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ग्राम प्रधान के पति ने कराया था बवाल
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करमपुर चौधरी के खौफजदा लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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चुनाव का माहौल बनाने के चक्कर में पूरे गांव को फंसाया, खुद भी लपेटे में आया
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पुलिस ने पत्नी और चार भाई और दो भाभियों के साथ किया अंदर
उल्टी पड़ी चाल, प्रधानी जिताने वाले ज्यादातर वोटर भी फंसे
बरेली। कोरोना संक्रमण के खौफनाक माहौल में भी करमपुर चौधरी की प्रधान का पति तसव्वर सियासी चाल चलने से बाज नहीं आया। गांव के लोग अब कह रहे हैं कि प्रधानी के चुनाव के लिए अभी से माहौल बनाने के चक्कर में वह गांव वालों को भड़काकर पुलिस चौकी पर ले गया था। वहां एकाएक माहौल बिगड़ा तो पुलिस की पिटाई से घायल युवक को अस्पताल ले जाने के बहाने गांव वालों को पिटता छोड़ खिसक गया लेकिन फिर भी एफआईआर में नामजद होने से बच नहीं पाया। पुलिस ने उसे, उसकी ग्राम प्रधान पत्नी, चार भाइयों और दो भाभियों के साथ अंदर कर दिया।
करीब साढ़े पांच हजार वोटरों वाले गांव करमपुर चौधरी में हिंदू वोटर बमुश्किल डेढ़ हजार ही हैं। बाकी चार हजार वोटरों में मेवातियों की संख्या करीब तीन हजार है। दूसरे नंबर पर अल्वियों के पांच सौ वोट हैं। बाकी वोटों में सलमानी, कुरैशी, सैफी आदि बिरादरी हैं। मेवाती बिरादरी के तसव्वर खां का कई साल से प्रधान पद पर कब्जा है। कभी वह खुद तो कभी उसकी पत्नी प्रधान रहते हैं। बीच में एक बार अल्वी समाज के जाबिर को प्रधान बनने का मौका मिला था। अब नवंबर में फिर प्रधानी के चुनाव होने हैं। बताया जाता है कि छह महीने पहले तसव्वर का चौकी प्रभारी दिनेश कुमार सिंह से विवाद हो गया था जिसके बाद उसकी नेतागिरी ठंडी हो गई थी। गांव के युवाओं में अपना दबदबा बनाने के लिए वह लगातार कोशिश कर रहा था।
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सोमवार दोपहर पुलिस के हाथों कश्मीर खां नाम के युवक की पिटाई के बाद माहौल बनाने के लिए तसव्वर के ही कहने पर गांव के लोग चारपाई पर उसे डालकर बैरियर वन पुलिस चौकी पहुंचे थे। पेट्रोल पंप तक भीड़ की अगुवाई करते हुए तसव्वर खुद भी आया। यहां पुलिस ने इन लोगों को समझाना शुरू किया लेकिन तसव्वर की मौजूदगी में ही तमाम युवक पुलिस के साथ बदसलूकी करते रहे। तसव्वर ने इसके बावजूद मामला शांत कराने के बजाय उन्हें पुलिस चौकी को घेरने का इशारा कर दिया। इसी बीच जब दूसरे थानों का फोर्स पहुंचा तो तसव्वर भांप गया कि अब माहौल उसके खिलाफ जाने वाला है। इसके बाद वह कश्मीर को अस्पताल ले जाने के बहाने वहां से खिसक लिया।
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पुलिस चौकी पर बवाल के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और फिर सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली। इसमें तसव्वर के ज्यादातर वोटर फंस गए। पुलिस ने एफआईआर में तसव्वर के खिलाफ उपद्रवियों को उकसाने का आरोप तय किया और उसकी प्रधान पत्नी, चार भाई, दो भाभियों समेत उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने पत्नी और चार भाई और दो भाभियों के साथ किया अंदर
उल्टी पड़ी चाल, प्रधानी जिताने वाले ज्यादातर वोटर भी फंसे बरेली। कोरोना संक्रमण के खौफनाक माहौल में भी करमपुर चौधरी की प्रधान का पति तसव्वर सियासी चाल चलने से बाज नहीं आया। गांव के लोग अब कह रहे हैं कि प्रधानी के चुनाव के लिए अभी से माहौल बनाने के चक्कर में वह गांव वालों को भड़काकर पुलिस चौकी पर ले गया था। वहां एकाएक माहौल बिगड़ा तो पुलिस की पिटाई से घायल युवक को अस्पताल ले जाने के बहाने गांव वालों को पिटता छोड़ खिसक गया लेकिन फिर भी एफआईआर में नामजद होने से बच नहीं पाया। पुलिस ने उसे, उसकी ग्राम प्रधान पत्नी, चार भाइयों और दो भाभियों के साथ अंदर कर दिया।
करीब साढ़े पांच हजार वोटरों वाले गांव करमपुर चौधरी में हिंदू वोटर बमुश्किल डेढ़ हजार ही हैं। बाकी चार हजार वोटरों में मेवातियों की संख्या करीब तीन हजार है। दूसरे नंबर पर अल्वियों के पांच सौ वोट हैं। बाकी वोटों में सलमानी, कुरैशी, सैफी आदि बिरादरी हैं। मेवाती बिरादरी के तसव्वर खां का कई साल से प्रधान पद पर कब्जा है। कभी वह खुद तो कभी उसकी पत्नी प्रधान रहते हैं। बीच में एक बार अल्वी समाज के जाबिर को प्रधान बनने का मौका मिला था। अब नवंबर में फिर प्रधानी के चुनाव होने हैं। बताया जाता है कि छह महीने पहले तसव्वर का चौकी प्रभारी दिनेश कुमार सिंह से विवाद हो गया था जिसके बाद उसकी नेतागिरी ठंडी हो गई थी। गांव के युवाओं में अपना दबदबा बनाने के लिए वह लगातार कोशिश कर रहा था।
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सोमवार दोपहर पुलिस के हाथों कश्मीर खां नाम के युवक की पिटाई के बाद माहौल बनाने के लिए तसव्वर के ही कहने पर गांव के लोग चारपाई पर उसे डालकर बैरियर वन पुलिस चौकी पहुंचे थे। पेट्रोल पंप तक भीड़ की अगुवाई करते हुए तसव्वर खुद भी आया। यहां पुलिस ने इन लोगों को समझाना शुरू किया लेकिन तसव्वर की मौजूदगी में ही तमाम युवक पुलिस के साथ बदसलूकी करते रहे। तसव्वर ने इसके बावजूद मामला शांत कराने के बजाय उन्हें पुलिस चौकी को घेरने का इशारा कर दिया। इसी बीच जब दूसरे थानों का फोर्स पहुंचा तो तसव्वर भांप गया कि अब माहौल उसके खिलाफ जाने वाला है। इसके बाद वह कश्मीर को अस्पताल ले जाने के बहाने वहां से खिसक लिया।
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पुलिस चौकी पर बवाल के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और फिर सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली। इसमें तसव्वर के ज्यादातर वोटर फंस गए। पुलिस ने एफआईआर में तसव्वर के खिलाफ उपद्रवियों को उकसाने का आरोप तय किया और उसकी प्रधान पत्नी, चार भाई, दो भाभियों समेत उसे भी गिरफ्तार कर लिया।