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लामबंद होने लगे निजी स्कूलों के प्र्रबंधक
Updated Sun, 06 Aug 2017 07:07 PM IST
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रूधौली(बस्ती) । बगैर मान्यता संचालित हो रहे निजी स्कूलों के प्रबंधक अब लामबंद होने लगे हैं। प्रशासनिक नोटिस को उत्पीड़न करार देते हुए प्रबंधक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मनमाने ढंग से की जा रही कार्रवाई पर अंकुश न लगा तो निजी प्रबंधक आंदोलन को विवश होगा।
यह निर्णय रविवार को रूधौली स्थित निरीक्षण गृह में आहूत बैठक में लिया गया। आरोप लगाया गया कि तमाम विद्यालय मान्यता हेतु सभी मानक पूरी कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी फाइलें लंबित हैं। यह अन्याय की पराकाष्ठा है। शासन ने निर्देश जारी किया है कि बगैर मान्यता संचालित स्कूलों को बंद कर दिया जाए। इस निर्देश के अनुपालन में शिक्षा विभाग ताबड़तोड़ नोटिस जारी कर रहा है। इन स्थितियों से क्षुब्ध स्कूल प्रबंधक कल्याण संघ ने आरपार के संघर्ष की रणनीति बनाई है।
कहा कि सरकारी विद्यालयों का भी सर्वे होना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर विद्यालय एकल व भवन का मानक पूरा ही नहीं करते। इनके लिए मानक को क्यों दर किनार किया जा रहा है। आरोप लगाया कि सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की भी स्थिति सरकार खुद जानती है। गुणवत्ताविहीन शिक्षा देने के बावजूद इनको आखिर नोटिस क्यों नहीं दी जाती।
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इस मौके पर आनंद कुमार पांडेय, अरुण कुमार, वंदना शुक्ला, अनिल तिवारी, सप्वेश धर दूबे, हेमन्त तिवारी, अश्वनी कुमार सिंह, रणजीत सिंह, राज आर्या, राजकुमार, सुशील कुमार सहित रुधौली व भानपुर के तमाम निजी विद्यालय प्रबंधक मौजूद रहे।
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यह निर्णय रविवार को रूधौली स्थित निरीक्षण गृह में आहूत बैठक में लिया गया। आरोप लगाया गया कि तमाम विद्यालय मान्यता हेतु सभी मानक पूरी कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी फाइलें लंबित हैं। यह अन्याय की पराकाष्ठा है। शासन ने निर्देश जारी किया है कि बगैर मान्यता संचालित स्कूलों को बंद कर दिया जाए। इस निर्देश के अनुपालन में शिक्षा विभाग ताबड़तोड़ नोटिस जारी कर रहा है। इन स्थितियों से क्षुब्ध स्कूल प्रबंधक कल्याण संघ ने आरपार के संघर्ष की रणनीति बनाई है।
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कहा कि सरकारी विद्यालयों का भी सर्वे होना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर विद्यालय एकल व भवन का मानक पूरा ही नहीं करते। इनके लिए मानक को क्यों दर किनार किया जा रहा है। आरोप लगाया कि सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की भी स्थिति सरकार खुद जानती है। गुणवत्ताविहीन शिक्षा देने के बावजूद इनको आखिर नोटिस क्यों नहीं दी जाती।
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इस मौके पर आनंद कुमार पांडेय, अरुण कुमार, वंदना शुक्ला, अनिल तिवारी, सप्वेश धर दूबे, हेमन्त तिवारी, अश्वनी कुमार सिंह, रणजीत सिंह, राज आर्या, राजकुमार, सुशील कुमार सहित रुधौली व भानपुर के तमाम निजी विद्यालय प्रबंधक मौजूद रहे।