रिजल्ट के साइड इफेक्ट: कक्षा के बाद जिंदगी की परीक्षा में हुए फेल, एक ने पेड़ तो दूसरे ने कमरे में लगाई फांसी
अरवेश ने कटहल के पेड़ पर लटकर तो अश्वनी प्रताप सिंह ने कमरे की छत के कुंडे में साड़ी के फंदे से लटककर जान दे दी।
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यूपी बोर्ड के इंटरमीडियट के परिणाम में फेल होने पर मिर्जापुर और सिंधौली क्षेत्र में दो छात्रों ने फंदे से लटककर जान दे दी। सिंधौली के गांव दौलतपुर निवासी अरवेश दूसरी बार इंटर में फेल हुआ था। वहीं मिर्जापुर कस्बे में रहने वाले अश्वनी ने दोपहर जनसेवा केंद्र में जाकर परिणाम देखा और कमरे में आकर फंदे से लटककर जान दे दी। दोनों छात्रों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी पिता महेश ने बताया कि अरवेश नियामतपुर गांव स्थित फूल सिंह शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज का छात्र था। मंगलवार दोपहर को वह रिजल्ट देखने के लिए घर से अन्य साथी छात्रों के साथ शाहजहांपुर गया था। परीक्षा में फेल होने के बाद अरवेश घर वापस नहीं लौटा। गांव के बाहर कटहल के बाग में पेड़ से रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी।
ग्रामीण बाग के पास से गुजरे तो उन्होंने अरवेश को फंदे से लटका देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने परिजन को बताया। रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंचे सिंधौली थाने के प्रभारी निरीक्षक ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अरवेश की मौत से पिता महेश, मां सावित्री, भाई प्रमोद व अरविंद, बहन निशा और नैन्सी का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अरवेश के दोस्तों से उसके फेल होने की जानकारी मिली है। दूसरी बार फेल होने के कारण अरवेश काफी परेशान था।
वहीं मिर्जापुर कस्बे के निवासी नन्हें सिंह के 17 वर्षीय पुत्र अश्वनी प्रताप सिंह ने इंटर की परीक्षा में फेल होने पर घर में कमरे की छत के कुंडे में साड़ी के फंदे से लटककर जान दे दी। वह जगदीश प्रसाद इंटर कॉलेज में पढ़ता था। अश्वनी प्रताप ने मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे जनसेवा केंद्र जाकर अपना परीक्षा परिणाम देखा था। इसके बाद वह घर आया तो परिजनों ने रिजल्ट के बारे में पूछा। खुद को फेल बताकर अश्वनी कमरे में पहुंचा और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। कुछ देर बाद नन्हें सिंह ने अपने छोटे बेटे अंश से अश्वनी को बुलाने के लिए कहा।
अंश ने कमरे के बाहर जाकर आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर देखा तो अश्वनी अपनी मां की साड़ी के फंदे से छत के कुंडे से लटक रहा था। परिवार के लोगों ने उसे नीचे उतारा लेकिन उसकी सांसें थम गईं थीं। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को बिना दिए कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है। बेटे की मौत से पिता नन्हें सिंह, मां अंजली, छोटे भाई अंश प्रताप और ताऊ रविंद्र प्रताप सिंह आदि का रो-रोकर बुरा हाल है।