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Bareilly News: तस्कर पिता-पुत्र को पकड़ने आई थी उत्तराखंड पुलिस, दोनों पीछे से खिसक गए

Thu, 13 Mar 2025 01:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 01:29 AM IST
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Uttarakhand police had come to catch smuggler father and son, both of them slipped away from behind
बरेली। उत्तराखंड पुलिस की दबिश की नाकामयाबी की वजहें अब धीरे-धीरे साफ हो रही हैं। चश्मदीद बता रहे हैं कि भौगोलिक स्थिति का ज्ञान न होने और दबिश की सही तकनीक का इस्तेमाल न करने से विफलता मिली। दबिश के दौरान नामी तस्कर उस्मान के हैंडलर पिता-पुत्र घर के अंदर ही मौजूद थे, पर मौका देखकर दोनों पीछे से खिसक गए। उनके सहारे चर्चित तस्करों को पकड़ने की मंशा पर भी पानी फिर गया।
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बताया जा रहा है कि रिफाकत से मिले इनपुट के बाद ऊधम सिंह नगर के कप्तान के निर्देश पर वहां की एसओजी आठ दिन पहले फतेहगंज पश्चिमी में छानबीन करके गई थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि नवाबगंज के रिछौला निवासी स्मैक तस्कर मेहरुद्दीन और उसका बेटा मोनिस फतेहगंज पश्चिमी में रह रहे हैं। मेहरुद्दीन की ससुराल फतेहगंज पश्चिमी में है और वहीं चर्चित तस्कर उस्मान की भी ससुराल है। इस लिहाज से मेहरुद्दीन और उस्मान आपस में साढ़ू लगते हैं। मेहरुद्दीन व उसका बेटा मोनिस, उस्मान व उसकी पत्नी रेहाना के लिए हैंडलर के तौर पर काम करते हैं।
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दोनों पिता-पुत्र ने उत्तराखंड में भी ठिकाना बना रखा है। मोनिस को उत्तराखंड पुलिस रामपुर जिले से पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। ऊधमसिंह नगर पुलिस का पहला लक्ष्य इन दोनों को पकड़ना था। इनके सहारे उस्मान व अन्य बड़े तस्करों तक पहुंचना था।
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मोनिस के दरवाजे पर ही रुका काफिला
सूत्रों के मुताबिक, ऊधम सिंह नगर पुलिस को सर्विलांस से इनपुट मिला था कि दोनों पिता-पुत्र घर के अंदर सो रहे हैं। इसलिए एसएसपी मणिकांत मिश्रा 300 लोगों की टीम लेकर मोनिस के घर पहुंच गए। उन्हें डर था कि स्थानीय पुलिस सूचना लीक न कर दे, इसलिए जानकारी नहीं दी। उत्तराखंड पुलिस ने मकान की सामने से घेराबंदी की, लेकिन पीछे से कवर नहीं किया। हलचल होने पर मोनिस और मेहरुद्दीन जाग गए। बताते हैं कि मेहरुद्दीन घर के पीछे पोल के सहारे नीचे उतरकर भाग गया। वहीं, मोनिस छत से कूदते वक्त पैर तुड़वा बैठा। हालांकि पीछे पुलिस न होने से वह भी भाग निकला। हैरान पुलिस ने पड़ोस में ही उस्मान के घर दबिश दी। उस्मान घर में नहीं था और रिहाना ने पड़ोसी के घर में शरण ले ली। झल्लाई उत्तराखंड पुलिस ने मोनिस के आसपास के कई घरों में दबिश दी और बेकसूर होम्योपैथी डॉक्टर समेत पड़ोसियों को उठाकर ले गई। मौके पर मौजूद रहे लोग बताते हैं कि यदि उत्तराखंड पुलिस स्थानीय पुलिस को भरोसे में लेती तो घर के पीछे टीम लगाकर मोनिस और मेहरुद्दीन को पकड़ा जा सकता था।
पहले भी आमने-सामने आ चुकी हैं उत्तराखंड और यूपी पुलिस
वर्ष 2022 में मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा पुलिस 50 हजार के इनामी खनन माफिया का पीछा करते हुए उत्तराखंड चली गई थी। वहां खनन माफिया और पुलिस के बीच हुई फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस और यूपी पुलिस आमने-सामने आ गई थीं। यूपी पुलिस के हथियार छीन लिए गए थे और उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया था। उस समय उत्तराखंड पुलिस ने यूपी पुलिस पर वारंट और सूचना के बिना छापा मारने का आरोप लगाया था। इस बार उत्तराखंड पुलिस पर वारंट और सूचना के बिना घरों में घुसने व तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। ब्यूरो

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फतेहगंज पश्चिमी में स्मैक तस्करों पर पहले काफी कार्रवाई की जा चुकी है। नए सिरे से फिर स्मैक तस्करों को चिह्नित किया जाएगा। जो लोग भी इस धंधे में शामिल होंगे, मुकदमा लिखकर उन्हें जेल भेजा जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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