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चलते-चलते फिर लग गया था अड़ंगा
बरेली
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:30 AM IST
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बरसों तक खिचखिच के बाद खामोशी से दौड़ने के लिए तैयार खड़ा फ्लाईओवर इस एक जनवरी से उद्घाटन के इंतजार में खड़ा है। अब एक के बाद एक कई बार इसके चलने के पहले अड़ंगा लग गया। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, मेयर उमेश गौतम, सपाई टीम के बाद विधायक पप्पू भरतौल भी इसे दौड़ाते-दौड़ाते ठहर गए। सीएम हाउस से तय होने के बाद भी अब रविवार को होने जा रहा उद्घाटन भी टलते बचा। अबकी अड़ंगा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बताया गया जो शनिवार रात को लगा था। पता लगा कि एक अड़ियल नेता के इशारे पर कहानी बिगड़ी थी, मगर जैसे-तैसे ट्रैक पर लाई गई। वित्त मंत्री ने देर रात फ्लाईओवर की तैयारियों का जायजा लेकर हरी झंडी दी। अब सबकी प्रार्थना है कि रविवार को कैसे भी फ्लाई ओवर दौड़ जाए। ताकि शहर को कुछ राहत आए।
लखनऊ से आया फोन तो तैयारियों में जुटे अफसरों की हवा निकली
वित्त मंत्री के बातचीत करने के बाद पटरी पर आया कार्यक्रम
देर रात खुद पुल पर पहुंचे राजेश अग्रवाल, अफसरों को निर्देश दिए
अगर सब ठीकठाक रहा तो 21 जनवरी रविवार से श्यामगंज फ्लाईओवर पर फर्राटा भरा जा सकेगा, हालांकि भाजपा के एक धड़े ने उद्घाटन के लिए तय की गई तारीख की पूर्व संध्या पर खुराफात करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। डिप्टी सीएम व लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भ्रामक जानकारी देकर उद्घाटन का कार्यक्रम रद्द कराने की कोशिश की गई। ऊपर से फोन आया तो तैयारियों में जुटे अफसर तनाव में आ गए। कुछ देर के लिए तैयारियां ठहर भी गईं लेकिन कुछ ही देर में मामला साफ हो गया। इसके बाद वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने पूरी कमान संभाली। तैयारियां देखने के लिए रात दस बजे खुद मौके पर पहुंचे और जरूरी निर्देश दिए। उनके साथ शहर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, विहिप नेता पवन अरोरा आदि मौजूद थे। मंत्री ने सीडीओ सत्येंद्र कुमार, सेतु निगम के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह, मैनेजर एसके गर्ग आदि से तैयारियों का फीडबैक लिया।
अब भरेंगे फर्राटा.. यादों में रह जाएगा श्यामगंज चौराहे का भीषण जाम
लोग जब फ्लाई ओवर पर फर्राटा भरेंगे तो शायद श्यामगंज चौराहे पर लगने वाला भीषण जाम उन्हें जरूर याद आएगा। घंटों जाम में फंसने के बाद श्यामगंज चौराहा या शहदाना रोड पार करने वाले लोग इसे बिल्कुल नहीं भूल पाएंगे। यह अक्सर अखबारों की सुर्खियों में जगह पाता था। कई साल पहले जब तत्कालीन मेयर डॉ. आईएस तोमर ने श्यामगंज चौराहे के ऊपर पुल बनाने का सपना देखा तो सबसे पहले इस इलाके के व्यापारी ही विरोध में आगे आ गए। व्यापारियों को राजी करने में ही काफी समय गुजर गया। इसके बाद पुल का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया। उसे मंजूरी दिलाने के लिए भी अच्छी-खासी कवायद हुई। आखिरकार पुल को मंजूरी मिली और बजट भी अवमुक्त हो गया। सपा के शासन में ही इस पुल का निर्माण काफी तेजी से शुरू हुआ और अंतत: पुल का निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया। लेकिन पुल का निर्माण जिस वक्त अंतिम दौर में था, उसी दौरान विधान सभा चुनाव हुए और सूबे से सपा सरकार चली गई। भाजपा की सरकार में पुल का निर्माण पूरा हुआ और इसके बाद उद्घाटन के पहले पुल बनवाने का क्रेडिट लेने की ऐसी होड़ शुरू हुई कि अब तक खत्म होने में नहीं आ रही है।
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क्रेडिट की होड़ में दी गुटबाजी को हवा
पहली जनवरी से तैयार फ्लाईओवर शुरू कराने के बजाय भाजपा नेता आखिर तक गुटबाजी को हवा देने में जुटे रहे। इससे पहले सपा ने पुल का प्रतीकात्मक उद्घाटन कर दिया। पहली जनवरी को ही पुल पर पहुंचे पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने भी शनिवार को कहा कि पुल तो चालू हो चुका है। इसके बाद बिथरी विधायक पप्पू भरतौल, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक केसर सिंह गंगवार और श्यामबिहारी लाल को लेकर पुल चालू कराने मौके पर पहुंचे थे। इसकी रणनीति मेयर उमेश गौतम के पुराने निवास पर बनी थी। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने ऐन वक्त पर खुद को अलग कर लिया था।
डीएम ने कहा- अतिक्रमण हटाओ
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम आर. विक्रम सिंह, एसपी सिटी रोहित सिंह, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह आदि के साथ ब्रिज पर पहुंचे और तैयारी व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने फ्लाईओवर पर और नीचे पैदल भ्रमण किया और बाजार से अतिक्रमण हटाने को कहा। इसके बाद पुल पर धुलाई, सफाई समेत अन्य जरूरी कार्य किए गए।
अफसरों में मतभेद.. कौन करेगा कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम संचालन को लेकर अधिकारियों में देर शाम तक मतभेद बने रहे। दो प्रशासनिक अफसर बरेली कालेज की वंदना शर्मा और एसी त्रिपाठी के नाम पर अड़े रहे, जबकि सेतु निगम अधिकारी पूर्णिमा अनिल से संचालन कराने की तैयारी कर चुके थे। तीनों लोग बरेली कालेज से जुड़े हैं। उधर भाजपा नेताओं ने कहा कि संचालक ऐसा होना चाहिए जो कि सभी सांसद, विधायक और मंत्रियों से जुड़ा हो और पहचानता हो।
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लखनऊ से आया फोन तो तैयारियों में जुटे अफसरों की हवा निकली
वित्त मंत्री के बातचीत करने के बाद पटरी पर आया कार्यक्रम
देर रात खुद पुल पर पहुंचे राजेश अग्रवाल, अफसरों को निर्देश दिए
अगर सब ठीकठाक रहा तो 21 जनवरी रविवार से श्यामगंज फ्लाईओवर पर फर्राटा भरा जा सकेगा, हालांकि भाजपा के एक धड़े ने उद्घाटन के लिए तय की गई तारीख की पूर्व संध्या पर खुराफात करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। डिप्टी सीएम व लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भ्रामक जानकारी देकर उद्घाटन का कार्यक्रम रद्द कराने की कोशिश की गई। ऊपर से फोन आया तो तैयारियों में जुटे अफसर तनाव में आ गए। कुछ देर के लिए तैयारियां ठहर भी गईं लेकिन कुछ ही देर में मामला साफ हो गया। इसके बाद वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने पूरी कमान संभाली। तैयारियां देखने के लिए रात दस बजे खुद मौके पर पहुंचे और जरूरी निर्देश दिए। उनके साथ शहर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, विहिप नेता पवन अरोरा आदि मौजूद थे। मंत्री ने सीडीओ सत्येंद्र कुमार, सेतु निगम के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह, मैनेजर एसके गर्ग आदि से तैयारियों का फीडबैक लिया।
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अब भरेंगे फर्राटा.. यादों में रह जाएगा श्यामगंज चौराहे का भीषण जाम
लोग जब फ्लाई ओवर पर फर्राटा भरेंगे तो शायद श्यामगंज चौराहे पर लगने वाला भीषण जाम उन्हें जरूर याद आएगा। घंटों जाम में फंसने के बाद श्यामगंज चौराहा या शहदाना रोड पार करने वाले लोग इसे बिल्कुल नहीं भूल पाएंगे। यह अक्सर अखबारों की सुर्खियों में जगह पाता था। कई साल पहले जब तत्कालीन मेयर डॉ. आईएस तोमर ने श्यामगंज चौराहे के ऊपर पुल बनाने का सपना देखा तो सबसे पहले इस इलाके के व्यापारी ही विरोध में आगे आ गए। व्यापारियों को राजी करने में ही काफी समय गुजर गया। इसके बाद पुल का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया। उसे मंजूरी दिलाने के लिए भी अच्छी-खासी कवायद हुई। आखिरकार पुल को मंजूरी मिली और बजट भी अवमुक्त हो गया। सपा के शासन में ही इस पुल का निर्माण काफी तेजी से शुरू हुआ और अंतत: पुल का निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया। लेकिन पुल का निर्माण जिस वक्त अंतिम दौर में था, उसी दौरान विधान सभा चुनाव हुए और सूबे से सपा सरकार चली गई। भाजपा की सरकार में पुल का निर्माण पूरा हुआ और इसके बाद उद्घाटन के पहले पुल बनवाने का क्रेडिट लेने की ऐसी होड़ शुरू हुई कि अब तक खत्म होने में नहीं आ रही है।
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क्रेडिट की होड़ में दी गुटबाजी को हवा
पहली जनवरी से तैयार फ्लाईओवर शुरू कराने के बजाय भाजपा नेता आखिर तक गुटबाजी को हवा देने में जुटे रहे। इससे पहले सपा ने पुल का प्रतीकात्मक उद्घाटन कर दिया। पहली जनवरी को ही पुल पर पहुंचे पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने भी शनिवार को कहा कि पुल तो चालू हो चुका है। इसके बाद बिथरी विधायक पप्पू भरतौल, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक केसर सिंह गंगवार और श्यामबिहारी लाल को लेकर पुल चालू कराने मौके पर पहुंचे थे। इसकी रणनीति मेयर उमेश गौतम के पुराने निवास पर बनी थी। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने ऐन वक्त पर खुद को अलग कर लिया था।
डीएम ने कहा- अतिक्रमण हटाओ
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम आर. विक्रम सिंह, एसपी सिटी रोहित सिंह, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह आदि के साथ ब्रिज पर पहुंचे और तैयारी व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने फ्लाईओवर पर और नीचे पैदल भ्रमण किया और बाजार से अतिक्रमण हटाने को कहा। इसके बाद पुल पर धुलाई, सफाई समेत अन्य जरूरी कार्य किए गए।
अफसरों में मतभेद.. कौन करेगा कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम संचालन को लेकर अधिकारियों में देर शाम तक मतभेद बने रहे। दो प्रशासनिक अफसर बरेली कालेज की वंदना शर्मा और एसी त्रिपाठी के नाम पर अड़े रहे, जबकि सेतु निगम अधिकारी पूर्णिमा अनिल से संचालन कराने की तैयारी कर चुके थे। तीनों लोग बरेली कालेज से जुड़े हैं। उधर भाजपा नेताओं ने कहा कि संचालक ऐसा होना चाहिए जो कि सभी सांसद, विधायक और मंत्रियों से जुड़ा हो और पहचानता हो।