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जेईई मेन में उज्ज्वल और कुशाग्र चमके
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 01 May 2018 02:06 AM IST
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JEE MAIN
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देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन में बरेली के मेधावियों ने भी चमक बिखेरी है। जिले के उज्ज्वल सिंह ने 1412 रैंक (252 अंक) और कुशाग्र शर्मा ने 1608 रैंक (248 अंक) हासिल करते हुए जेईई मेन क्वालीफाई कर लिया है। जिले में तीन सौ से ज्यादा छात्रों ने मेन क्वालीफाई किया है।
आठ अप्रैल को हुई परीक्षा में बरेली के सात सेंटरों पर चार हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। तैयारी कराने वाले संस्थानों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस बार तीन सौ से ज्यादा ने जेईई मेन क्वालीफाई किया है। राधिका गुप्ता 2884 रैंक, आशुतोष चित्रांशी ने 2987 रैंक, स्पर्श अग्रवाल 5454 रैंक, मृत्युंजय शर्मा ने 5739 रैंक और मयंक जैन ने 7014 रैंक हासिल करते हुए मेन क्वालीफाई किया है। इनके अलावा अर्जित कुदेशिया 1971 रैंक, अंकिता, मुआजुल हसन, अपूर्व ने भी सफलता हासिल की है। अब इन छात्रों के आगे जेईई एडवांस क्वालीफाई करने की चुनौती है जो मई में होगा। एडवांस की रैंक के अनुसार ही छात्रों को आईआईटी में प्रवेश का मौका मिलता है।
इंटरनेट को बाधा नहीं बल्कि बनाया मददगार
जेईई मेन में 1412 रैंक हासिल करने वाले उज्ज्वल का कहना है कि टेक्नोलॉजी कभी कामयाबी में रोड़ा नहीं बनती। पढ़ाई के दौरान मां-बाप बच्चों को इंटरनेट से दूर रहने की सलाह देते हैं, जबकि उज्ज्वल का मानना है कि इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए इंटरनेट काफी मददगार साबित हुुआ। स्टडी मैटेरियल के साथ उन्होंने यूट्यूब से ऑनलाइन लेक्चर लिए। कई वेबसाइट से स्टडी मैटेरियल जुटाया। कोचिंग के अलावा सात से आठ घंटा तैयारी करते थे। पिता सुरेश चंद्र मीरगंज के एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। उज्ज्वल का सपना आईआईटी से इंजीनियरिंग करना है।
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लक्ष्य पाने का जुनून हो तो सब आसान: कुशाग्र
जेईई मेन में 1608 रैंक हासिल करे वाले कुशाग्र शर्मा कहते हैं कि लक्ष्य पाने का जुनून हो तो सब आसान हो जाता है। पिछले साल वह कुछ नंबरों से एडवांस क्वालीफाई नहीं कर पाए। कुशाग्र का कहना है कि पिछले साल जो कमजोरियां रहीं उनको दूर करने की ठानी। इस बार लक्ष्य निर्धारित करके तैयारी की। ऐसा भी नहीं कि हर वक्त पढ़ा भी। स्ट्रैस मैनेजमेंट करके पढ़ाई ही। इंटरनेट को तैयारी का हिस्सा बनाया। इस बार वह सफल हो गए। अब उनका लक्ष्य एडवांस हैं। कुशाग्र के पिता रेलवे में इंजीनियर हैं। कुशाग्र का लक्ष्य कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना है।
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आठ अप्रैल को हुई परीक्षा में बरेली के सात सेंटरों पर चार हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। तैयारी कराने वाले संस्थानों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस बार तीन सौ से ज्यादा ने जेईई मेन क्वालीफाई किया है। राधिका गुप्ता 2884 रैंक, आशुतोष चित्रांशी ने 2987 रैंक, स्पर्श अग्रवाल 5454 रैंक, मृत्युंजय शर्मा ने 5739 रैंक और मयंक जैन ने 7014 रैंक हासिल करते हुए मेन क्वालीफाई किया है। इनके अलावा अर्जित कुदेशिया 1971 रैंक, अंकिता, मुआजुल हसन, अपूर्व ने भी सफलता हासिल की है। अब इन छात्रों के आगे जेईई एडवांस क्वालीफाई करने की चुनौती है जो मई में होगा। एडवांस की रैंक के अनुसार ही छात्रों को आईआईटी में प्रवेश का मौका मिलता है।
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इंटरनेट को बाधा नहीं बल्कि बनाया मददगार
जेईई मेन में 1412 रैंक हासिल करने वाले उज्ज्वल का कहना है कि टेक्नोलॉजी कभी कामयाबी में रोड़ा नहीं बनती। पढ़ाई के दौरान मां-बाप बच्चों को इंटरनेट से दूर रहने की सलाह देते हैं, जबकि उज्ज्वल का मानना है कि इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए इंटरनेट काफी मददगार साबित हुुआ। स्टडी मैटेरियल के साथ उन्होंने यूट्यूब से ऑनलाइन लेक्चर लिए। कई वेबसाइट से स्टडी मैटेरियल जुटाया। कोचिंग के अलावा सात से आठ घंटा तैयारी करते थे। पिता सुरेश चंद्र मीरगंज के एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। उज्ज्वल का सपना आईआईटी से इंजीनियरिंग करना है।
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लक्ष्य पाने का जुनून हो तो सब आसान: कुशाग्र
जेईई मेन में 1608 रैंक हासिल करे वाले कुशाग्र शर्मा कहते हैं कि लक्ष्य पाने का जुनून हो तो सब आसान हो जाता है। पिछले साल वह कुछ नंबरों से एडवांस क्वालीफाई नहीं कर पाए। कुशाग्र का कहना है कि पिछले साल जो कमजोरियां रहीं उनको दूर करने की ठानी। इस बार लक्ष्य निर्धारित करके तैयारी की। ऐसा भी नहीं कि हर वक्त पढ़ा भी। स्ट्रैस मैनेजमेंट करके पढ़ाई ही। इंटरनेट को तैयारी का हिस्सा बनाया। इस बार वह सफल हो गए। अब उनका लक्ष्य एडवांस हैं। कुशाग्र के पिता रेलवे में इंजीनियर हैं। कुशाग्र का लक्ष्य कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना है।