UP Weather: बरेली में दिन-रात के तापमान 16 डिग्री का अंतर, बीमार हो रहे बच्चे और बुजुर्ग; रखें ख्याल
मौसम के अजब-गजब मिजाज देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास हो रहा है तो रात में ठिठुरन बरकरार है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
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बरेली में हवा की दिशा बदलने से दिन में धूप और रात में ठिठुरन बरकरार है। दिन और रात के तापमान में 16 डिग्री के अंतर से अस्पतालों में जोड़ों के दर्द, बुखार, खांसी आदि के मरीज पहुंच रहे हैं। खांसी के मरीजों को कई केंद्रों पर कफ सिरप नहीं मिला। बच्चा वार्ड में कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे भर्ती हो रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार रात का तापमान 8.5 और दिन का 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि दिन और रात के तापमान में भारी अंतर होने पर जरा सी बेपरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है। दिन में गुनगुनी धूप का आनंद लेने से लोग शाम को होने वाली ठंड के प्रति गंभीर नहीं होते। गर्म कपड़े हटाने से नमी युक्त हवा शरीर में जकड़न की वजह बनती है।
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वहीं, धूप के दौरान ठंडे पेय पदार्थ या फ्रिज में रखी वस्तु के सेवन से गले में संक्रमण की आशंका रहती है। बताया कि ओपीडी में निमोनिया और सांस संबंधी समस्या के चपेट में आने वाले की तादाद कम हो रही है। रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेला में त्वचा रोग के लिए प्रयोग होने वाला बेंजिल बेंजोएट लोशन नहीं मिला। कई केंद्रों पर बच्चों और बड़ों के लिए कफ सिरप भी कम पड़ गया। मेडिकल स्टोर से दवा ली।
मेडिकल ट्रीटमेंट समेत 12 मरीज हायर सेंटर रेफर
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक रविवार को 71 स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला आयोजित हुआ। 3,640 मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। इनमें इलाज को पहुंचे सात सौ बच्चों में ज्यादातर कोल्ड डायरिया के चपेट में रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि धूप में बच्चे बगैर हल्के गर्म कपड़े पहने खेल रहे हैं। खानपान में बेपरवाही से कोल्ड डायरिया से जुकाम, बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए आठ मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया। कोल्ड डायरिया के दो बच्चे और दो मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भेजे गए।