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...तो अधिकांश फुटकर दवा दुकान पर लगेगा ताला
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:46 AM IST
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...तो अधिकांश फुटकर दवा दुकान पर लगेगा ताला
नए नियम में दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट बैठने की अनिवार्यता
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। फुटकर दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता ने जिले में नया संकट खड़ा कर दिया है। एक सितंबर यानी शनिवार से यह नया नियम लागू हो जाएगा। इन स्थितियों के चलते अधिकांश फुटकर दवा दुकानों पर तो ताला लग जाएगा।
डीएम ने कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज निरीक्षण के दौरान ओपेक चिकित्सालय कैली के निकट स्थित दवा के फुटकर दुकानों पर छापा मारा। यहां सभी 18 दुकानों पर जहां खामियां पाई गईं, वहीं, कई दुकानें जिस फार्मासिस्ट के लाइसेंस पर ली गईं थीं उनका दूर-दूर तक पता नहीं था। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर डीएम डॉ. राजशेखर ने फुटकर दुकानों को नियमानुसार चलाने के निर्देश दिए। सभी दवा दुकानदारों को इसका पालन एक सितंबर से करने का निर्देश जारी कर दिया। इसके बाद कैली के निकट की सभी दुकानों का शटर बंद हो गया। यह स्थिति महज ओपेक चिकित्सालय के निकट दुकानों की ही नहीं है। जिले के अधिकांश दुकानें बगैर फार्मासिस्ट ही संचालित होती हैं। अब इस नए नियम के चलते पिछले तीन दिनों से फुटकर दवा की कई दुकानों पर ताला लटक जाएगा। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट के तहत दिए गए फुटकर दवा लाइसेंस की शर्तों में यह तय है, जिसका उल्लंघन करते फुटकर दुकानदार पाए जा चुके हैं। इस शर्त का पालन करने की जिम्मेदारी सभी की है।
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नए नियम में दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट बैठने की अनिवार्यता
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। फुटकर दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता ने जिले में नया संकट खड़ा कर दिया है। एक सितंबर यानी शनिवार से यह नया नियम लागू हो जाएगा। इन स्थितियों के चलते अधिकांश फुटकर दवा दुकानों पर तो ताला लग जाएगा।
डीएम ने कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज निरीक्षण के दौरान ओपेक चिकित्सालय कैली के निकट स्थित दवा के फुटकर दुकानों पर छापा मारा। यहां सभी 18 दुकानों पर जहां खामियां पाई गईं, वहीं, कई दुकानें जिस फार्मासिस्ट के लाइसेंस पर ली गईं थीं उनका दूर-दूर तक पता नहीं था। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर डीएम डॉ. राजशेखर ने फुटकर दुकानों को नियमानुसार चलाने के निर्देश दिए। सभी दवा दुकानदारों को इसका पालन एक सितंबर से करने का निर्देश जारी कर दिया। इसके बाद कैली के निकट की सभी दुकानों का शटर बंद हो गया। यह स्थिति महज ओपेक चिकित्सालय के निकट दुकानों की ही नहीं है। जिले के अधिकांश दुकानें बगैर फार्मासिस्ट ही संचालित होती हैं। अब इस नए नियम के चलते पिछले तीन दिनों से फुटकर दवा की कई दुकानों पर ताला लटक जाएगा। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट के तहत दिए गए फुटकर दवा लाइसेंस की शर्तों में यह तय है, जिसका उल्लंघन करते फुटकर दुकानदार पाए जा चुके हैं। इस शर्त का पालन करने की जिम्मेदारी सभी की है।
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