{"_id":"5c0d4101bdec2241a26da0f1","slug":"101544372481-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों मे अभियान, अतिक्रमण से कराह रही सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों मे अभियान, अतिक्रमण से कराह रही सड़कें
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Sun, 09 Dec 2018 09:51 PM IST
विज्ञापन
गांधीनगर में सड़क की पटरियों पर किया गया अतिक्रमण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। शहर के हालात अतिक्रमण को लेकर अच्छे नहीं हैं। गली मोहल्ला तो दूर की बात है मुख्य चौराहे व बाजार भी इसकी चपेट में हैं। बुलंद हौसलों वाले अतिक्रमणकारी जहां पालिका की पटरी को किराए पर उठा दिए हैं वहीं सड़क व नालों पर भी इनका कब्जा हो चुका है। हालांकि प्रशासन ने इसे हटाने को लेकर दर्जनों बार प्रयास किए, मगर सब नाकाम रहा। पालिका की पटरी से अतिक्रमण खाली कराने की योजना भी खटाई में ही है।
शहर की सड़कें अतिक्रमण से कराह रही हैं। अभियान दर अभियान मगर परिणाम ढाक के तीन पात ही है। क्योंकि अभियान के बाद चंद रोज तो सब कुछ ठीक रहता है, मगर फिर हालात पहले जैसे ही हो जाते हैं। बात शुरू करते हैं शास्त्री चौक से यहां पटरियों पर अतिक्रमण के लिए दिन भर ठेला, आटो व टैक्सी स्टैंड कब्जा जमाए रहता है। यह तो हुआ अस्थायी अतिक्रमण। सुभाष तिराहे से लेकर कटरा मूड़घाट रोड तक तो अतिक्रमणकारियों ने अस्थायी कब्जा जमा रखा है। यहां पटरियों पर झोपड़ी व टेंट लगाकर कब्जा जमा लिया गया है, जिससे यह चौराहा दिनभर जाम रहता है। यही हाल कटरा पानी टंकी के पास का भी है। इसके बाद बढ़ते हैं कंपनी बाग की ओर। यहां मछली मंडी पटरी पर है तो सब्जी मंडी भी दूसरी ओर पटरी पर कब्जा जमाए हुए हैं। कुछेक दुकानदारों ने तो यहां पटरी को साइकिल व बाइक स्टैंड बना रखा है। कंपनी बाग की पटरियां भी अतिक्रमण के दर्द से कराहती हैं। इसके बाद गांधी नगर की बारी आती है। यहां के हालात और खराब हैं। यहां बड़े प्रतिष्ठानों के मालिकों ने तो पटरी भी किराए पर उठा दिया है, जो ठेला या स्टॉल इनकी दुकान के सामने लगता है वे पांच से छह हजार रुपये महीना किराया भी अदा करते हैं। यह स्थिति रोडवेज तक है। मालवीय मार्ग की बात इसी अतिक्रमण में शामिल है। यहां की दोनों पटरियां अतिक्रमण की मार झेल रही हैं। कई एक ने तो पालिका के नालों पर पक्का निर्माण कराकर नाला की जमीन को कब्जा कर लिया है। रोडवेज से आगे अस्पताल चौक तक पटरियों पर कृषि यंत्र व साइकिल व बाइक स्टैंड बनाए गए हैं। यही हाल पुरानी बस्ती क्षेत्र का है। दक्षिण दरवाजा से लेकर नई बाजार तक पटरियां अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। हालांकि इसकी शिकायत भी कई बार हुई, मगर जिम्मेदारों के सेहत पर इसका कोई असर नहीं है।
पालिका परिषद के ईओ डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ पालिका नोटिस देने जा रही है। रही किराए पर उठाने की बात तो यह संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ है तो संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई भी होगी। शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने की योजना पर पालिका काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर की सड़कें अतिक्रमण से कराह रही हैं। अभियान दर अभियान मगर परिणाम ढाक के तीन पात ही है। क्योंकि अभियान के बाद चंद रोज तो सब कुछ ठीक रहता है, मगर फिर हालात पहले जैसे ही हो जाते हैं। बात शुरू करते हैं शास्त्री चौक से यहां पटरियों पर अतिक्रमण के लिए दिन भर ठेला, आटो व टैक्सी स्टैंड कब्जा जमाए रहता है। यह तो हुआ अस्थायी अतिक्रमण। सुभाष तिराहे से लेकर कटरा मूड़घाट रोड तक तो अतिक्रमणकारियों ने अस्थायी कब्जा जमा रखा है। यहां पटरियों पर झोपड़ी व टेंट लगाकर कब्जा जमा लिया गया है, जिससे यह चौराहा दिनभर जाम रहता है। यही हाल कटरा पानी टंकी के पास का भी है। इसके बाद बढ़ते हैं कंपनी बाग की ओर। यहां मछली मंडी पटरी पर है तो सब्जी मंडी भी दूसरी ओर पटरी पर कब्जा जमाए हुए हैं। कुछेक दुकानदारों ने तो यहां पटरी को साइकिल व बाइक स्टैंड बना रखा है। कंपनी बाग की पटरियां भी अतिक्रमण के दर्द से कराहती हैं। इसके बाद गांधी नगर की बारी आती है। यहां के हालात और खराब हैं। यहां बड़े प्रतिष्ठानों के मालिकों ने तो पटरी भी किराए पर उठा दिया है, जो ठेला या स्टॉल इनकी दुकान के सामने लगता है वे पांच से छह हजार रुपये महीना किराया भी अदा करते हैं। यह स्थिति रोडवेज तक है। मालवीय मार्ग की बात इसी अतिक्रमण में शामिल है। यहां की दोनों पटरियां अतिक्रमण की मार झेल रही हैं। कई एक ने तो पालिका के नालों पर पक्का निर्माण कराकर नाला की जमीन को कब्जा कर लिया है। रोडवेज से आगे अस्पताल चौक तक पटरियों पर कृषि यंत्र व साइकिल व बाइक स्टैंड बनाए गए हैं। यही हाल पुरानी बस्ती क्षेत्र का है। दक्षिण दरवाजा से लेकर नई बाजार तक पटरियां अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। हालांकि इसकी शिकायत भी कई बार हुई, मगर जिम्मेदारों के सेहत पर इसका कोई असर नहीं है।
विज्ञापन
पालिका परिषद के ईओ डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ पालिका नोटिस देने जा रही है। रही किराए पर उठाने की बात तो यह संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ है तो संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई भी होगी। शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने की योजना पर पालिका काम कर रही है।
विज्ञापन