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वरुण गांधी, बोले- आर्थिक असमानता देश के लिए खतरा

Sun, 14 Feb 2016 01:42 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 14 Feb 2016 01:42 AM IST
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Varun Gandhi , Spoke threat to the country economic inequality
बरेली। प्रेम प्रकाश गुप्ता इंस्टीट्यूट के पहले दीक्षांत समारोह में आए सांसद वरुण गांधी ने प्रदेश सरकार पर हमला किया। उन्होंने बुंदेलखंड की बदहाली, आत्महत्या कर रहे किसानों और बेरोजगार युवाओं की समस्याएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अफ्रीका से भी ज्यादा कुपोषित बच्चे हैं।
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सांसद वरुण गांधी के भाषण के तेवर भी काफी बदले हुए थे। उन्होंने धर्म, जाति और क्षेत्र में बांटने की राजनीति का विरोध किया। कहा, इससे देश कमजोर होता है। विचारों की राजनीति होनी चाहिए। आर्थिक असमानता को भी देश के लिए खतरा बताया। वरुण गांधी ने विजय माल्या पर भी टिप्पणी की। कहा, विजय माल्या पर बैंक का पांच हजार करोड़ रुपये बकाया है। निजी विमानों से घूमते हैं और जन्मदिन मनाते रहते हैं, लेकिन बैंक के रुपये देने के लिए पैसा नहीं हैं। बुंदेलखंड में किसान आत्महत्या करते हैं, क्योंकि वो एक लाख रुपये लोन नहीं चुका पाते। धनी लोगों को लोन देते-देते बैंक डूबते जा रहे हैं। यहां पर छोटे लोगों पर कानून लागू होता है, बड़े लोगों पर नहीं। लोन अदा न करने पर इन धनी लोगों के घरों की कब कुर्की होगी? इन्हें कब अपमान सहन करना पड़ेगा?
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उन्होंने आगे कहा, यहां पर तीन करोड़ लोग इलाज कराते-कराते कंगाल हो रहे हैं। क्या हम हर व्यक्ति को मेडिकल इंश्योरेंस नहीं दे सकते? शिक्षा की समस्याएं बताते हुए कहा कि जीडीपी का तीन फीसदी भी शिक्षा पर खर्च नहीं होता। जबकि 10 फीसदी खर्च होना चाहिए, नहीं तो देश खड़ंजे पर ही चलेगा, सीसी रोड पर चलने की नौबत नहीं आएगी। कहा, आजादी के इतने साल बाद भी प्रतिभा और हुनर को मौका नहीं मिल पाया। मल्लाह के बच्चे कितना अच्छा तैरते हैं, उन्हें ओलंपिक के लिए तैयार किया जाना चाहिए। इससे उनके हुनर को भी प्लेटफार्म मिलेगा। बोले, मैं एक अच्छा हिंदुस्तान देखना चाहता हूं, जिसमें सबको बराबर का हक मिले।
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‘गांधी’ न होता तो सांसद न बन पाता
आगे उन्होंने नक्सलवाद पर भी टिप्पणी की। कहा, कुछ खून की खराबी की वजह से नक्सली बन गए और कुछ निराशा की वजह से उस रास्ते पर चले गए। सांसद वरुण गांधी ने कहा, मेरे नाम के आगे ‘गांधी’ नहीं होता तो दो बार सांसद नहीं बनता।


ऑर्गेनिक खेती कराए सरकार
सांसद वरुण गांधी ने कहा कि नियोजित तरीके से ऑर्गेनिक खेती होनी चाहिए। सरकार किसानों से कहे कि वह एक-दो साल का नुकसान खुद भरेगी। इसके बाद किसान अपनी पुरानी फसलों को छोड़ेंगे तो उन्हें पैदावार भी अच्छी मिलेगी। बोले, यहां पर स्पेशल इकोनॉमिक जोन बननी चाहिए।



पीआईएल का प्रयोग करने कहा
सांसद वरुण गांधी बोले, मैंने अपने क्षेत्र में दो साल में दो करोड़ कैसे खर्च किए, सूचना का अधिकारी से इसे पता करो। पता करो कि प्रदेश में सिंचाई पर कितने रुपये आए और कितने खर्च हुए। आप लोगों को भी अपनी भूमिका निभानी पडे़गी। केवल नेता ही सबकुछ नहीं कर सकते। पीआईएल की ताकत जाननी चाहिए। बोले, कॉमनवेल्थ गेम, कोयला घोटाला, टू-जी घोटाले सुब्रमण्यम स्वामी ने पीआईएल डालकर खुलवाए। राम जेठमलानी ने केस लड़ा और बाबा रामदेव ने देश को जागृत किया।



मेरी मां के मंत्रालय ने जुवेनाइल कानून बनाया
वरुण गांधी ने अपनी उपलब्धियां, प्रदेश सरकार को कोसने के साथ ही अपनी मां के काम भी बखान किया। बोले, 79 में जब मां जीती तो सिलाई-कढ़ाई के सेंटर खोले। मेरी मां के मंत्रालय ने जुवेनाइल कानून बनवाया।
 
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