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Bareilly News: व्रत का लिया संकल्प, आज गुड़ की खीर खाकर महिलाएं रखेंगी 36 घंटे का उपवास

Sun, 26 Oct 2025 03:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 03:05 AM IST
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Women will observe a 36-hour fast today, eating jaggery pudding.
छठी मईया की ठाट से आलोकित हो रहे सरोवर और घाट, गूंज रहे मंगल गीत
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बरेली। नहाय-खाय के साथ शनिवार को सूर्योपासना के महापर्व की शुरुआत हो गई। शहर में रह रहे बिहार और पूर्वांचल के परिवारों ने सुबह से ही घर की साफ-सफाई में जुटे रहे। महिलाओं ने स्नान कर चने की दाल, लौकी की सब्जी और चावल बनाया। इसका सेवन कर संतान की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत का संकल्प लिया। रविवार को खरने में गुड़ की खीर खाकर महिलाएं 36 घंटे का निर्जल उपवास शुरू करेंगी।
शहर के यूनिवर्सिटी कैंपस, इज्जतनगर स्थित शिव पार्वती मंदिर, बदायूं रोड, कैंट समेत अन्य इलाकों में छठ पूजा की धूम है। सरोवरों, घाटों व मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। छठी मईया के मंगल गीत गूंज रहे हैं। महिलाओं ने फलों की डलिया सजा ली है। छठ पर्व के तीसरे दिन सोमवार को महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण करेंगी।
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सूर्य के प्रति सम्मान व्यक्त करता है पर्व
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि छठ पूजा के जरिये लोग सूर्य के प्रति अपना सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं, क्योंकि सूर्य ही सभी प्राणियों को प्रकाश और जीवन प्रदान करते हैं। माना जाता है कि सूर्य ही जीवन और जीविका के चक्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। फसल की वृद्धि और किसानों की समृद्धि के लिए भी सूर्य की ऊर्जा बेहद महत्वपूर्ण है। प्राचीन संस्कृतियों में सूर्य को स्वास्थ्य और धन के देवता के रूप में दर्शाया गया है। बताया कि पंचांग के अनुसार खरना पूजा और प्रसाद अर्पण शाम 5:41 बजे के बाद कर सकते हैं।
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मिट्टी के नए चूल्हे पर बनेगी खीर
रविवार को खरना के लिए मिट्टी के नए चूल्हे में आम की लकड़ियों को जलाकर गुड़ की खीर बनाई जाएगी। मान्यता है कि इससे प्रसाद की पवित्रता बनी रहती है। पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम को छठी मईया को भोग लगाने के बाद महिलाएं यही खीर ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जल उपवास शुरू करेंगी। संवाद
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