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Bareilly News: जलभराव ने कराई किरकिरी तो निगम को आई ड्रेनेज सिस्टम की याद
Thu, 01 Oct 2026 01:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:13 AM IST
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बरेली। लगातार बारिश और जलभराव ने नाकामियों को बेपर्दा किया तो नगर निगम की नींद टूटी। अफसर अब निचले इलाकों में जलनिकासी के लिए नई योजना बनाने लगे हैं। कर्मचारी नगर से सैदपुर हाकिंस तक ड्रेनेज का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। इसके लिए सीएंडडीएस, नगर निगम और तहसील की संयुक्त टीमें इलाकों का सर्वे कर रही हैं।
सर्वे के दौरान कर्मचारी नगर, सैदपुर हाकिंस, लाजपतनगर, त्रिवेणी एन्क्लेव और सुरेश शर्मा नगर जैसे निचले इलाकों को चिह्नित किया गया है। टीम यह आंकलन कर रही है कि सर्वाधिक जलभराव कहां होता है और पानी की निकासी का रास्ता कहां अवरुद्ध है। इसके आधार पर क्षेत्रवार चार्ट तैयार कर नए नालों और नालियों के निर्माण का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
मास्टर प्लान में कच्ची गलियों को पक्का करने और सड़कों को भी बेहतर ढंग से विकसित करने का प्रावधान रखा गया है। सर्वे के बाद शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट मांगा जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर के निचले इलाकों में जलभराव से बचने के लिए संपवेल पंप लगाए जाएंगे। साथ ही, सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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छह दिन बाद भी भरा है पानी
बारिश थमने के छह दिन बाद भी स्टेडियम रोड, रेजीडेंसी गार्डन, एयरफोर्स रोड स्थित आकांक्षा एन्क्लेव, दुर्गा नगर और केसर वाटिका जैसे इलाकों में पानी भरा हुआ है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। निगम की टीमें फिलहाल इन क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है। जहां जलनिकासी हो गई है, अब वहां कीचड़ और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
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सर्वे के दौरान कर्मचारी नगर, सैदपुर हाकिंस, लाजपतनगर, त्रिवेणी एन्क्लेव और सुरेश शर्मा नगर जैसे निचले इलाकों को चिह्नित किया गया है। टीम यह आंकलन कर रही है कि सर्वाधिक जलभराव कहां होता है और पानी की निकासी का रास्ता कहां अवरुद्ध है। इसके आधार पर क्षेत्रवार चार्ट तैयार कर नए नालों और नालियों के निर्माण का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
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मास्टर प्लान में कच्ची गलियों को पक्का करने और सड़कों को भी बेहतर ढंग से विकसित करने का प्रावधान रखा गया है। सर्वे के बाद शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट मांगा जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर के निचले इलाकों में जलभराव से बचने के लिए संपवेल पंप लगाए जाएंगे। साथ ही, सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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छह दिन बाद भी भरा है पानी
बारिश थमने के छह दिन बाद भी स्टेडियम रोड, रेजीडेंसी गार्डन, एयरफोर्स रोड स्थित आकांक्षा एन्क्लेव, दुर्गा नगर और केसर वाटिका जैसे इलाकों में पानी भरा हुआ है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। निगम की टीमें फिलहाल इन क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है। जहां जलनिकासी हो गई है, अब वहां कीचड़ और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।