{"_id":"6420a6dde1d2935e0909d4c4","slug":"we-will-also-win-medals-if-boxing-rings-are-made-in-the-stadium-bareilly-news-c-4-1-108520-2023-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: स्टेडियम में बने बॉक्सिंग रिंग तो हम भी जीतेंगे पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: स्टेडियम में बने बॉक्सिंग रिंग तो हम भी जीतेंगे पदक
विज्ञापन
बरेली। 15 से 25 मार्च तक नई दिल्ली में हुई महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत ने चार पदक अपने नाम किए हैं। ओलंपियन लवलीना बोरगोहेन, निकहत जरीन, नीतू घणघस व स्वीटी बूरा ने अपने-अपने भारवर्ग में पदक जीते। स्टेडियम में सोमवार को होने वाले फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे 20 से 30 बॉक्सरों में इससे खुशी की लहर दौड़ गई है। उनको उम्मीद है कि यहां भी जल्दी बॉक्सिंग रिंग तैयार होगी। बॉक्सरों ने कहा कि सुविधाएं मिलें तो भविष्य में हम भी देश के लिए पदक जीतेंगे।
-- -
कोरोना की वजह से बॉक्सिंग रुक सी गई थी। खिलाड़ियों का मनोबल टूट रहा था। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से उम्मीद जगी है। रिंग बनवाने के लिए स्टेडियम में प्रार्थनापत्र दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ होगा। - सौम्या
नीतू का मुकाबला सबसे शानदार था। अंत तक पता नहीं था की मेडल भारत को मिलेगा भी या नहीं। मंगोलिया की खिलाड़ी ने काफी अच्छी टक्कर दी। यह देखकर अच्छा लगा की नए खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। - मिमांसा पांडेय
विज्ञापन
स्वीटी के मुकाबले में जब फैसला रिव्यू के लिए गया तो लगा कि कहीं जीती हुई बाजी हार में न बदल जाए, लेकिन आखिरी में जीत भारत की हुई। शहर के लोगो में भी बॉक्सिंग का क्रेज बढ़ रहा है। स्टेडियम में रिंग बने तो दोबारा प्रैक्टिस शुरू हो। - नंदिनी
निकहत जरीन और लवलीना से सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं। दोनों ने पिछले दो वर्षों में विशेष प्रदर्शन किया है। दोनों ने निराश नहीं किया। अब सपना है कि ऐसे ही लोग मुझसे उम्मीद करें और मैं भी देश का नाम ऊंचा करूं। - साधना गंगवार
-- --
कोच की हुई तैनाती, रिंग का है इंतजार
स्टेडियम में हाल ही में बॉक्सिंग व जिम्नास्टिक के कोच नियुक्त किए गए हैं। बॉक्सिंग के खिलाड़ी कई साल से जिम में ट्रेनिंग कर रहे हैं। कोच के आने से खिलाड़ियों में दोबारा प्रैक्टिस शुरू होने की उम्मीद जगी है। सोमवार को फिजिकल टेस्ट के लिए भी खिलाड़ियों को बुलाया गया है। खिलाड़ियों ने क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी जितेंद्र यादव को रिंग बनवाने और प्रैक्टिस दोबारा शुरू करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
विज्ञापन
कोरोना की वजह से बॉक्सिंग रुक सी गई थी। खिलाड़ियों का मनोबल टूट रहा था। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से उम्मीद जगी है। रिंग बनवाने के लिए स्टेडियम में प्रार्थनापत्र दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ होगा। - सौम्या
विज्ञापन
नीतू का मुकाबला सबसे शानदार था। अंत तक पता नहीं था की मेडल भारत को मिलेगा भी या नहीं। मंगोलिया की खिलाड़ी ने काफी अच्छी टक्कर दी। यह देखकर अच्छा लगा की नए खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। - मिमांसा पांडेय
विज्ञापन
स्वीटी के मुकाबले में जब फैसला रिव्यू के लिए गया तो लगा कि कहीं जीती हुई बाजी हार में न बदल जाए, लेकिन आखिरी में जीत भारत की हुई। शहर के लोगो में भी बॉक्सिंग का क्रेज बढ़ रहा है। स्टेडियम में रिंग बने तो दोबारा प्रैक्टिस शुरू हो। - नंदिनी
निकहत जरीन और लवलीना से सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं। दोनों ने पिछले दो वर्षों में विशेष प्रदर्शन किया है। दोनों ने निराश नहीं किया। अब सपना है कि ऐसे ही लोग मुझसे उम्मीद करें और मैं भी देश का नाम ऊंचा करूं। - साधना गंगवार
कोच की हुई तैनाती, रिंग का है इंतजार
स्टेडियम में हाल ही में बॉक्सिंग व जिम्नास्टिक के कोच नियुक्त किए गए हैं। बॉक्सिंग के खिलाड़ी कई साल से जिम में ट्रेनिंग कर रहे हैं। कोच के आने से खिलाड़ियों में दोबारा प्रैक्टिस शुरू होने की उम्मीद जगी है। सोमवार को फिजिकल टेस्ट के लिए भी खिलाड़ियों को बुलाया गया है। खिलाड़ियों ने क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी जितेंद्र यादव को रिंग बनवाने और प्रैक्टिस दोबारा शुरू करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।