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सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालयों की भी डिग्रियों की जांच शुरू
Updated Tue, 13 Jun 2017 07:19 PM IST
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्व विद्यालय वाराणसी की शैक्षिक डिग्री पर वर्षों से नौकरी कर रहे पांच सौ से अधिक शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होगी । इस विश्वविद्यालय की डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। इससे पहले बस्ती में केसरवानी विद्यापीठ आगरा से फर्जी डिग्री पर नौकरी करने का मामला सामने आ चुका है।
हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से शैक्षिक डिग्री प्राप्त करके नौकरी करने वालों की जांच एक साथ पूरे प्रदेश में कर रही है। यह जांच फर्जी डिग्री के आधार पर बेसिक विभाग में भारी संख्या में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी करने की शिकायत पर हो रही है। बीएसए एमपी वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश पर संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय वाराणसी की डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच हो रही है।
विभाग के एक खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस विश्व विद्यालय से लगभग पांच सौ ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं। बताया कि यह वहीं लोग हैं, जो शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने हैं, इनमें 80 फीसदी महिलाओं की संख्या है। जांच का आदेश आते ही फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वालों में खलबली मची हुई है। इसी विभाग के एक अन्य अधिकारी का कहना है कि विभाग ने अगर जांच में ईमानदारी दिखाई तो कईयों की नौकरी जा सकती है, साथ ही विधिक कार्रवाई का सामना अलग से करना पड़ेगा।
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हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से शैक्षिक डिग्री प्राप्त करके नौकरी करने वालों की जांच एक साथ पूरे प्रदेश में कर रही है। यह जांच फर्जी डिग्री के आधार पर बेसिक विभाग में भारी संख्या में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी करने की शिकायत पर हो रही है। बीएसए एमपी वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश पर संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय वाराणसी की डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच हो रही है।
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विभाग के एक खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस विश्व विद्यालय से लगभग पांच सौ ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं। बताया कि यह वहीं लोग हैं, जो शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने हैं, इनमें 80 फीसदी महिलाओं की संख्या है। जांच का आदेश आते ही फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वालों में खलबली मची हुई है। इसी विभाग के एक अन्य अधिकारी का कहना है कि विभाग ने अगर जांच में ईमानदारी दिखाई तो कईयों की नौकरी जा सकती है, साथ ही विधिक कार्रवाई का सामना अलग से करना पड़ेगा।
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