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बदलता मौसम बच्चों के लिए खतरनाक.. दे रहा निमोनिया
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बरेली। अगर बच्चे की नाक से लगातार पानी बह रहा हो और बदन तप रहा हो तो घर में ही दवाई देकर आराम होने की उम्मीद न करें। बच्चे को निमोनिया हो सकता है। उसे तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस समय 12 बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र के अनुसार बार-बार बदलता मौसम बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। सुबह, दोपहर और शाम के बीच मौसम में अचानक बदलाव हो जाता है। इससे बच्चों की सेहत गड़बड़ा रही है। रात में ठंडक बढ़ने से बच्चे सर्दी-खांसी की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। वहीं बच्चों के अलावा बड़े भी मौसम के बदलाव से परेशान हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में ढाई हजार से अधिक मरीज पहुंचे, जिनमें सर्दी से प्रभावित होने वाले ज्यादा थे।
फिजीशियन डॉ. वीके धस्माना ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इस समय सिर दर्द होना, आंख से पानी आना, शरीर का गर्म होना, नाक से पानी आना, बार-बार खांसी होना, लगातार छींक होना, शरीर ऐंठना की शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि ठंड लगने से सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया, कोल्ड डायरिया और फ्लू की आशंका रहती है। लिहाजा जरा भी तकलीफ होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि संभव हो तो सुबह-शाम पूरे परिवार अपने घर या आंगन में अलाव की व्यवस्था करें। पीने में गर्म पानी का प्रयोग करे।
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इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों की सर्दी खांसी को हल्के में नहीं लें।
घर में बड़े व्यक्ति को बुखार या सर्दी हुई है तो उन्हें बच्चों से दूर रहना चाहिए।
बाहर से आने पर हाथ धोकर ही बच्चों को स्पर्श करें।
बच्चों को सर्दी-खांसी होने पर रूमाल, मास्क आदि का उपयोग करें।
निमोनिया की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कर पूरा इलाज करवाएं।
निगम कर्मियों ने की सीवर टैंक की सफाई
बरेली। अस्पताल में दो दिनों से सीवर का गंदा पानी परिसर में भरा था। इससे इमरजेंसी जाने वाले मरीजों को दिक्कतें हो रही थी। सोमवार को निगम कर्मियों ने सीवर टैंकों की सफाई की।
झुलसी वृद्धा की उपचार के दौरान मौत
बरेली। सिविल लाइन क्षेत्र के बिहारीपुर निवासी 70 वर्षीय सावित्री देवी पत्नी मोहन लाल शनिवार को घर में तापते समय आग की चपेट में आकर झुलस गई थीं। परिजन ने उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया। यहां बर्न वार्ड में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी।
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जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस समय 12 बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र के अनुसार बार-बार बदलता मौसम बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। सुबह, दोपहर और शाम के बीच मौसम में अचानक बदलाव हो जाता है। इससे बच्चों की सेहत गड़बड़ा रही है। रात में ठंडक बढ़ने से बच्चे सर्दी-खांसी की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। वहीं बच्चों के अलावा बड़े भी मौसम के बदलाव से परेशान हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में ढाई हजार से अधिक मरीज पहुंचे, जिनमें सर्दी से प्रभावित होने वाले ज्यादा थे।
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फिजीशियन डॉ. वीके धस्माना ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इस समय सिर दर्द होना, आंख से पानी आना, शरीर का गर्म होना, नाक से पानी आना, बार-बार खांसी होना, लगातार छींक होना, शरीर ऐंठना की शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि ठंड लगने से सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया, कोल्ड डायरिया और फ्लू की आशंका रहती है। लिहाजा जरा भी तकलीफ होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि संभव हो तो सुबह-शाम पूरे परिवार अपने घर या आंगन में अलाव की व्यवस्था करें। पीने में गर्म पानी का प्रयोग करे।
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इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों की सर्दी खांसी को हल्के में नहीं लें।
घर में बड़े व्यक्ति को बुखार या सर्दी हुई है तो उन्हें बच्चों से दूर रहना चाहिए।
बाहर से आने पर हाथ धोकर ही बच्चों को स्पर्श करें।
बच्चों को सर्दी-खांसी होने पर रूमाल, मास्क आदि का उपयोग करें।
निमोनिया की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कर पूरा इलाज करवाएं।
निगम कर्मियों ने की सीवर टैंक की सफाई
बरेली। अस्पताल में दो दिनों से सीवर का गंदा पानी परिसर में भरा था। इससे इमरजेंसी जाने वाले मरीजों को दिक्कतें हो रही थी। सोमवार को निगम कर्मियों ने सीवर टैंकों की सफाई की।
झुलसी वृद्धा की उपचार के दौरान मौत
बरेली। सिविल लाइन क्षेत्र के बिहारीपुर निवासी 70 वर्षीय सावित्री देवी पत्नी मोहन लाल शनिवार को घर में तापते समय आग की चपेट में आकर झुलस गई थीं। परिजन ने उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया। यहां बर्न वार्ड में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी।