Union Budget 2023: बरेली के जरी-जरदोजी को मिलेगी संजीवनी, फर्नीचर कारोबार बढ़ने की उम्मीद
बरेली के बांस-बेंत और जरी-जरदोजी का कारोबार जो अब सिमटता जा रहा है, उसके भी दिन बहुरने की उम्मीद है। जानकारों के मुताबिक बजट हर वर्ग के लिए लाभदायक साबित होगा।
विस्तार
बजट से जो उम्मीदें लोगों को थीं, उनमें से ज्यादातर पूरी हुईं। पर्यटन, उद्योग धंधे, कारखाने आदि को बढ़ावा मिलने से बेरोजगारी भी दूर होगी। नए-नए स्टार्टअप से युवा आत्मनिर्भर होंगे। बरेली के बांस-बेंत और जरी-जरदोजी का कारोबार जो अब सिमटता जा रहा है, उसके भी दिन बहुरने की उम्मीद है। जानकारों के मुताबिक बजट हर वर्ग के लिए लाभदायक साबित होगा। सरकार को भी इसका सीधा लाभ राजस्व के तौर पर मिलेगा। इधर, बजट जारी होने के बाद सोने और चांदी के दाम बढ़ने से कारोबार में हल्की गिरावट की आशंका है।
एमएसएमई से बदलेगी जिले की तस्वीर
बजट में माइक्रो, मीडियम एंड स्मॉल इंडस्ट्रीज (एमएसएमई) के लिए बिना गिरवी के ऋण मुहैया कराने, आयकर की गणना 15 फीसदी के हिसाब से करने समेत अन्य घोषणा होने से बरेली में उद्योगों की तादाद बढ़ने की संभावना है। पिछले दिनों जिले में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मिले 14 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव अब और बढ़ सकते हैं।
इसमें एमएसएमई के ही करीब चार सौ से ज्यादा प्रोजेक्ट थे। जिन उद्यमियों ने इसमें निवेश किया है, उन्हें बड़ी राहत मिली है। बरेली में पंजीकृत और अपंजीकृत करीब पांच हजार एमएसएमई संचालित होने का अनुमान है। लिहाजा, उद्योगों के विस्तार होने से हजारों ग्रामीण रोजगार की संभावना बढ़ी है।
जरी-जरदोजी, बांस बेंत कारोबार बढ़ेगा
बजट में नए उद्योग स्थापित होने पर छूट के प्रावधान के बाद बरेली में भी जरी-जरदोजी के उद्योग स्थापित होने की उम्मीद बढ़ी है। जरी-जरदोजी के कारोबारी साकिब रजा खां के मुताबिक अब महज 25 फीसदी कारोबार है। निर्यात न के बराबर है। इसकी वजह अन्य राज्यों में मशीन से काम होना और भारी सूट के प्रति महिलाओं का रुझान कम होना है। 70 फीसदी कारीगर अन्य कार्यों में जुट गए हैं।
पहले एक करोड़ का रोजाना कारोबार था जो अब 20 से 25 लाख पर सिमट गया है। वहीं, बांस-बेंत कारोबारी शकील मियां के मुताबिक करीब 50 फीसदी गिरावट है। काम प्रभावित होने से निर्यात कम हुआ और कच्चा माल महंगा हो गया है। बचत कम और निवेश अधिक हो रहा है।
बरेली के पयर्टन हब बनने की उम्मीद
बजट में पर्यटन क्षेत्र विकसित किए जाने की घोषणा से बरेली के भी पर्यटन हब बनने की उम्मीद जगी है। कमिश्नर ने पिछले दिनों सातों नाथ मंदिरों तक पर्यटकों की सुविधा के लिए नाथ नगरी सर्किट और कॉरिडोर विकसित करने का खाका तैयार किया है।
मिनी बस के जरिये पर्यटकों को भ्रमण कराने, वेंडिंग जोन बनाने, नाथ मंदिरों का सुंदरीकरण कराने समेत अन्य कई बिन्दुओं पर कार्य प्रस्तावित हैं। इस पर शासन की मुहर भी लग चुकी है। इन्वेस्टर्स समिट में भी करीब 17 सौ करोड़ का निवेश पर्यटन क्षेत्र में हुआ है। हवाई सेवा शुरू होने का लाभ भी पयर्टन क्षेत्र को मिलेगा। उत्तराखंड जाने वाले पर्यटक नाथ नगरी का भी भ्रमण करेंगे। पंच सितारा होटल भी बन रहे हैं।
शाम से ही बढ़ गए सोना-चांदी के दाम
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल का कहना है कि सरकार की ओर से बजट पेश होने के बाद सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी संबंधी जो घोषणा की गई, उसका नतीजा रहा कि शाम से ही सोना और चांदी के दाम करीब डेढ़ हजार रुपये बढ़ गए। सोना प्रति दस ग्राम 58,500 रुपये और चांदी प्रति किलो 68,500 रुपये की हो गई।
उन्होंने बताया कि बरेली में दो हजार करोड़ का सालाना सराफा कारोबार होता है। अचानक से दाम बढ़ने पर अगले कुछ दिनों तक कारोबार के भी प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, फिजिकल गोल्ड को डिजिटल में बदलने पर टैक्स से छूट का भी प्रावधान किया गया है।