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सौ करोड़ की सीमा में जब मध्यम आएं तो लघु उद्योग कहां जाएं

Sat, 16 May 2020 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 01:42 AM IST
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When mediums are in the range of 100 million, where should the small scale industries go?
रूपया(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
बरेली। वित्त मंत्री की घोषणा के मुताबिक सौ करोड़ तक के टर्नओवर वाले उद्योगों को मध्यम उद्योग की श्रेणी में रखे जाने से उन्हें एमएसएमई को दी जाने वाली वाली तमाम राहत के साथ बैंक लोन में भी प्राथमिकता मिलेगी। कुछ उद्यमी इस बात पर असंतोष जता रहे हैं कि कुटीर उद्योग की श्रेणी में आने वाले छोटे पैमाने पर काम करने वाले कारोबारियों के हिस्से में फिलहाल इंतजार ही आया है।
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दरअसल केंद्र सरकार की घोषणाओं को राजनीतिक नजरिये से भी देखा जाना शुरू हो गया है। विपक्षी दलों की राजनीति से जुड़े उद्यमी इस पैकेज की खामियां गिना रहे हैं तो दूसरी ओर आम उद्यमी इसे कोरी सियासत करार दे रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मनाना है कि सौ करोड़ के टर्नओवर वाले उद्योगों को मध्यम उद्यमी मानने से बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि वे एमएसएमई स्कीम का लाभ ले सकते हैं। यानी अगर इस समय किसी उद्यमी का कारोबार 50 करोड़ का है और वह उसे बढ़ाना चाहता है तो उसे इस योजना के तहत बैंक से लोन पास कराने में आसानी होगी, क्योंकि इस स्कीम में बैंकों को 60 प्रतिशत का लोन देना होता है। हालांकि छोटे स्केल पर काम करने वाले उद्यमियों जिनके पास कम पूंजी है और वे अपने दम पर कारोबार को आगे नहीं बढ़ा सकते, उनके लिए सरकार की ओर से कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है।
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एमएसएमई की नई परिभाषा

माइक्रो: एक करोड़ तक के निवेश और पांच करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले उद्योग
स्माल: 10 करोड़ तक के निवेश और 50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले उद्योग
मीडियम: 20 करोड़ रुपये तक के निवेश और सौ करोड़ तक के टर्नओवर वाले
एमएसएमई में बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर कारोबारियों को लोन देना होता है। सौ करोड़ तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को मध्यम श्रेणी मानने से उद्यमियों को इसका काफी फायदा मिलेगा। -ओपी बढ़ेरा, लीड बैंक मैनेजर
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बैंक न बिगाड़ दें सरकार के प्रयास

सरकार ने भले ही औद्योगिक इकाइयों को खराब हालत से उबारने के लिए उन्हें लोन देने की योजना लागू की है लेकिन वास्तविकता यह है कि बैंकों में फैला भ्रष्टाचार सरकार के मंसूबों पर पानी फेर देगा।- अजय शुक्ला, अध्यक्ष भोजीपुरा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
केंद्र सरकार ने पैकेज में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है कि 200 करोड़ से कम का लोन नही मिलेगा। लोन लेने की कोई सीमा तय नही है।- पीयूष अग्रवाल, अध्यक्ष आईआईए
उद्योग को ऑक्सीजन देने के लिये जारी पैकेज में लोन लेने की कोई सीमा तय नही है। लेकिन बैकों की कार्यशैली से सभी अवगत हैं। बैंकों से साथ मिलने पर ही योजना साकार होगी।-केके चंदानी, उधमी परसाखेड़ा

बैंकों का साथ मिलना जरूरी है। सरकार ने लोन योजना के माध्यम से कारोबार की स्थिति सुधारने के लिये ही राहत पैकेज जारी किया। इसमें लोन लेने की कोई सीमा तय नहीँ है।- सुदेश अग्रवाल, व्यापारी नेता
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