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Bareilly News: सोशल मीडिया पर रूविवि के नाम पर चल रहे अनधिकृत अकाउंट्स...दे रहे भ्रामक सूचनाएं
Wed, 27 Mar 2024 04:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 27 Mar 2024 04:22 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत अकाउंट चलाए जा रहे हैंं। इनसे कई बार भ्रामक और अधूरी जानकारी भी साझा की जाती हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय अनधिकृत खातों को चिह्नित करेगा, ताकि विश्वविद्यालय से जुड़े पांच लाख से अधिक विद्यार्थी इन सूचनाओं से प्रभावित न हों।
यही नहीं, विगत दिनों कुलपति प्रो. केपी सिंह के नाम पर भी फर्जी ई-मेल आईडी बना ली गई थी। उस आईडी से कई कॉलेजों को मेल भी भेजे गए थे। इसके बाद से विश्वविद्यालय ने ऐसे फर्जी अकाउंट्स की निगरानी करना शुरु कर दिया है जो कि विश्वविद्यालय के नाम से चलाए जा रहे हैं। जांच में सामने आ रहा है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में एमजेपीआरयू के नाम से अकाउंट बनाए गए हैं। इनसे विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री जैसे संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों के वीडियो और खबरें साझा की जाती हैं। कई बार इनसे अधूरी और भ्रामक सूचनाएं भी साझा की जाती हैं। इनमें से कुछ खाते तो ऐसे भी हैं, जिनसे हजारों की संख्या में लोग जुड़े हुए हैं।
वहीं विश्वविद्यालय का आधिकारिक अकाउंट अधिक सक्रिय नहीं है। ऐसे में उससे लोग जुड़ना भी पसंद नहीं करते हैं। अन्य फर्जी अकाउंट्स पर विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी भी पोस्ट की जाती हैं, लेकिन आधिकारिक अकाउंट पर गतिविधियां बेहद कम रहती हैं। इसी का फायदा उठाकर कुछ अन्य अनधिकृत खाते बनाए जा रहे हैं। फॉलोअर बढ़ाने के लिए इन अकाउंट्स को आधिकारिक जैसा बनाया जा रहा है। इसी को लेकर अब रूविवि प्रशासन सख्त हुआ है। मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि आधिकारिक के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के नाम से चलाए जा रहे खातों की सूची बनाई जा रही है। ऐसे अकाउंट्स बंद कराए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को कोई गलत सूचना विवि के नाम पर न मिले।
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यही नहीं, विगत दिनों कुलपति प्रो. केपी सिंह के नाम पर भी फर्जी ई-मेल आईडी बना ली गई थी। उस आईडी से कई कॉलेजों को मेल भी भेजे गए थे। इसके बाद से विश्वविद्यालय ने ऐसे फर्जी अकाउंट्स की निगरानी करना शुरु कर दिया है जो कि विश्वविद्यालय के नाम से चलाए जा रहे हैं। जांच में सामने आ रहा है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में एमजेपीआरयू के नाम से अकाउंट बनाए गए हैं। इनसे विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री जैसे संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों के वीडियो और खबरें साझा की जाती हैं। कई बार इनसे अधूरी और भ्रामक सूचनाएं भी साझा की जाती हैं। इनमें से कुछ खाते तो ऐसे भी हैं, जिनसे हजारों की संख्या में लोग जुड़े हुए हैं।
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वहीं विश्वविद्यालय का आधिकारिक अकाउंट अधिक सक्रिय नहीं है। ऐसे में उससे लोग जुड़ना भी पसंद नहीं करते हैं। अन्य फर्जी अकाउंट्स पर विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी भी पोस्ट की जाती हैं, लेकिन आधिकारिक अकाउंट पर गतिविधियां बेहद कम रहती हैं। इसी का फायदा उठाकर कुछ अन्य अनधिकृत खाते बनाए जा रहे हैं। फॉलोअर बढ़ाने के लिए इन अकाउंट्स को आधिकारिक जैसा बनाया जा रहा है। इसी को लेकर अब रूविवि प्रशासन सख्त हुआ है। मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि आधिकारिक के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के नाम से चलाए जा रहे खातों की सूची बनाई जा रही है। ऐसे अकाउंट्स बंद कराए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को कोई गलत सूचना विवि के नाम पर न मिले।
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