फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   जवान से बूढ़े हो गए, फिरभी नहीं मिला न्याय

जवान से बूढ़े हो गए, फिरभी नहीं मिला न्याय

Thu, 15 Jun 2017 06:03 PM IST
Updated Thu, 15 Jun 2017 06:03 PM IST
विज्ञापन
जवान से बूढ़े हो गए, फिरभी नहीं मिला न्याय
जिले में चकबंदी का बुरा हाल है। हालत यह है कि चकबंदी के मुकदमे में फंसकर लोग जवान से बूढ़े होते जा रहे हैं। 38 साल से काश्तकार मुकदमे के चंगुल में फंसकर छटपटा रहा है। कुल 40 ऐसे गांव हैं जहां पर चकबंदी वर्षों से चल रही है। इनमें 29 गांव में 25 और 11 गांव में 25 साल से अधिक समय से चकबंदी चल रही है।
विज्ञापन

कलवारी के काश्तकार रामलाल पिछले 35 साल से जमीन के एक टुकड़े के लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। कहते हैं कि पहली बार उन्होंने चकबंदी कार्यालय मुंह 35 साल पहले देखा था, तब उम्र 28 साल थी, आज 63 साल का हो गया हूं, फिरभी न्याय नहीं मिला। कुदरहा के अफजल हुसैन कहते हैं कि पिछले 20 से अपनी ही जमीन को पाने के लिए मुकदमा लड़ रहा हूं, मुकदमे में फंस कर एक बिस्वा जमीन बेच चुका हुं, फिर भी न्याय की उम्मीद नहीं हैं। साऊंघाट के कल्पनाथ यादव कहते हैं कि 15 साल से तारीख के सिवाय कुछ नहीं मिला। भानपुर के चंद्रभान कहते हैं कि जब फैसले का समय आता है, तो दोनों पक्षों में बोली लगाई जाती है, जिसकी बोली अधिक होती है, उसके पक्ष में निर्णय कर दिया जाता है।
विज्ञापन

चकबंदी के अधिवक्ता और चकबंदी विशेषज्ञ मदन सिंह कहते हैं कि चकबंदी का फैसला अधिकारियों के कार्य शैली पर निर्भर करता है। कहते हैं कि इसके लिए चकबंदी अधिकारियों को भी काश्तकारों के प्रति संवेदनशीलता रखनी चाहिए। वहीं प्रभारी एसओसी ने बताया कि साक्ष्य और गवाहों के कारण मुकदमे के निस्तारण में देरी हो जाती है। कहते हैं कि इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को भी सार्थक भूमिका निभानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चकबंदी आयुक्त ने जारी किया रोस्टर
20 साल से अधिक के लंबित चकबंदी के मुकदमें का निस्तारण करने के लिए चकबंदी आयुक्त ने रोस्टर जारी किया है। डीएम सहित विभाग के अधिकारियों को पुराने केस के मामले का शीघ्र निस्तारण करने को लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed