिल गई है।
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