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दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष की सजा
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दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष की सजा
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में राम सुरेश को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही उसके ऊपर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अर्थदंड का आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया। 24 फरवरी 2018 को बच्चों के साथ खेल रही नौ वर्षीय नाबालिग बालिका को गांव का राम सुरेश गन्ने के खेत में लेकर चला गया। वहां उसने बालिका से दुष्कर्म किया। बालिका की चीख-पुकार सुनकर पहुंची उसकी सहेली उसे किसी तरह घर पर लेकर गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
शासकीय अभियोजन वंदना चौधरी ने बताया कि वादी ने सही ढंग से बयान अंकित नहीं कराया और घटना को संक्षिप्त करने का प्रयास किया। सहायक अभियोजन अखिलेश दुबे ने बताया कि पीड़िता ने अपने मुख्य परीक्षण में घटना का समर्थन किया तथा बाद में नजरअंदाज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तथा सबूत संकलित करते हुए एडीजीसी कमलेश चौधरी ने साक्ष्य के आधार पर कहा कि अभियुक्त ने वारदात को अंजाम दिया है। साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट आदि के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुना दी।
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बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में राम सुरेश को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही उसके ऊपर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अर्थदंड का आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया। 24 फरवरी 2018 को बच्चों के साथ खेल रही नौ वर्षीय नाबालिग बालिका को गांव का राम सुरेश गन्ने के खेत में लेकर चला गया। वहां उसने बालिका से दुष्कर्म किया। बालिका की चीख-पुकार सुनकर पहुंची उसकी सहेली उसे किसी तरह घर पर लेकर गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
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शासकीय अभियोजन वंदना चौधरी ने बताया कि वादी ने सही ढंग से बयान अंकित नहीं कराया और घटना को संक्षिप्त करने का प्रयास किया। सहायक अभियोजन अखिलेश दुबे ने बताया कि पीड़िता ने अपने मुख्य परीक्षण में घटना का समर्थन किया तथा बाद में नजरअंदाज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तथा सबूत संकलित करते हुए एडीजीसी कमलेश चौधरी ने साक्ष्य के आधार पर कहा कि अभियुक्त ने वारदात को अंजाम दिया है। साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट आदि के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुना दी।
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