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GST: जीएसटी लागू हुआ तो बकाया वैट को भूले व्यापारी, खंगाला जा रहा रिकॉर्ड... कसेगा शिकंजा

Mon, 15 Apr 2024 05:26 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 15 Apr 2024 05:26 PM IST
सार

Bareilly News: बरेली में अभी बड़ी तादाद में ऐसे व्यापारी हैं, जिनके नाम आरसी जारी हुई है, लेकिन उन्होंने वैट का भुगतान नहीं किया है। विभाग ऐसे व्यापारियों की जांच चल रही है। इन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। 

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When GST was implemented, traders forgot the outstanding VAT in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में पंजीकरण करवाकर करीब छह साल से वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) की भरपाई करने से बच रहे व्यापारियों पर राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग और शिकंजा कसेगा। विभाग ऐसे 1022 व्यापारियों से दो करोड़ रुपये वसूल चुका है।

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अभी बड़ी तादाद में ऐसे व्यापारी हैं, जिनके नाम आरसी जारी हुई है, लेकिन उन्होंने वैट का भुगतान नहीं किया है। ऐसे व्यापारियों की जांच चल रही है और जल्द कार्रवाई होगी। विभाग ऐसे कारोबारियों के कैश क्रेडिट लेजर से खुद ही सीधे बकाया जमा कर ले रहा है। इस स्मार्ट वसूली की जानकारी व्यापारियों को बाद में हो रही है। बरेली जोन के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ओपी चौबे के मुताबिक 1022 व्यापारियों से अब तक वसूली की गई है। 
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बाकी बकायेदारों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। मिलान के बाद इनके कैश क्रेडिट लेजर को जांचा जाएगा। मौजूदा स्थिति में कर बकाया होने पर उसे सीधे वसूल लिया जाएगा। क्योंकि व्यापारियों से आरसी के तहत बकाया टैक्स जमा कराने के लिए जब टीम पहुंचती है तो वे रुपये न होने की बात कहकर वापस कर देते हैं। ऐसे में ऑनलाइन ही कैश क्रेडिट लेजर से वसूली की जा रही है।

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ये है मामला 
एक जुलाई 2017 को पूरे देश में वैट को वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी में बदल दिया गया था। जीएसटी में बदलाव से पहले बड़ी तादाद में व्यापारियों ने वैट का भुगतान नहीं किया था। वे वैट पंजीकरण समाप्त होने के बाद जीएसटी में पंजीकृत हो गए। नया पंजीकरण होने से पूर्व का बकाया जमा कराना विभाग के लिए आसान नहीं रहा। 

चूंकि, प्रकरण में ऐसे व्यापारियों को पूर्व में ही आरसी जारी हो गई थी। इसलिए बीते दिनों ऐसे व्यापारियों की पड़ताल करने के निर्देश मुख्यालय से दिए गए। इसी के तहत जोन स्तर पर बरेली में छानबीन शुरू हुई है।

आरसी जारी तो अनुमति की कोई जरूरत नहीं
अधिकारियों के मुताबिक नियमानुसार रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी होने के बाद वसूली के लिए व्यापारी की अनुमति जरूरी नहीं होती। व्यापारियों के लेजर में अगर रुपये मौजूद हैं और वह कर जमा करने से आनाकानी कर रहा है तो सीधे वसूली हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों इस तरह कर वसूले जाने के बाद कई व्यापारियों के आपत्ति करते हुए कॉल भी आए थे। उन्हें आरसी के बारे में जानकारी दी गई तो वे जवाब नहीं दे सके।

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