Bareilly News: 12 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त घोषित, गांधी जयंती पर डीएम ने प्रधानों को किया सम्मानित
बरेली जिले की 12 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी ने गांधी जयंती के अवसर पर संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया।
विस्तार
बरेली के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने वर्ष-2023 में पंचायत विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग से सहयोग से टीबी मुक्त घोषित की गई 12 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्य में सीएचओ का भी महत्वपूर्ण योगदान है, जो लोग अच्छा कार्य करते हैं। उन्हें शासन-प्रशासन और समाज द्वारा सम्मानित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने मलेरिया को देखते हुए अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण से बचने के लिए पराली न जलाने अपील की। बताया गया कि पूर्व प्रधान तथा वर्तमान प्रधान के आपसी मनमुटाव के कारण गांववासियों को परेशान होना पड़ता है। विकास प्रभावित होता है, ऐसे में पूर्व प्रधान तथा वर्तमान प्रधान यदि मिलकर कार्य करें तो ग्रामीणों का भला होगा।
इन्हें किया गया सम्मानित
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होने के पर संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों को महात्मा गांधी की मूर्ति एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में विकास खंड नवाबगंज के गांव काशीपुर धर्मपुर, प्रेमपुर मुरारपुर, सिथरा, विकास खंड बहेड़ी के गांव हरसूनगला, भैनसिया, आमडांडा, रेतवाड़ा, विकास खंड शेरगढ़ के गांव खाता, नियामतपुर, ढकिया डाम, विकास खंड क्यारा के ग्राम ठिरिया ठुकरान तथा विकास खंड भुता के ग्राम कंजा चकरपुर के ग्राम प्रधान शामिल रहे।
ये हैं मानक
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विश्राम सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ने वर्ष-2025 टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम को देशभर में लागू किया गया है। किसी भी पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए भारत सरकार द्वारा छह मानदंड लागू किए गए हैं, जिसके तहत प्रति 1000 की जनसंख्या पर 30 जांचें होना, प्रति 1000 की जनसंख्या पर एक रोगी या उससे कम, ग्राम पंचायत की उपचार सफलता दर (01 वर्ष पूर्व की) 85 प्रतिशत से अधिक हो, ग्राम पंचायत में उपचार ले रहे क्षय रोगियों की यूडीएसटी 60 प्रतिशत से अधिक हो, सभी क्षय रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रथम किस्त का लाभ प्रदान किया गया हो। जो ग्राम पंचायतें उक्त मानदंड को पूरा करती हैं, वह टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए अपना दावा प्रस्तुत कर सकती हैं।