{"_id":"626affa1f21a7b48400ac5a5","slug":"two-died-in-car-accident-bareilly-news-bly4830868194","type":"story","status":"publish","title_hn":"रान घटना स्थल से दौ सौ मीटर पहले ली थी कोल्ड्रींक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रान घटना स्थल से दौ सौ मीटर पहले ली थी कोल्ड्रींक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। चीफ इंजीनियर सुरेंद्र शर्मा ने बरेली से निकलने के बाद एक जगह कार रोककर कोल्ड ड्रिंक ली थी। तब पत्नी ने उनसे कहा था कि कार किसी ढाबे पर रोक ले तो खाना भी खा लेंगे, लेकिन उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि मीरगंज में बेटे के घर रुककर खाना खाएंगे। कोल्डड्रिंक लेने के बाद आगे बढ़े तो कार फतेहगंज पश्चिमी बाईपास के पास अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई और दोनों की मौत हो गई।
धामपुर शुगर मिल मीरगंज में केमिकल इंजीनियर सुरेंद्र शर्मा के बेटे शिवम ने बताया कि पापा ने घटना स्थल से दो सौ मीटर पहले एक ढाबे पर कार रोकी थी। तब मां अर्चना ने उनसे वहीं खाना खा लेने को कहा था, लेकिन पापा ने मना कर दिया। कहा, कुछ आगे ही मीरगंज कस्बा है। वहां बेटे शिवम से मुलाकात करेंगे ही तो वहीं खाना खा लेंगे। पापा कोल्डड्रिंक लेकर कार में बैठ कर चले तो कुछ देर बाद ही हादसा हो गया। शिवम का कहना था कि काश, पापा मम्मी की बात मानकर ढाबे पर रुक जाते तो शायद हादसा न होता। सुरेंद्र की एक बेटी भी है इशिता। वह बीएससी की पढ़ाई कर रही है।
बेटे और अपनी शादी की सालगिरह मनाने के लिए थी 15 दिन की छुट्टी
शिवम के मुताबिक, उनके माता-पिता की शादी की सालगिरह सात मई को होती है, जबकि उनकी (शिवम) की शादी की सालगिरह 30 अप्रैल को है। इसी वजह से सुरेंद्र 15 दिन की छुट्टी लेकर पत्नी के साथ मुजफ्फरनगर जा रहे थे। शिवम ने बताया कि मां ने पूजा का सामान बृहस्पतिवार को ही फैजाबाद से ले लिया था। परिवार में शादी की सालगिरह मनाने को लेकर खुशी का माहौल था जो अब मातम में बदल गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर शुगर मिल मीरगंज में केमिकल इंजीनियर सुरेंद्र शर्मा के बेटे शिवम ने बताया कि पापा ने घटना स्थल से दो सौ मीटर पहले एक ढाबे पर कार रोकी थी। तब मां अर्चना ने उनसे वहीं खाना खा लेने को कहा था, लेकिन पापा ने मना कर दिया। कहा, कुछ आगे ही मीरगंज कस्बा है। वहां बेटे शिवम से मुलाकात करेंगे ही तो वहीं खाना खा लेंगे। पापा कोल्डड्रिंक लेकर कार में बैठ कर चले तो कुछ देर बाद ही हादसा हो गया। शिवम का कहना था कि काश, पापा मम्मी की बात मानकर ढाबे पर रुक जाते तो शायद हादसा न होता। सुरेंद्र की एक बेटी भी है इशिता। वह बीएससी की पढ़ाई कर रही है।
विज्ञापन
बेटे और अपनी शादी की सालगिरह मनाने के लिए थी 15 दिन की छुट्टी
शिवम के मुताबिक, उनके माता-पिता की शादी की सालगिरह सात मई को होती है, जबकि उनकी (शिवम) की शादी की सालगिरह 30 अप्रैल को है। इसी वजह से सुरेंद्र 15 दिन की छुट्टी लेकर पत्नी के साथ मुजफ्फरनगर जा रहे थे। शिवम ने बताया कि मां ने पूजा का सामान बृहस्पतिवार को ही फैजाबाद से ले लिया था। परिवार में शादी की सालगिरह मनाने को लेकर खुशी का माहौल था जो अब मातम में बदल गया है।
विज्ञापन