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कार्यकर्ता की बाइक के चालान से साख हुई खराब तो छेड़ा खनन पर मोर्चा

Wed, 02 Dec 2020 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 01:46 AM IST
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Worker's bike's challan has damaged credibility, waged mining front
demo photo - फोटो : अमर उजाला

चौकी प्रभारी गुस्साए पार्षद ने वीडियो टैग कर की थी खनन की शिकायत, दरोगा ने कहा था- आकर बंद करा लो
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अमर उजाला ने छापी थी खबर, दस दिनों से थी तनातनी, जांच के नाम पर अफसर लटकाए रहे मामला

बरेली। बैरियर वन चौकी प्रभारी और पार्षद के बीच मंगलवार को हुआ झगड़ा अनायास ही नहीं हुआ, बल्कि दस दिन पहले दोनों के बीच एक कार्यकर्ता की बाइक के चालान के बाद दोनों के बीच तनातनी शुरू हो गई थी। चालान से कार्यकर्ताओं के बीच अपनी साख खतरे में देख पार्षद ने चौकी प्रभारी के खिलाफ अवैध खनन को संरक्षण की शिकायत करके इस मोर्चे को खोल दिया था। इसके बाद से जहां एक तरफ दोनों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो रोजाना वायरल हो रहे थे तो वहीं बयानबाजी भी चल रही थी।
यातायात माह को लेकर पुलिस पर वाहनों के चालान का दबाव था। बीस नवंबर को चौकी प्रभारी कपिल कुमार चौकी के सामने चालान कर रहे थे। बताते हैं कि एक भाजपा कार्यकर्ता व पार्षद के नजदीकी की बाइक उन्होंने रोक ली और बिना हेलमेट के आरोप में चालान करने लगे। कार्यकर्ता ने पार्षद महेश राजपूत को कॉल की तो महेश ने चौकी प्रभारी को कॉल करके कार्यकर्ता को छोड़ने की सिफारिश की। चौकी प्रभारी ने सिफारिश को तवज्जो नहीं दी और एक हजार रुपये का चालान काट दिया। इससे महेश को अपने क्षेत्र में बात खराब होती दिखी।
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फिर महेश ने फोन करके चौकी प्रभारी से कहा- ‘आसपास इलाके में खनन हो रहा है। चौकी के सामने से लोड ट्रॉलियां निकल रही हैं, इन पर कार्रवाई क्यों नहीं करते।’ तब चौकी प्रभारी ने बड़ी तल्खी से जवाब दिया था कि आप आकर इसे बंद करा लो। यह जवाब तीखा लगने पर महेश ने यह कहकर कॉल काट दी कि यह तो आपका काम है। यह कॉल रिकार्डिंग वायरल होने के बाद महेश राजपूत से दरोगा और खिसिया गए। फिर महेश ने मिट्टी का खनन करके ले जाती ट्रालियों का वीडियो बनाकर उसे ट्विटर पर टैग करके एडीजी जोन से चौकी प्रभारी की शिकायत की थी। एडीजी ने सीओ तृतीय को जांच का आदेश दिया था। करीब नौ दिन से जांच लटकी पड़ी थी। जांच में कार्रवाई होती या दोनों को एक जगह बैठाकर गलतफहमी दूर की जाती तो मंगलवार को यह घटना न होती।
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पार्षद का हाथ पकड़कर खींचकर कहा- मेरी शिकायत करता है, तेरे खिलाफ केस करूंगा

महेश पक्ष के लोगों ने मंगलवार को झगड़े के दौरान के कुछ वीडियो क्लिप पुलिस के बड़े अधिकारियों को दी हैं। इनमें से एक में चौकी प्रभारी कपिल पार्षद को यह कहकर धमका रहे हैं- ‘मेरी झूठी शिकायतें करता है। तेरे खिलाफ मुकदमा करूंगा तो मानेगा।’ इसके बाद वह महेश का हाथ पकड़कर ले जाने लगे। महेश की पत्नी व मां ने चौकी प्रभारी को रोका तो उनसे भी अभद्रता की। मेयर की मौजूदगी में परिवार की महिलाएं भी मीडिया के सामने आईं। महेश की पत्नी का कहना था कि पिटाई से उनका हाथ नीला पड़ गया है। यही नहीं घर की कुर्सियां तोड़ दीं।

दूसरे मामले की जांच को गया था.. पार्षद ने जबरन मारपीट की

चौकी प्रभारी कपिल कुमार घटनाक्रम के बाद काफी घबराए हुए थे। सर्दी में भी उनके चेहरे पर पसीना था। मीडिया से बात करने में कतरा रहे थे। कह रहे थे कि किसी बबलू नाम के शख्स की शिकायत पर जांच को गए थे। महेश के घर के सामने बबलू का बयान लेते हुए इस लिहाज से वीडियो बना रहे थे ताकि वह बयान से पलट न जाए। इसी बीच महेश अपने घर से निकल आए और उनसे झगड़ा करने लगे। महेश व उनके साथियों ने सिपाही अरविंद का मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया, ताकि वीडियो बेकार हो जाए। मोबाइल टूट भी गया जिसे अधिकारियों को दिखाया गया। कपिल ने अपनी फटी वर्दी दिखाई और कहा कि महेश व उनके लोगों ने उन्हें घेरकर पीटा है। कहा कि सरकारी काम में बाधा की रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। चौकी प्रभारी के पक्ष में एक सिपाही ने पत्रकारों को बताया कि महेश दस दिन पहले खनन की ट्रॉली को अपनी बताकर छुड़वाने आए थे। उनकी बात न मानी तो फर्जी वीडियो नेट पर डाल दिया।

कार्यशैली से स्थानीय नेता और स्टाफ भी नाखुश

करीब एक महीने पहले कपिल कुमार को प्रेमनगर थाने से स्थानांतरित करके इज्जतनगर थाने की इस महत्वपूर्ण चौकी का प्रभारी बनाया गया था। यहां जनता से उनका संवाद अच्छा न होने के कारण स्थानीय नेता उनसे नाराज होने लगे थे। करमपुर चौधरी के भाजपा कार्यकर्ता दिलीप रस्तोगी ने उनके खिलाफ मांस तस्करों को संरक्षण देने व मिंटू सिंह ने खनन की शिकायत की थी। चर्चा है कि चौकी का कुछ कर्मचारी भी उनसे नाखुश थे। महेश के घर मौजूद कई नेताओं ने आरोप लगाए कि चौकी प्रभारी के चार्ज लेने के बाद इलाके में खनन, जुआ, सट्टा, अवैध शराब जैसे धंधे तेजी से बढ़ गए हैं।

एडीजी-डीआईजी से शिकायत के बाद किया गया लाइन हाजिर

जिला प्रभारी मंत्री को भी दी घटना की जानकारी
पार्षद के साथ हुई घटना के बाद भाजपाइयों ने एक बार फिर दमखम दिखाने की कोशिश की। शहर के आधे से ज्यादा पार्षद महेश के घर पहुंच गए। मेयर और शहर विधायक के जाने के बाद भी पार्षदों व स्थानीय नेताओं के गुट उनके कार्यालयों पर जाकर मंत्रणा करते रहे। मेयर व विधायक ने घटनाक्रम से एडीजी अविनाश चंद्र व डीआईजी राजेश पांडेय को अवगत कराया। अधिकारियों ने निष्पक्षता से कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया। भाजपाई चौकी प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट और निलंबन पर अड़े थे पर देर शाम उनके लाइनहाजिर होने की सूचना पर तात्कालिक जीत मानकर चुप हो गए। इस बीच मेयर ने जिला प्रभारी मंत्री मंत्री श्रीकांत शर्मा को भी फोन करके स्थिति बताई और महेश से शिकायत लिखवाकर उन्हें भेजी।

अफसरों ने पार्षद के घर दरोगा के पहुंचने को बताया गलत

पार्षद ने चौकी प्रभारी की शिकायत की थी जिसकी जांच चल रही थी। किसी भी वजह से सही, मगर चौकी प्रभारी को पार्षद के घर नहीं जाना चाहिए था। इसीलिए उन्हें लाइनहाजिर कर दिया गया। पूरे घटनाक्रम की जांच सीओ तृतीय को दी गई है। उनकी रिपोर्ट पर चौकी प्रभारी या पार्षद के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की तहरीर की भी जांच की जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, प्रभारी एसएसपी

पार्षद की पत्नी ने चौकी प्रभारी के खिलाफ दी मारपीट की तहरीर

पार्षद महेश राजपूत की पत्नी ने इज्जतनगर थाने में चौकी इंचार्ज के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। बताया कि दोपहर के समय गेट खटखटाया गया तो देखा कि बाहर एक दरोगा और दो सिपाही खडे़ थे। दरोगा ने पति के बारे में पूछते हुए अभद्रता की और कहा कि तेरा पति मेरी शिकायत अधिकारियों से करता है। उसे समझा लेना कि खनन की शिकायत वापस ले नहीं तो उसके हाथ पैर तोड़ दूंगा। आवाज सुनकर उनके पति बाहर आ गए। आरोप है कि चौकी इंचार्ज पति से मारपीट करने लगे। बीचबचाव कराने पर उन्हें भी धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और कपडे़ फाड़ दिए। एक कोने में दुबककर उन्होंने जान बचाई। फिर पति को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर चले गए। यह तहरीर भी अब सीओ की जांच का हिस्सा होगी।

चौकी प्रभारी के साथ गए सिपाही खड़े रहे, भू्मिका की जांच होगी

सूत्रों के मुताबिक चौकी प्रभारी के साथ घटना के वक्त दो सिपाही गए थे और तीसरा बाद में मौके पर आ गया। महेश व उनके लोगों से मारपीट के दौरान इन्हीं में से एक ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की तो इसे तोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि दरोगा से मारपीट के दौरान तीनों सिपाही दूर खड़े रहे और धरपकड़ या बीचबचाव की कोशिश नहीं की। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा है और चर्चा है कि इन सिपाहियों की भूमिका की जांच हो सकती है।

घूस का ऑडियो वायरल होने पर पूर्व चौकी प्रभारी भी हुए थे लाइन हाजिर

दो महीने पहले तक बैरियर वन चौकी के प्रभारी दिनेश कुमार सिंह थे। तब एक मोबाइल फोन व्यवसायी के खिलाफ प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के मामले में दर्ज रिपोर्ट की विवेचना थाने की महिला दरोगा को दी गई थी। महिला दरोगा ने बैरियर वन चौकी पर बैठकर व्यापारी से नाम निकालने को तीस हजार रुपये घूस की मांग की। ऑडियो वायरल होने पर उसे निलंबित कर दिया गया। उस ऑडियो में दिनेश कुमार की भी आवाज आ रही थी तो एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। बता दें कि दिनेश की एक ठेकेदार से हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थी। इसमें वह कह रहे थे कि कप्तान व थाना प्रभारी उन पर मामला निपटाने के लिए दबाव बना रहे हैं। आप जल्दी आकर इंस्पेक्टर से मुलाकात कर लो। दिनेश के लाइन हाजिर होने के बाद दो महीने में ही कपिल लाइन हाजिर हुए हैं।
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