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मच्छर खत्म नहीं होंगे, नियंत्रण ही उपाय
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:31 AM IST
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मच्छर खत्म नहीं होंगे, नियंत्रण ही उपाय
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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एसआरएमएस मेडिकल इंस्टीट्यूट में शनिवार से शुरू हुई 19वीं वार्षिक इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंट एंड सोशल मेडिसिन कांफ्रेंस में मच्छर और मच्छर जनित रोग छाए रहे। तमाम विशेषज्ञों ने इस पर जानकारी दी। नई दिल्ली से आए मच्छर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के महानिदेशक डॉ. एसी धारीवाल ने कहा कि इस समय मच्छर ने भारत ही नहीं पूरी दुनिया में कहर बरपा रखा है। मच्छर खत्म नहीं हो सकते, सिर्फ नियंत्रण ही एकमात्र उपाय है।
डॉ. धारीवाल ने कहा कि घराें में लगा मनीप्लांट, शहर में हो रहा निर्माण कार्य, प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग मच्छरों को पनपने में मदद कर रहा है। जहां कंस्ट्रक्शन चल रहा है वहां पानी की वजह से अधिक मच्छर होते हैं। लेकिन मजदूरों को इसे बचाने का कोई उपाय कंस्ट्रक्शन कंपनियां नहीं करतीं। दिल्ली में मच्छर का प्रकोप बढ़ने का यह एक कारण रहा। उन्हाेंने बताया कि कर्नाटक में एहतियाती कदम उठाए बिना कंस्ट्रक्शन करने वालों पर हाई पैनल्टी लगाई गई है। जल्द ही पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा। कहा कि मच्छर लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और 72 प्रतिशत आर्द्रता में पनपते हैं। अगर पानी इकट्ठा न होने दें तो इसे रोक सकते हैं। मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि मच्छराें से होने वाली बीमारी जापानी इंसेफेलाइटिस से जूझ रहे जिलों में जल्द ही इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर खुलेंगे। ये बच्चाें को हल्का बुखार होने पर ही इलाज शुरू कर देंगे। जिससे दिक्कत कम होगी।
जल्द होगी मलेरिया की आन द स्पॉट जांच
डॉ. धारीवाल ने बताया कि श्रीलंका ने मलेरिया को 2012 के बाद से अपने आसपास फटकने नहीं दिया और मलेरिया फ्री हुआ। इसके पीछे कारण आन द स्पॉट जांच रही। भारत में भी जल्द ही तुरंत मलेरिया की जांच होगी और रिजल्ट पता चलते ही दवा देंगे।
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डॉ. धारीवाल ने कहा कि घराें में लगा मनीप्लांट, शहर में हो रहा निर्माण कार्य, प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग मच्छरों को पनपने में मदद कर रहा है। जहां कंस्ट्रक्शन चल रहा है वहां पानी की वजह से अधिक मच्छर होते हैं। लेकिन मजदूरों को इसे बचाने का कोई उपाय कंस्ट्रक्शन कंपनियां नहीं करतीं। दिल्ली में मच्छर का प्रकोप बढ़ने का यह एक कारण रहा। उन्हाेंने बताया कि कर्नाटक में एहतियाती कदम उठाए बिना कंस्ट्रक्शन करने वालों पर हाई पैनल्टी लगाई गई है। जल्द ही पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा। कहा कि मच्छर लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और 72 प्रतिशत आर्द्रता में पनपते हैं। अगर पानी इकट्ठा न होने दें तो इसे रोक सकते हैं। मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि मच्छराें से होने वाली बीमारी जापानी इंसेफेलाइटिस से जूझ रहे जिलों में जल्द ही इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर खुलेंगे। ये बच्चाें को हल्का बुखार होने पर ही इलाज शुरू कर देंगे। जिससे दिक्कत कम होगी।
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जल्द होगी मलेरिया की आन द स्पॉट जांच
डॉ. धारीवाल ने बताया कि श्रीलंका ने मलेरिया को 2012 के बाद से अपने आसपास फटकने नहीं दिया और मलेरिया फ्री हुआ। इसके पीछे कारण आन द स्पॉट जांच रही। भारत में भी जल्द ही तुरंत मलेरिया की जांच होगी और रिजल्ट पता चलते ही दवा देंगे।
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