फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Wakf Amendment Bill is in the interest of Muslims: Shahabuddin

वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिमों के हित में : शहाबुद्दीन

Sat, 05 Apr 2025 02:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 02:44 AM IST
विज्ञापन
Wakf Amendment Bill is in the interest of Muslims: Shahabuddin
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिमों के हित में है। इससे धार्मिक स्थलों को भी कोई खतरा नहीं है। मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानों, दरगाहों की स्थिति जैसी है, वैसे ही रहेगी। इसमें हुकूमत का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। मुसलमान किसी के बहकावे में न आएं। मौलाना ने विधेयक के लिए केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया है।
विज्ञापन

मौलाना ने कहा कि इस विधेयक से उन भू-माफिया को खतरा है, जिन्होंने करोड़ों की वक्फ संपत्तियों पर कब्जा किया है। इस विधेयक से जरूरतमंद मुसलमानों को आर्थिक मदद मिलेगी। यतीम बच्चों और बेवा महिलाओं के लिए काम होंगे। बीते समय में जब सीएए कानून आने वाला था, तब भी मुसलमानों को डराया था। कानून लागू होने पर एक भी मुसलमान की नागरिकता नही गई, उल्टे नागरिकता प्रदान की गई है। इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर भी डराया जा रहा है।
विज्ञापन


जो कुछ भी हुआ, वह जुल्म है : मुफ्ती खुर्शीद
किला स्थित जामा मस्जिद के इमाम ने वक्फ संशोधन विधेयक को मुस्लिमों पर जुल्म बताया है। जुमे की नमाज के दौरान तकरीर करते हुए मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह जुल्म है। हमारी कौम ने हमेशा सब्र किया। हम हुकूमत से कुछ मांग नहीं रहे हैं। हमारा कहना सिर्फ यह है कि बेवजह एक समुदाय पर जुल्म नहीं होना चाहिए। यह विधेयक मुस्लिम वक्फ पर डाका है और यह पूरी कौम के लिए नुकसानदेह है। दान देने वाली संपत्तियों के न तो कागहात होते हैं, न ही दिखाए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुसलमानों को दिखा रहे मुंगेरीलाल के हसीन सपने : सुल्तानी
सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने से देश के 98 फीसदी मुसलमान नाखुश हैं। यह विधेयक वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म कर सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाने वाला है। धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने जैसे प्रावधानों से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन होता है। सरकार का कहना है कि यह पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के लिए है। विपक्ष और देश के मुसलमान भाजपा के नफरती एजेंडे को भलीभांति जानते हैं। गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुस्लिमों के लिए जो फायदे गिनाए जा रहे हैं, वे मुंगेरीलाल के हसीन सपने की तरह हैं। यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed