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Bareilly News: जोनल अधिकारियों का रोका वेतन तो कार्रवाई में आई तेजी
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बरेली। नगर निगम के जोनल अधिकारियों का वेतन रोके जाने के बाद गृहकर वसूली में तेजी आई है। चारों जोन में दो सौ भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। शनिवार को अवकाश के दिन भी कर विभाग के अधिकारी डटे रहे।
जीआईएस सर्वे के बाद गृहकर बिलों में गड़बड़ियों की वजह से वसूली भी प्रभावित हुई है। शहरवासियों पर 26 सौ करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है। इससे विकास कार्याें में भी परेशानी हो रही है। शुक्रवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कर वसूली की समीक्षा की थी और अग्रिम आदेश तक जोनल अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए थे।
वसूली के मामले में जोन एक के प्रमोद भारती एवं सुलेमान बेग समेत जोन चार के सच्चिदानंद, कपिल कुमार फिसड्डी साबित हुए हैं। वहीं, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा को नियमित रूप से समीक्षा करने की हिदायत भी दी थी। इसी क्रम में शनिवार को अवकाश के दौरान भी जोनल अधिकारियों ने काम किया। शनिवार को ही सौ से अधिक बकायेदारों को नोटिस जारी किए गए।
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नगर निगम की सीमा में 1.95 लाख करदाता हैं। 40 से 42 हजार व्यवसायिक उपभोक्ता समेत सरकारी विभाग भी शामिल हैं, जिन पर 20 से 25 लाख रुपये तक बकाया है। कर वसूली में पिछड़ने पर मंडलायुक्त भी जिम्मेदारों को फटकार लगा चुकी हैं, पर स्थिति नहीं सुधर रही है। बीच-बीच में कर विभाग के अधिकारियों के लंबी छुट्टी पर जाने की वजह से भी काम प्रभावित होता है। संवाद
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टीमें वसूली में लगी हुई हैं। अधिकारियाें से निर्देश मिलते ही बकायेदारों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुर्की के नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। - प्रदीप कुमार मिश्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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जीआईएस सर्वे के बाद गृहकर बिलों में गड़बड़ियों की वजह से वसूली भी प्रभावित हुई है। शहरवासियों पर 26 सौ करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है। इससे विकास कार्याें में भी परेशानी हो रही है। शुक्रवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कर वसूली की समीक्षा की थी और अग्रिम आदेश तक जोनल अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए थे।
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वसूली के मामले में जोन एक के प्रमोद भारती एवं सुलेमान बेग समेत जोन चार के सच्चिदानंद, कपिल कुमार फिसड्डी साबित हुए हैं। वहीं, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा को नियमित रूप से समीक्षा करने की हिदायत भी दी थी। इसी क्रम में शनिवार को अवकाश के दौरान भी जोनल अधिकारियों ने काम किया। शनिवार को ही सौ से अधिक बकायेदारों को नोटिस जारी किए गए।
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नगर निगम की सीमा में 1.95 लाख करदाता हैं। 40 से 42 हजार व्यवसायिक उपभोक्ता समेत सरकारी विभाग भी शामिल हैं, जिन पर 20 से 25 लाख रुपये तक बकाया है। कर वसूली में पिछड़ने पर मंडलायुक्त भी जिम्मेदारों को फटकार लगा चुकी हैं, पर स्थिति नहीं सुधर रही है। बीच-बीच में कर विभाग के अधिकारियों के लंबी छुट्टी पर जाने की वजह से भी काम प्रभावित होता है। संवाद
टीमें वसूली में लगी हुई हैं। अधिकारियाें से निर्देश मिलते ही बकायेदारों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुर्की के नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। - प्रदीप कुमार मिश्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।