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Lok Sabha Elections: क्या वरुण गांधी छोड़ देंगे पीलीभीत का मैदान? कल नामांकन का आखिरी दिन

Tue, 26 Mar 2024 01:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 26 Mar 2024 01:14 PM IST
सार

भाजपा से टिकट कटने के बाद वरुण गांधी का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजर है। क्योंकि नामांकन करने के लिए सिर्फ कल तक का वक्त है, लेकिन अब तक वरुण के खेमे में खामोशी है। ऐसे में उनको लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।  

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Varun Gandhi cannot contest elections from Pilibhit Lok Sabha seat
वरुण गांधी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में पीलीभीत में मतदान होना है। भाजपा समेत सपा-बसपा अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सपा ने भगवत सरन गंगवार और बसपा ने अनीस अहमद खान उर्फ फूलबाबू को प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने मौजूदा सांसद वरुण गांधी का टिकट काटकर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। जितिन प्रसाद 27 मार्च (बुधवार) अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 27 मार्च ही नामांकन की आखिरी तारीख है, लेकिन वरुण का खेमा खामोश है। अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह नामांकन करेंगे या नहीं। ऐसे में पीलीभीत से वरुण के चुनाव न लड़ने की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। 

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पीलीभीत लोकसभा सीट पिछले चार चुनावों से भाजपा के कब्जे में है। करीब तीन दशक से इस सीट पर गांधी परिवार का दबदबा है। वरुण गांधी यहां से दो बार सांसद रहे हैं, जबकि उनकी मां मेनका गांधी पीलीभीत से छह बार सांसद रह चुकी हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में वरुण गांधी पहली बार पीलीभीत से सांसद बने। 2014 में भाजपा ने उन्हें सुल्तानपुर से चुनाव लड़ाया। इसमें उन्होंने जीत दर्ज की। 2019 में वह दोबारा पीलीभीत सीट से उतरे और फिर सांसद बने। 
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सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल 
वरुण गांधी ने बीते कार्यकाल में कई बार अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाकर नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। वह पार्टी के कई नेताओं पर भी हमलावर रहे। हालांकि कुछ समय पूर्व से उनके बयानों में नरमी आई थी, लेकिन तब तक उनके टिकट को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया। आखिरकार भाजपा ने उनका टिकट काटकर जितिन प्रसाद पर भरोसा जताया। जितिन यूपी सरकार में मंत्री हैं और पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। 

जितिन प्रसाद का राजनीतिक सफर
जितिन प्रसाद ने कांग्रेस के टिकट पर 2004 के लोकसभा चुनाव में शाहजहांपुर से जीत हासिल की थी। 2009 के चुनाव में वह धौरहरा सीट से सांसद बने। इस दौरान वह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री रहे। कुछ वर्ष पहले जितिन ने भाजपा का दामन थाम लिया और मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं।

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