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Umesh Pal Murder: मेडिकल कॉलेज में चार दिन फर्श पर सोया लल्ला, फरारी का पता लगने पर 'अपनों' ने खड़े कर दिए हाथ
Thu, 23 Mar 2023 08:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 23 Mar 2023 08:40 AM IST
सार
गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की पूछताछ में लल्ला गद्दी ने बताया कि वह हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में चार दिन फर्श पर सोया। रामपुर-संभल से दिल्ली तक भटकता रहा। फरारी का पता लगने पर कई लोगों ने हाथ खड़े कर दिए।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी लल्ला गद्दी और आरिफ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की पूछताछ में लल्ला गद्दी ने फरारी के दिनों का हाल बताया है। कई जगह मदद मांगने के बाद उसे कुछ जगह ही शरण मिल सकी। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में आम तीमारदारों की तरह फर्श पर सोकर उसने कुछ दिन गुजारे। अब शरणदाताओं की तस्दीक कर उन पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
लल्ला गद्दी ने बताया कि मुकदमे में नामजदगी का पता लगते ही वह बस में बैठकर रामपुर निकल गया था। वहां और संभल में परिचितों के यहां रुका। जब लोगों को बरेली के केस की जानकारी हुई तो उससे जाने को कह दिया। इसके बाद वह दिल्ली गया। वहां ज्यादा वक्त ठहरा।
सोशल मीडिया के जरिये वहां शरण देने वालों को भी मुकदमे की जानकारी हो गई और उसे जाने को कह दिया गया। वहां से बस में बैठकर वह हल्द्वानी आया और परिचितों से मदद मांगी, पर उन्होंने हाथ खड़े कर दिए।
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होटल में ठहरने पर पहचान और गिरफ्तारी का खतरा था। इसलिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज पहुंचा। वहां खासी भीड़ थी। अस्पताल की गैलरी में चार दिन साथ फर्श पर सोकर गुजारे। गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही वह बरेली आया था।
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लल्ला गद्दी ने बताया कि मुकदमे में नामजदगी का पता लगते ही वह बस में बैठकर रामपुर निकल गया था। वहां और संभल में परिचितों के यहां रुका। जब लोगों को बरेली के केस की जानकारी हुई तो उससे जाने को कह दिया। इसके बाद वह दिल्ली गया। वहां ज्यादा वक्त ठहरा।
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सोशल मीडिया के जरिये वहां शरण देने वालों को भी मुकदमे की जानकारी हो गई और उसे जाने को कह दिया गया। वहां से बस में बैठकर वह हल्द्वानी आया और परिचितों से मदद मांगी, पर उन्होंने हाथ खड़े कर दिए।
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होटल में ठहरने पर पहचान और गिरफ्तारी का खतरा था। इसलिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज पहुंचा। वहां खासी भीड़ थी। अस्पताल की गैलरी में चार दिन साथ फर्श पर सोकर गुजारे। गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही वह बरेली आया था।
गुजरात लैब भेजे जाएंगे मोबाइल, डिलीट चैट भी निकलेगी
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि लल्ला के पास दो मोबाइल थे। फरवरी में एक और उसके बाद मार्च में दूसरा मोबाइल नया सिम डालकर चलाने की पुष्टि हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि एक मोबाइल अपने वकील को दे गया था और दूसरे से चुनिंदा लोगों से बात करता रहा।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि लल्ला के पास दो मोबाइल थे। फरवरी में एक और उसके बाद मार्च में दूसरा मोबाइल नया सिम डालकर चलाने की पुष्टि हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि एक मोबाइल अपने वकील को दे गया था और दूसरे से चुनिंदा लोगों से बात करता रहा।
पुलिस वकील से भी मोबाइल लेकर दोनों मोबाइलों को गुजरात की फोरेंसिक लैब भेजेगी। कई मेसेज पुलिस को मिले हैं तो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कई मैसेज मिटाए भी गए हैं। इनकी रिकवरी के बाद जांच होगी और तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
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लल्ला गद्दी ने एसआईटी को भी दिया गच्चा
लल्ला गद्दी को पता था कि समर्पण करना आसान नहीं है और समर्पण कर भी दिया तो एसआईटी उसको रिमांड पर ले लेगी। इसलिए उसने एसआईटी के सामने हाजिर होने का प्लान बनाया। समर्पण के दौरान भी टीम को बातों में कुछ सेकंड के लिए उलझा लिया, ताकि वीडियो में उसका चेहरा आ सके और अपने साथी से वीडियो बनवा कर वायरल करा दिया।
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लल्ला गद्दी को पता था कि समर्पण करना आसान नहीं है और समर्पण कर भी दिया तो एसआईटी उसको रिमांड पर ले लेगी। इसलिए उसने एसआईटी के सामने हाजिर होने का प्लान बनाया। समर्पण के दौरान भी टीम को बातों में कुछ सेकंड के लिए उलझा लिया, ताकि वीडियो में उसका चेहरा आ सके और अपने साथी से वीडियो बनवा कर वायरल करा दिया।
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लल्ला गद्दी को डर था एसआईटी उसे पूछताछ के लिए कुछ दिन के लिए हिरासत में न रख ले। लल्ला गद्दी का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, एसआईटी को उसका चालान करना पड़ा। एसआईटी वीडियो बनाने वाले की जानकारी जुटा रही है। वहीं लल्ला गद्दी की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की भी तैयारी है।