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चार साल किया बालिग होने का इंतजार... अब हुई शादी
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शादी में शामिल लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अनाथालय में पली युवती का अलीगढ़ के बैंककर्मी युवक से हुआ विवाह
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15 साल की थी तभी कर लिया था युवक के साथ शादी करने का फैसला
बरेली। आर्य समाज अनाथालय में पली-बढ़ी अंजलि का सपना आखिरकार पूरा हो गया। रविवार को उसने अलीगढ़ के बैंककर्मी युवक दीपेंद्र के साथ सात फेरे लिए। अंजलि और दीपेंद्र ने चार साल पहले ही शादी का फैसला कर लिया था लेकिन अंजलि उस वक्त सिर्फ 15 साल की थी। अनाथालय प्रबंधन ने दोनों के सामने संयम के साथ चार साल इंतजार करने की शर्त रखी थी जिसे दोनों ने निभाया। सीता की रसोई संस्था ने दोनों की शादी का इंतजाम किया जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और शहर विधायक डॉ. अरुण भी बतौर मेहमान पहुंचे।
अंजलि 2011 में जीआरपी को सिटी स्टेशन पर भटकती हुई मिली थी। उस समय उसकी उम्र सिर्फ आठ साल थी। पूछताछ में पता चला कि उसके मां-बाप नहीं हैं न ही कहीं और रहने का ठिकाना है। इसके बाद जीआरपी ने उसे आर्य समाज अनाथालय भेज दिया था। अंजलि ने इसके बाद पांचवीं तक की पढ़ाई अनाथालय के ही प्राथमिक विद्यालय में की। आगे की पढ़ाई के लिए उसे अलीगढ़ के गुरुकुल में भेज दिया गया। अनाथालय प्रबंधन के मुताबिक करीब 14 साल की उम्र में अंजलि की मुलाकात अपनी सहेली के मौसेरे भाई दीपेंद्र से हुई। कुछ समय बाद दोनों ने गुरुकुल प्रबंधन को बताया कि वे शादी करना चाहते हैं।
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यह मामला अनाथालय प्रबंधन की जानकारी में आया तो प्रबंधक हर्षवर्धन ने शादी के लिए दोनों को अंजलि के बालिग होने तक इंतजार करने को कहा। दोनों इसके लिए तैयार हो गए। 18 साल से ऊपर निकल चुकी अंजलि अब एलएलबी की पढ़ाई कर रही है। दीपेंद्र अलीगढ़ में ही एक निजी बैंक का कर्मचारी है। हाल ही में दोनों ने फिर बरेली आकर अनाथालय प्रबंधन से शादी करने की इजाजत मांगी जिसके बाद पिछले महीने ही उनकी शादी की तारीख पक्की कर दी गई थी।
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रविवार को एक बैंक्वेट हॉल में दोनों को विवाह बंधन में बंध गए। शादी का इंतजाम सीता की रसोई संस्था की ओर से किया गया। आर्य समाज के चार विद्वान पंडितों ने विवाह संपन्न कराया। समाजसेवी विजय बाटला एवं उनकी पत्नी ने कन्यादान किया। अनाथालय प्रबंधक हर्षवर्धन ने बताया कि शादी की इजाजत देने से पहले वह लड़के की नौकरी और परिवार के बारे में तहकीकात करने के लिए अलीगढ़ भी गए थे। सबकुछ ठीक मिलने पर ही उन्होंने शादी की इजाजत दी। पंजाबी महासभा के संजय आनंद, राजा चावला और सपा नेता राजेश अग्रवाल भी इस शादी के साक्षी बने।
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15 साल की थी तभी कर लिया था युवक के साथ शादी करने का फैसला बरेली। आर्य समाज अनाथालय में पली-बढ़ी अंजलि का सपना आखिरकार पूरा हो गया। रविवार को उसने अलीगढ़ के बैंककर्मी युवक दीपेंद्र के साथ सात फेरे लिए। अंजलि और दीपेंद्र ने चार साल पहले ही शादी का फैसला कर लिया था लेकिन अंजलि उस वक्त सिर्फ 15 साल की थी। अनाथालय प्रबंधन ने दोनों के सामने संयम के साथ चार साल इंतजार करने की शर्त रखी थी जिसे दोनों ने निभाया। सीता की रसोई संस्था ने दोनों की शादी का इंतजाम किया जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और शहर विधायक डॉ. अरुण भी बतौर मेहमान पहुंचे।
अंजलि 2011 में जीआरपी को सिटी स्टेशन पर भटकती हुई मिली थी। उस समय उसकी उम्र सिर्फ आठ साल थी। पूछताछ में पता चला कि उसके मां-बाप नहीं हैं न ही कहीं और रहने का ठिकाना है। इसके बाद जीआरपी ने उसे आर्य समाज अनाथालय भेज दिया था। अंजलि ने इसके बाद पांचवीं तक की पढ़ाई अनाथालय के ही प्राथमिक विद्यालय में की। आगे की पढ़ाई के लिए उसे अलीगढ़ के गुरुकुल में भेज दिया गया। अनाथालय प्रबंधन के मुताबिक करीब 14 साल की उम्र में अंजलि की मुलाकात अपनी सहेली के मौसेरे भाई दीपेंद्र से हुई। कुछ समय बाद दोनों ने गुरुकुल प्रबंधन को बताया कि वे शादी करना चाहते हैं।
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यह मामला अनाथालय प्रबंधन की जानकारी में आया तो प्रबंधक हर्षवर्धन ने शादी के लिए दोनों को अंजलि के बालिग होने तक इंतजार करने को कहा। दोनों इसके लिए तैयार हो गए। 18 साल से ऊपर निकल चुकी अंजलि अब एलएलबी की पढ़ाई कर रही है। दीपेंद्र अलीगढ़ में ही एक निजी बैंक का कर्मचारी है। हाल ही में दोनों ने फिर बरेली आकर अनाथालय प्रबंधन से शादी करने की इजाजत मांगी जिसके बाद पिछले महीने ही उनकी शादी की तारीख पक्की कर दी गई थी।
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रविवार को एक बैंक्वेट हॉल में दोनों को विवाह बंधन में बंध गए। शादी का इंतजाम सीता की रसोई संस्था की ओर से किया गया। आर्य समाज के चार विद्वान पंडितों ने विवाह संपन्न कराया। समाजसेवी विजय बाटला एवं उनकी पत्नी ने कन्यादान किया। अनाथालय प्रबंधक हर्षवर्धन ने बताया कि शादी की इजाजत देने से पहले वह लड़के की नौकरी और परिवार के बारे में तहकीकात करने के लिए अलीगढ़ भी गए थे। सबकुछ ठीक मिलने पर ही उन्होंने शादी की इजाजत दी। पंजाबी महासभा के संजय आनंद, राजा चावला और सपा नेता राजेश अग्रवाल भी इस शादी के साक्षी बने।