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खतरे के निशान के समीप घाघरा नदी 16-41-20
Updated Thu, 26 Jul 2018 11:33 PM IST
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खतरे के निशान के पास पहुंची घाघरा
फोटो
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ा
निगरानी के लिए बाढ़ खंड अधिकारी जमे
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कटरिया-चांदपुर तटबंध पर एक बार फिर नदी का तेज दबाव बढ़ गया है। जिससे तटबंध के दो किलोमीटर की लंबाई में बना बेस जगह जगह डूब गया है। बाढ़ खंड के लोग 24 घंटे तटबंध की निगरानी कर रहे हैं।
क्षेत्र में पिछले चौबीस घंटे से रुक रुक कर हो रही बरसात के कारण तटबंध पर फिसलन के कारण मरम्मत कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। मंगलवार व बुधवार को तटबंध किनारे बने बेस दो तीन स्थानों पर बैठ गए थे, जिससे नदी तटबंध को छूकर बहने लगी थी। बड़ी संख्या में मजदूरों को लगा कर पुन: बैठे स्थान को भर दिया गया था। वहीं खलवा गांव के पास बन रहे नए कटर के नोज पर बोल्डर का कैरेट बना कर तैयार किया जा रहा है। जिससे नदी के बहाव को तटबंध से दूर रखा जा सके। वहीं केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक बृहस्पतिवार दोपहर बारह बजे से नदी स्थिर हो गई।
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कटरिया-चांदपुर तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ा
निगरानी के लिए बाढ़ खंड अधिकारी जमे
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कटरिया-चांदपुर तटबंध पर एक बार फिर नदी का तेज दबाव बढ़ गया है। जिससे तटबंध के दो किलोमीटर की लंबाई में बना बेस जगह जगह डूब गया है। बाढ़ खंड के लोग 24 घंटे तटबंध की निगरानी कर रहे हैं।
क्षेत्र में पिछले चौबीस घंटे से रुक रुक कर हो रही बरसात के कारण तटबंध पर फिसलन के कारण मरम्मत कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। मंगलवार व बुधवार को तटबंध किनारे बने बेस दो तीन स्थानों पर बैठ गए थे, जिससे नदी तटबंध को छूकर बहने लगी थी। बड़ी संख्या में मजदूरों को लगा कर पुन: बैठे स्थान को भर दिया गया था। वहीं खलवा गांव के पास बन रहे नए कटर के नोज पर बोल्डर का कैरेट बना कर तैयार किया जा रहा है। जिससे नदी के बहाव को तटबंध से दूर रखा जा सके। वहीं केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक बृहस्पतिवार दोपहर बारह बजे से नदी स्थिर हो गई।
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