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Bareilly News: पुलों पर सुरक्षा उपकरणों के बिना ही काम कर रहे मजदूर
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बरेली। हमीरपुर की बेतहा नदी पर निर्माणाधीन पुल का पिलर व स्लैब ढहने से चार मजदूरों व दो सुरक्षा गार्डों की मौत के बावजूद जिले के जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। यहां चल रहे तीन पुलों के निर्माण कार्यों की पड़ताल की गई तो मजदूर सुरक्षा उपकरण के बिना ही काम करते मिले। तेज धूप में उनके शरीर पर सेफ्टी जैकेट, हेलमेट, बूट, ग्लव्स आदि किसी प्रकार के सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे।
जिले में आठ मई को बरेली-मथुरा हाईवे पर कैंट थाना क्षेत्र के चौबारी में चालक भगवानदास की जाल गिरने से मौत हो गई थी। यह कार्य एनएचएआई बदायूं की तरफ से कराया जा रहा है। यहां पर भी मजदूर बगैर सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे थे। घटना के 23 दिन बाद भी निर्माण संस्थाओं की तरफ से कार्यस्थल पर मजदूरों के सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए। यदि निर्माण के दौरान कोई हादसा हुआ तो मजदूरों का बचना मुश्किल हो जाएगा। कार्यस्थल पर संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। परियोजना का नाम व लागत संबंधी बोर्ड भी नहीं दिखे। कार्यस्थल पर पानी का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
सुरक्षा उपकरण नदारद
फरीदपुर ब्लाॅक के टिसुआ व ग्राम हसनगंज के बीच कैलाश नदी पर सेतु पुल बनवाया जा रहा है। मौके पर पुल के फाउंडेशन का काम चल रहा है। यहां मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण का भी ध्यान नहीं दिया गया है। यह पुल 17.63 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मई 2026 में शुरू किया गया। वर्तमान में 10 फीसदी ही काम पूरा हो सका है। इसको अप्रैल 2027 तक पूरा किया जाएगा।
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मीरगंज में भी मानक दरकिनार
मीरगंज में सिधौली-नरखेड़ा मार्ग पर भाखड़ा नदी पर सेतु व पहुंच मार्ग पर काम चल रहा है। कार्यस्थल पर मशीनें व निर्माण सामग्री पहुंच रही है। यहां पर भी मजदूराें के सुरक्षा उपकरण का ख्याल नहीं रखा है। मौके पर काम कर रहे मजदूरों के शरीर पर सुरक्षा उपकरण नहीं थे। पुल 14.81 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। मई 2026 से चल रहा कार्य वर्तमान में 10 फीसदी तक पूरा हो गया है।
नवाबगंज में कभी भी हो सकता है हादसा
नवाबगंज के ग्राम नकटपुर व नहरपुर गौरीखेड़ा के बीच पनधैली नदी पर सेतु व पहुंच मार्ग बनवाया जा रहा है। यहां पर भी मजदूरों के हाथों में ग्लव्स नहीं था, जिससे उनका हाथ कट जा रहा है। साथ ही पैर में बूट व सिर पर धूप से बचाव के लिए हेलमेट तक नहीं था। जिससे मजदूर कभी भी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। इसकी कुल लागत 12.74 करोड़ है।
वर्जन
अभी जमीन स्तर का कार्य चल रहा है। अधिकांश कार्य मशीनों से कराया जाता है, इसलिए मौके पर 20 मजदूर कार्य करते मिले। इनके सुरक्षा मानकों का ख्याल रखा जाता है। जैसे-जैसे कार्य बढ़ता रहेगा, उसी प्रकार से सुरक्षा उपकरण बढ़ाए जाएंगे। - सुनील गिरि, सहायक अभियंता, सेतु निगम
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जिले में आठ मई को बरेली-मथुरा हाईवे पर कैंट थाना क्षेत्र के चौबारी में चालक भगवानदास की जाल गिरने से मौत हो गई थी। यह कार्य एनएचएआई बदायूं की तरफ से कराया जा रहा है। यहां पर भी मजदूर बगैर सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे थे। घटना के 23 दिन बाद भी निर्माण संस्थाओं की तरफ से कार्यस्थल पर मजदूरों के सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए। यदि निर्माण के दौरान कोई हादसा हुआ तो मजदूरों का बचना मुश्किल हो जाएगा। कार्यस्थल पर संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। परियोजना का नाम व लागत संबंधी बोर्ड भी नहीं दिखे। कार्यस्थल पर पानी का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
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सुरक्षा उपकरण नदारद
फरीदपुर ब्लाॅक के टिसुआ व ग्राम हसनगंज के बीच कैलाश नदी पर सेतु पुल बनवाया जा रहा है। मौके पर पुल के फाउंडेशन का काम चल रहा है। यहां मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण का भी ध्यान नहीं दिया गया है। यह पुल 17.63 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मई 2026 में शुरू किया गया। वर्तमान में 10 फीसदी ही काम पूरा हो सका है। इसको अप्रैल 2027 तक पूरा किया जाएगा।
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मीरगंज में भी मानक दरकिनार
मीरगंज में सिधौली-नरखेड़ा मार्ग पर भाखड़ा नदी पर सेतु व पहुंच मार्ग पर काम चल रहा है। कार्यस्थल पर मशीनें व निर्माण सामग्री पहुंच रही है। यहां पर भी मजदूराें के सुरक्षा उपकरण का ख्याल नहीं रखा है। मौके पर काम कर रहे मजदूरों के शरीर पर सुरक्षा उपकरण नहीं थे। पुल 14.81 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। मई 2026 से चल रहा कार्य वर्तमान में 10 फीसदी तक पूरा हो गया है।
नवाबगंज में कभी भी हो सकता है हादसा
नवाबगंज के ग्राम नकटपुर व नहरपुर गौरीखेड़ा के बीच पनधैली नदी पर सेतु व पहुंच मार्ग बनवाया जा रहा है। यहां पर भी मजदूरों के हाथों में ग्लव्स नहीं था, जिससे उनका हाथ कट जा रहा है। साथ ही पैर में बूट व सिर पर धूप से बचाव के लिए हेलमेट तक नहीं था। जिससे मजदूर कभी भी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। इसकी कुल लागत 12.74 करोड़ है।
वर्जन
अभी जमीन स्तर का कार्य चल रहा है। अधिकांश कार्य मशीनों से कराया जाता है, इसलिए मौके पर 20 मजदूर कार्य करते मिले। इनके सुरक्षा मानकों का ख्याल रखा जाता है। जैसे-जैसे कार्य बढ़ता रहेगा, उसी प्रकार से सुरक्षा उपकरण बढ़ाए जाएंगे। - सुनील गिरि, सहायक अभियंता, सेतु निगम