बरेली: शाहदाना में नो एंट्री में दौड़ रहे ट्रक, कुत्तों व बंदरों का भी आतंक, लोगों ने बताईं समस्याएं
बरेली के शाहदाना (वार्ड-60) के निवासियों ने रविवार को अमर उजाला के वार्ड संवाद में कई समस्याएं उठाईं। नो एंट्री के बावजूद शहर में भारी ट्रकों के प्रवेश से जाम लगता है। स्थानीय लोगों ने कुत्तों, बंदरों और छुट्टा पशुओं के आतंक की शिकायत की। कूड़ा निस्तारण, जलभराव और अतिक्रमण जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी बताया गया।
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नो एंट्री के बाद भी शहर में प्रवेश कर रहे ट्रकों की वजह से शाहदाना में जाम लग रहा है। क्षेत्र में कुत्तों व बंदरों का भी आतंक है। स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। शाहदाना (वार्ड-60) के नाग पंचमी मेला ग्राउंड में रविवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित वार्ड संवाद में ये समस्याएं स्थानीय लोगों ने उठाईं।
राजीव पाठक ने बताया कि दिन में नो एंट्री के बाद भी भारी वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं। इनमें से कई सामान उतारने के लिए शाहदाना तक आते हैं। सड़क पर ही इन्हें खड़ा करके सामान उतारा जाता है। इस वजह से जाम लगता है। अभिषेक कुमार ने बताया कि इन ट्रकों से कई बार तार टूट जाते हैं। गंगापुर से लेकर मठ की चौकी तक परेशानी होती है।
भूपराम ने बताया कि पात्र होने के बाद भी उन्हें आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिला है। नाग पंचमी मैला मैदान पर कभी रामलीला का मंचन होता था। अब यहां अतिक्रमण करके वाहनों को खड़ा किया जा रहा है।
चूहों ने खोदी मिट्टी, धंस रही सड़क
कैलाश बाबू ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए सप्ताह में एक ही दिन कर्मचारी आते हैं। चूहों ने मिट्टी खोद दी है। इस वजह से सड़क धंस रही है। राकेश कुमार व राजा ने बताया कि बारिश में जलभराव एक बड़ी समस्या है। कुत्ते व बंदर भी नहीं पकड़े जा रहे।
लालमन दास भोज ने बताया कि गंगापुर से श्यामगंज की ओर जाने वाले मार्ग पर रोजाना ठेले खड़े रहते हैं। इस वजह से जाम लगता है। पैदल निकलना तक मुश्किल होता है। स्मार्ट मीटर की शिकायत कई बार की लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
लावारिस पशुओं की समस्या
राम राजपूत ने बताया कि कुत्तों, गाय व बंदरों की समस्या अधिक हो गई है। श्यामगंज चौराहे पर बेसहारा गाय कई लोगों को जख्मी कर चुकी है। डर की वजह से बच्चे अकेले घर से बाहर नहीं जाते। विनोद राजपूत ने बताया कि गलियों में सुबह से ही वाहन खड़े रहते हैं। चीनी वाली व मिर्च वाली गली में हमेशा ट्रक खड़ा रहता है। इस वजह से जाम लगता है। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
हरिशंकर ने बताया कि क्षेत्र में छुट्टा पशुओं का आतंक है। बंदरों का आतंक इतना है कि छत पर कपड़े नहीं सुखा सकते। शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं।
शाहदाना की पार्षद मंजू देवी ने कहा कि बाबा अहमद अली तालाब में पानी के निकासी की समस्या को ठीक कराया गया है। श्यामगंज ओवरब्रिज से कुतुबखाना पुल तक सड़क मरम्मत का कार्य चल रहा है। शाहदाना ओवरब्रिज से मठ की चौराहे तक सड़क मरम्मत का कार्य प्रस्तावित है।