{"_id":"5c1157e3bdec22416c13eae5","slug":"111544640483-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सात वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सात वर्ष की कैद
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सात वर्ष की कैद
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मदनलाल निगम की अदालत ने दुष्कर्म की नीयत से अश्लील हरकत करने के जुर्म में दोषी करार देते हुए आरोपी को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड मिलने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति मिलेगी।
विशेष शासकीय अधिवक्ता कमलेश कुमार चौधरी ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि छावनी थाना क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता की मां ने थानाध्यक्ष को तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि 15 सितंबर 2016 को उसकी आठ वर्षीय बेटी दिन में गांव के उत्तर नहर के पास मछली देखने गई थी। वहां पहले से मौजूद बदलू मछली का शिकार कर रहा था। अकेला पाकर दुष्कर्म की नीयत से जबरन खींचकर बगल के गन्ने खेत में ले गया। जहां निर्वस्त्र कर उसके साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी। बच्ची किसी तरह दांत से उसे काटकर चंगुल से छूटी और घर पहुंची। मां को आपबीती बताई। रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म करने की नीयत और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र दाखिल हुआ। आरोप तय होने के बाद अभियोजन की तरफ से वादिनी सहित आठ गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से रंजिशन फंसाए जाने व झूठी गवाही देने की बात कही गई। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने अश्लील हरकत व पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मदनलाल निगम की अदालत ने दुष्कर्म की नीयत से अश्लील हरकत करने के जुर्म में दोषी करार देते हुए आरोपी को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड मिलने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति मिलेगी।
विशेष शासकीय अधिवक्ता कमलेश कुमार चौधरी ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि छावनी थाना क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता की मां ने थानाध्यक्ष को तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि 15 सितंबर 2016 को उसकी आठ वर्षीय बेटी दिन में गांव के उत्तर नहर के पास मछली देखने गई थी। वहां पहले से मौजूद बदलू मछली का शिकार कर रहा था। अकेला पाकर दुष्कर्म की नीयत से जबरन खींचकर बगल के गन्ने खेत में ले गया। जहां निर्वस्त्र कर उसके साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी। बच्ची किसी तरह दांत से उसे काटकर चंगुल से छूटी और घर पहुंची। मां को आपबीती बताई। रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म करने की नीयत और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र दाखिल हुआ। आरोप तय होने के बाद अभियोजन की तरफ से वादिनी सहित आठ गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से रंजिशन फंसाए जाने व झूठी गवाही देने की बात कही गई। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने अश्लील हरकत व पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई।
विज्ञापन