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नूरानी माहौल में हुआ उर्स-ए-शराफती का आगाज
बरेली।
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:21 AM IST
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उसेऱ्र्से सरापऊफत
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कुरानो किरत, नातो मनकबत, दरूदो सलाम की सदा और शाह-ए-शराफत के नारों की गूंज और अकीदत के बीच जोश के साथ उर्स-ए-शाह शराफती का शानदार आगाज हो गया है। गुलाब के महकते फूलों, चमचमाती झालरों और बिजली के कुमकुमों से सजी शाहबाद की गलियों में अपने पीर की चौखट पर हाजिरी देने पहुंचते शराफत मियां के दीवानों का तांता नूरानी माहौल पैदा कर रहा है। इनके बीच दिन भर चादरों के जुलूस का सिलसिला चलता रहा।
यह माहौल 50वें उर्स-ए-शाह शराफती के पहले रोज आस्ताना-ए-आलिया सकलैनिया शराफतिया का रहा। यहां 20 नवंबर को परचम कुशाई के बाद सोमवार से हजरत शाह शराफत अली मियां के उर्स की शुरूआत की गई। साहिबे सज्जादा पीरे तरीकत शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में शुरू हुए उर्स में शिरकत करने के लिए देश-विदेश के जायरीन का जमावड़ा होने लगा है। पहले रोज ही हजारों जायरीन पहुंच चुके हैं। उर्स की तकरीब सुबह फातेहा ख्वानी से हुई। इसके बाद दरगाह शरीफ का लंगरखाना खोल दिया गया। इसमें तमाम बाहरी जायरीन और स्थानीय अकीदतमंदों को लंगर आम किया गया। इस बीच दोपहर में दरगाह मेहमानखाने में कुरान ख्वानी हुई। रात में आल इंडिया तरही मुशायरे की महफिल सजाई गई।
कई प्रांतों से पहुंचे जायरीन
बरेली। उर्स-ए-शाह शराफत में शिरकत करने के लिए जायरीन की आमद जारी है और लगातार उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। हर अकीदतमंद इस 50 साला तारीखी उर्स में अपनी हाजिरी दे कर यादगार बनाने की चाहत लिए पहुंच रहा है। सोमवार सुबह से बंगाल, कर्नाटक , छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा आदि प्रदेशों के कई जिलों से हजारों जायरीन पहुंच चुके हैं। इन्हें दरगाह के मेहमानखाने, आसपास के मकानों, शादी हाल और स्कूलों में ठहराया जा रहा है। खाने का इंतजाम भी दरगाह शरीफ की ओर से किया गया है।
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चादरों के जुलूस की आमद
बरेली। हजरत शाह शराफत मियां के उर्स के मौके पर सुबह से ही चादरों के जुलूस का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के अलावा जिले के दूर-दराज गांवों और कस्बों से भी चादरों के कई जुलूस दरगाह शरीफ पहुंचे। सोमवार को उर्स के पहले रोज फरीदपुर से छोटा सकलैनी, बिथरी चैनपुर से कमरुद्दीन सकलैनी, चंदपुर काजियान से हफीज सकलैनी, अलीगंज से मकसूद सकलैनी, महेशपुर से नईम सकलैनी की कयादत में जुलूस दरगाह पहुंचे। इसी तरह भोजीपुरा, जादोंपुर, मझोला, सागलपुर, मझऊआ आदि कस्बों से चादरों के जुलूस आए। इधर, शहर में हजियापुर, जगतपुर, एजाजनगर से चमन सकलैनी, हामिद सकलैनी, अतीक सकलैनी, यावर सकलैनी और सैयद रेहान की कयादत में चादरों के जुलूस पहुंचे।
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यह माहौल 50वें उर्स-ए-शाह शराफती के पहले रोज आस्ताना-ए-आलिया सकलैनिया शराफतिया का रहा। यहां 20 नवंबर को परचम कुशाई के बाद सोमवार से हजरत शाह शराफत अली मियां के उर्स की शुरूआत की गई। साहिबे सज्जादा पीरे तरीकत शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में शुरू हुए उर्स में शिरकत करने के लिए देश-विदेश के जायरीन का जमावड़ा होने लगा है। पहले रोज ही हजारों जायरीन पहुंच चुके हैं। उर्स की तकरीब सुबह फातेहा ख्वानी से हुई। इसके बाद दरगाह शरीफ का लंगरखाना खोल दिया गया। इसमें तमाम बाहरी जायरीन और स्थानीय अकीदतमंदों को लंगर आम किया गया। इस बीच दोपहर में दरगाह मेहमानखाने में कुरान ख्वानी हुई। रात में आल इंडिया तरही मुशायरे की महफिल सजाई गई।
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कई प्रांतों से पहुंचे जायरीन
बरेली। उर्स-ए-शाह शराफत में शिरकत करने के लिए जायरीन की आमद जारी है और लगातार उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। हर अकीदतमंद इस 50 साला तारीखी उर्स में अपनी हाजिरी दे कर यादगार बनाने की चाहत लिए पहुंच रहा है। सोमवार सुबह से बंगाल, कर्नाटक , छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा आदि प्रदेशों के कई जिलों से हजारों जायरीन पहुंच चुके हैं। इन्हें दरगाह के मेहमानखाने, आसपास के मकानों, शादी हाल और स्कूलों में ठहराया जा रहा है। खाने का इंतजाम भी दरगाह शरीफ की ओर से किया गया है।
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चादरों के जुलूस की आमद
बरेली। हजरत शाह शराफत मियां के उर्स के मौके पर सुबह से ही चादरों के जुलूस का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के अलावा जिले के दूर-दराज गांवों और कस्बों से भी चादरों के कई जुलूस दरगाह शरीफ पहुंचे। सोमवार को उर्स के पहले रोज फरीदपुर से छोटा सकलैनी, बिथरी चैनपुर से कमरुद्दीन सकलैनी, चंदपुर काजियान से हफीज सकलैनी, अलीगंज से मकसूद सकलैनी, महेशपुर से नईम सकलैनी की कयादत में जुलूस दरगाह पहुंचे। इसी तरह भोजीपुरा, जादोंपुर, मझोला, सागलपुर, मझऊआ आदि कस्बों से चादरों के जुलूस आए। इधर, शहर में हजियापुर, जगतपुर, एजाजनगर से चमन सकलैनी, हामिद सकलैनी, अतीक सकलैनी, यावर सकलैनी और सैयद रेहान की कयादत में चादरों के जुलूस पहुंचे।