{"_id":"5a7470464f1c1b9f268b7d9d","slug":"univesrity-to-take-police-help-for-fair-examinations","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन की मदद से नकल रोकेगा विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन की मदद से नकल रोकेगा विश्वविद्यालय
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 02 Feb 2018 07:35 PM IST
विज्ञापन
MJP Rohilkhand university
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच मार्च से शुरू हो रहीं एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं में नकल पर लगाम लगाने को विश्वविद्यालय प्रशासन इस बार जिला प्रशासन की भी मदद लेगा। परिक्षेत्र के सभी नौ जिलों के डीएम को इस बाबत पत्र भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय अपने स्तर से पूरी तैयारी करेगा लेकिन जिला प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा। कुलपति ने बताया कि शासन की भी मंशा है कि परीक्षाओं में यूपी बोर्ड की तरह जिला प्रशासन की मदद ली जाए।
शासन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय नकलविहीन परीक्षा कराने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। कुलपति ने स्पष्ट कह दिया है कि सिफारिश वाला कोई भी परीक्षा केंद्र नहीं बनेगा। केंद्रों की सूची समिति में रखी जाएगी और पास होने के बाद ही उनको केंद्र बनाया जाएगा। सूत्रों की माने तो कुछ राजनीति हस्तियों के पत्र केंद्र बनाने को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचने लगे हैं। दूसरी तरफ कॉलेजों ने अपने विकल्प भी देना शुरू कर दिया है। हालांकि कुछ बड़े कॉलेज तीन-तीन विकल्प की जगह एक ही विकल्प दे रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र संख्या देखते हुए दूसरी जगह परीक्षाएं कराना संभव ही नहीं है। कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि अगर नकल का मामला पकड़ा जाता है सीधे एक्शन होगा। परीक्षाओं के लिए जिला प्रशासन का सहयोग मांगा जाएगा। हर जिले स्तर पर सचल दल बनेंगे। वह खुद परीक्षाओं पर नजर रखेंगे।
बरेली कॉलेज ने कहा विवि कैंपस में कराई जाएं उनकी परीक्षाएं
विश्वविद्यालय ने राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में भी स्वकेंद्र व्यवस्था खत्म करने का ऐलान किया है। ऐसे में बड़े कॉलेजों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। कॉलेज परेशान होकर उसी अंदाज में अपना जवाब भी विश्वविद्यालय को भेज रहे हैं। बरेली कॉलेज ने कुछ तीखे अंदाज में अपना प्रस्ताव भेजा है। कॉलेज ने पत्र में कहा कि उनके यहां रेग्युलर और प्राइवेट मिलाकर करीब पचास हजार छात्र हैं। उनकी परीक्षाएं किसी अन्य कॉलेज में नहीं हो सकती उनकी परीक्षाएं सिर्फ विश्वविद्यालय कैंपस में ही हो सकती हैं। प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि इतने छात्र और किसी कॉलेज में आ ही नहीं सकते इसलिए विश्वविद्यालय कैंपस में केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय नकलविहीन परीक्षा कराने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। कुलपति ने स्पष्ट कह दिया है कि सिफारिश वाला कोई भी परीक्षा केंद्र नहीं बनेगा। केंद्रों की सूची समिति में रखी जाएगी और पास होने के बाद ही उनको केंद्र बनाया जाएगा। सूत्रों की माने तो कुछ राजनीति हस्तियों के पत्र केंद्र बनाने को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचने लगे हैं। दूसरी तरफ कॉलेजों ने अपने विकल्प भी देना शुरू कर दिया है। हालांकि कुछ बड़े कॉलेज तीन-तीन विकल्प की जगह एक ही विकल्प दे रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र संख्या देखते हुए दूसरी जगह परीक्षाएं कराना संभव ही नहीं है। कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि अगर नकल का मामला पकड़ा जाता है सीधे एक्शन होगा। परीक्षाओं के लिए जिला प्रशासन का सहयोग मांगा जाएगा। हर जिले स्तर पर सचल दल बनेंगे। वह खुद परीक्षाओं पर नजर रखेंगे।
विज्ञापन
बरेली कॉलेज ने कहा विवि कैंपस में कराई जाएं उनकी परीक्षाएं
विश्वविद्यालय ने राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में भी स्वकेंद्र व्यवस्था खत्म करने का ऐलान किया है। ऐसे में बड़े कॉलेजों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। कॉलेज परेशान होकर उसी अंदाज में अपना जवाब भी विश्वविद्यालय को भेज रहे हैं। बरेली कॉलेज ने कुछ तीखे अंदाज में अपना प्रस्ताव भेजा है। कॉलेज ने पत्र में कहा कि उनके यहां रेग्युलर और प्राइवेट मिलाकर करीब पचास हजार छात्र हैं। उनकी परीक्षाएं किसी अन्य कॉलेज में नहीं हो सकती उनकी परीक्षाएं सिर्फ विश्वविद्यालय कैंपस में ही हो सकती हैं। प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि इतने छात्र और किसी कॉलेज में आ ही नहीं सकते इसलिए विश्वविद्यालय कैंपस में केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया है।
विज्ञापन