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पीलीभीत और शाहजहांपुर में लगा झटका तो बरेली में सतर्क हुई सपा

Wed, 30 Jun 2021 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 01:03 AM IST
सार

जिला पंचायत अध्यक्ष की चुनावी जंग में भाजपा के हमलों से बचाव के लिए आनन-फानन बैठक बुलाकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया मंथन
 

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When there was a setback in Pilibhit and Shahjahanpur, SP became alert in Bareilly
demo photo - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

किसी की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई तो हाईकमान से की जाएगी निष्कासन की सिफारिश

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बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पीलीभीत और शाहजहांपुर में तगड़ा झटका लगने के बाद सपा बरेली में और सतर्क हो गई है। सोमवार को आनन-फानन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाकर भाजपा के हमलों का जवाब देने की रणनीति बनाई गई। हर हालत में सपा के उम्मीदवार को जिताने का संकल्प लिया गया। चेतावनी भी दी कि अगर चुनाव में किसी की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उसके निष्कासन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखा जाएगा।
समाजवादी पार्टी की बैठक में कहा गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी काफी मजबूत स्थिति में है लिहाजा इसमें कहीं कोई चूक नहीं होने देनी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि इस चुनाव में कहीं कोई लापरवाही न होने दी जाए। जिलाध्यक्ष अगम मौर्य ने कहा कि पंचायत चुनाव पर पार्टी का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। यदि कहीं भी किसी ने गड़बड़ी की तो जिला संगठन की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष से उसके निष्कासन के लिए संस्तुति की जाएगी। बैठक में चुनाव के कई दूसरे पहलुओं पर भी बात की गई। भाजपा के दांव-पेच से बचने के साथ दूसरी पार्टियों और निर्दलीय सदस्यों का समर्थन जुटाने पर भी चर्चा हुई। पार्टी के नेताओं के साथ कई कार्यकर्ताओं ने भी इस संबंध में सुझाव दिए। इसके लिए कई नेताओं की जिम्मेदारी भी तय की गई।
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जिलाध्यक्ष कहा कि जिला पंचायत चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित है। पार्टी पूरी तरह एकजुट है और हमारे पास बहुमत है। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करके समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के सदस्यों पर झूठे मुकदमे लगाकर नाजायज दबाव बना रही है लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है। भाजपा के इस दमन चक्र का पार्टी जमकर मुकाबला करेगी। बैठक में पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, अताउर रहमान, पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर, पूर्व विधायक शहजिल इस्लाम, महिपाल सिंह यादव, विजय पाल सिंह और रविंद्र यादव, अरविंद गंगवार, शुभलेश यादव, सतेंद्र यादव, प्रवक्ता मयंक शुक्ला मोंटी, भूपेंद्र कुर्मी, सरफराज वली, सैफ वली आदि नेता मौजूद थे।
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव की रणनीति चार सेट में परचा भरवाएगी सपा

सपा के नेताओं ने बैठक में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए भी रणनीति तैयार की। कहीं कोई चूक न हो इसके लिए ब्लॉक प्रमुख चुनाव में उम्मीदवारों का चार सेट में नामांकन दाखिल कराने का फैसला लिया गया। इसमें से तीन सेट पार्टी प्रत्याशी तैयार कराएंगे जबकि एक सेट पार्टी संगठन की ओर से तैयार कराया जाएगा। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी ताकि परचा खारिज होने की कोई गुंजाइश न रहे।

कोई परचा वापस नहीं, सपा और भाजपा के बीच सीधी टक्कर

बरेली। पीलीभीत और शाहजहांपुर में जिस तरह अचानक पासा पलटा, उसे देखते हुए बरेली में भी सरगर्मियां बढ़ गईं। चूंकि मंगलवार को ही नामांकन वापसी होनी थी लिहाजा बरेली में भी चर्चाओं का बाजार गरम होने के साथ लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए। हालांकि तय समय के आखिर तक कोई परचा वापस न होने के बाद तय हो गया कि बरेली में भाजपा और सपा में सीधी टक्कर होगी। फिलहाल दोनों में से किसी दल के पास बहुमत नहीं है। जीत के लिए भाजपा को 18 और सपा को पांच सदस्यों की दरकार है।
जिला पंचायत के चुनाव में सपा के समर्थन से 26 सदस्य जीते थे और भाजपा के समर्थन से 13 सदस्य। इस लिहाजा से संख्या बल में सपा का पलड़ा भारी माना जा रहा है। हालांकि इसके बावजूद भाजपा लगातार जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतने का दावा कर रही है लिहाजा मतदान का मौका आने तक यह खेल और दिलचस्प होने की उम्मीद है। बता दें कि जिला पंचायत में बसपा के छह, एएमआईएम का एक और निर्दलीय सदस्यों की संख्या 14 है। भाजपा और सपा इन्हीं सदस्यों की मदद से बहुमत का आंकड़ा छूने की कोशिश कर रही हैं। दोनों दलों के नेता क्रॉस वोटिंग की आशंका से भी परेशान है। बहुमत के लिए दूसरे सदस्यों का समर्थन जुटाने के साथ अपने सदस्यों को सेंध लगने से बचाए रखना दोनों दलों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

आशंकित सपा ने अपने सदस्यों को गैर भाजपा शासित राज्यों में भेजा

बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। भाजपा से खतरा महसूस कर रही सपा ने सोमवार को अपने 26 सदस्यों में से 22 को गैर भाजपा शासित राज्यों के लिए रवाना कर दिया। अब तक शहर में ही पीलीभीत बाईपास के एक होटल में ठहरे ये सभी सदस्य अब चुनाव से एक दिन पहले दो जुलाई की देर रात बरेली लौटेंगे।
सपा ने सोमवार को अपने सदस्यों को मिठाई खिलाकर रवाना किया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक चुनाव में एक-एक वोट की अहमियत देखते हुए सपा के नेता इस आशंका से परेशान थे कि कहीं सत्ता के दबाव में उनके सदस्यों पर कोई दबाव न बनाया जाए और इस वजह से वे कहीं उनसे पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान ही न करा पाएं। बरेली में मजबूत स्थिति होने की वजह से पार्टी हाईकमान भी यहां चुनाव हर हालत में जीतने का साफ संदेश दे चुका है ताकि विधानसभा चुनाव से पहले यह संदेश भी चला जाए कि भाजपा का सामना करने में सिर्फ सपा सक्षम है। हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी प्रत्याशी का नामांकन न करा पाने वाले जिलाध्यक्षों को हटाकर यह संदेश दिया है कि जहां टीम कमजोर पड़ेगी वहां सीधी कार्रवाई की जाएगी। सपा नेताओं का दावा है कि उन्होंने निर्दलीयों और विपक्षी दलों के पर्याप्त सदस्यों का समर्थन हासिल कर बहुमत हासिल कर लिया है। हालांकि इस दावे में कितनी सच्चाई है, यह तीन जुलाई को पता चलेगा।

गुटबाजी की भेंट न चढ़े चुनाव लखनऊ बुलाए गए वरिष्ठ नेता

जिला पंचायत चुनाव के बारे में विस्तार से चर्चा करेगा पार्टी नेतृत्व
बरेली। जिला पंचायत में भाजपा से दुगने सदस्य होने के बावजूद चुनाव पर पकड़ ढीली पड़ने की आशंका से जिले का सपा नेतृत्व जीतोड़ कोशिश कर रहा है। कई स्थानीय दिग्गजों को लखनऊ बुलाया गया है ताकि उन्हें समय रहते आगाह कर दिया जाए कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव वे किसी भी हालत में गुटबाजी की भेंट न चढ़ने दें।

सपा में काफी समय से गुटबाजी चल रही है जो अक्सर बैठकों में खुलकर सामने आ चुकी है। फिलहाल पार्टी में तीन धडे़ सक्रिय है जो एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करते रहते हैं। गुटबाजी के मामले हाईकमान की भी जानकारी में हैं लिहाजा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही सपा नेतृत्व ने सभी को चेता दिया है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को लखनऊ भी बुलाया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश स्तर के नेता स्थानीय दिग्गजों से विस्तार से बात करके जानकारी लेंगे कि जिला पंचायत चुनाव में पार्टी की क्या स्थिति है और बहुमत होने के दावों में कितना दम है। पार्टी को किन सदस्यों का साथ मिल रहा है, यह जानकारी भी नेतृत्व इन नेताओं से लेगा।
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