फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Work in cyber police station caught pace, inspector and inspector joined

साइबर थाने में कामकाज ने पकड़ी रफ्तार, इंस्पेक्टर और दरोगा ने किया ज्वाइन

Tue, 09 Jun 2020 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 01:48 AM IST
विज्ञापन
Work in cyber police station caught pace, inspector and inspector joined
साइबर थाने आए पीड़ित से बातचीत करते दरोगा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

मंडल के उलझाऊ मामले ही होंगे ट्रांसफर, इकलौते मामले की विवेचना में जुटे इंस्पेक्टर

विज्ञापन
बरेली। एक जून को खुले रेंज के साइबर थाने की व्यवस्थाएं अब पटरी पर आने लगी हैं। पीलीभीत से इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने यहां आकर थाना प्रभारी पद का कार्यभार ले लिया है। तकनीकी दक्ष दरोगा भी ड्यूटी पर आ गए हैं।
जल्दबाजी में खोलने के बाद से अव्यवस्थाओं से जूझ रहे साइबर थाने में अब कामकाज रफ्तार पकड़ने लगा है। थाने को सीसीटीएनएस से जोड़कर जीडी चालू कर दी गई है। यहां एक एफआईआर भी पंजीकृत की गई है। वहीं तकनीकी स्टाफ बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। डीआईजी ने पीलीभीत में तैनात इंस्पेक्टर अनिल कुमार को प्रभारी बनाया है। सोमवार को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया। कंप्यूटर साइंस में बीटेक दरोगा शशांक सिंह के साथ दो अन्य दरोगाओं ने भी ज्वाइनिंग ले ली है। कुल मिलाकर अब नौ लोगों का स्टाफ यहां तैनात है।
विज्ञापन

रुहेलखंड विवि पहुंचे इंस्पेक्टर, प्रोफेसर के ईमेल हैक की जांच शुरू

एसएसपी के निर्देश पर रविवार को साइबर थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। इसमें रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग फैकल्टी के डीन प्रोफेसर शरद पांडेय की ओर से अज्ञात आरोपी के खिलाफ ई-मेल हैक करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने सोमवार को प्रोफेसर पांडेय से मुलाकात की। उनसे बात करके पता लगाने की कोशिश की कि साजिश के पीछे कोई स्थानीय शख्स तो नहीं है। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रोफेसर ने दो दिन में आंतरिक जांच करने के बाद उन्हें बुलाया है। इसके बाद वह उनके बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

साइबर थाने में तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ और संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। आईटी एक्ट के सभी केस यहां फिलहाल ट्रांसफर नहीं होंगे। फिलहाल उन्हीं केस को ट्रांसफर किया जाएगा जिन्हें जिला स्तर पर सुलझाने में कठिनाई आ रही होगी। इसी श्रेणी के नए अपराध सीधे दर्ज किए जा सकेंगे। - राजेश पांडेय, डीआईजी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed