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तीन तलाक मुस्लिम बेटियों पर अत्याचार : शहाबुद्दीन
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बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि मुस्लिम बेटियों पर तीन तलाक का फंदा डालकर कुछ लोग अत्याचार करना चाहते हैं। तीन तलाक की वकालत करने वाले वोट बैंक के भूखे लोग हैं। मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उन्हें भड़काकर फायदा लेना चाहते हैं। मुसलमानों को समान नागरिक संहिता के नाम पर भड़काया जा रहा है।
मौलाना ने समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन भी किया। कहा कि मिस्र ने 90 साल पहले तीन तलाक को बंद कर दिया। कतर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश में भी तीन तलाक खत्म हो चुका है। ये परंपरा का हिस्सा नहीं है। एक साथ तीन तलाक देने पर पैगंबर-ए-इस्लाम ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। तीन तलाक तीन महीने में दिया जाना चाहिए। इसमें शरीयत की मंशा यह है कि मियां-बीवी में ताल्लुकात बने रहें और परिवार के लोगों की मदद से उनके बीच सुलह कराया जा सके। यही तरीका सभी मुस्लिम देशों में लागू है। लोग नासमझी के कारण एक साथ तीन तलाक दे देते हैं, जिसका खामियाजा बीवी के साथ पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है।
मौलाना ने कहा कि प्रधानमंत्री पसमांदा मुसलमानों की बेहतरी के लिए कह रहे हैं, यह अच्छी बात है। मेरी उनसे गुजारिश है कि वह जो कह रहे हैं, उसे करके भी दिखाएं ताकि मुसलमानों की तरक्की के रास्ते भी खुलें।
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मौलाना ने समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन भी किया। कहा कि मिस्र ने 90 साल पहले तीन तलाक को बंद कर दिया। कतर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश में भी तीन तलाक खत्म हो चुका है। ये परंपरा का हिस्सा नहीं है। एक साथ तीन तलाक देने पर पैगंबर-ए-इस्लाम ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। तीन तलाक तीन महीने में दिया जाना चाहिए। इसमें शरीयत की मंशा यह है कि मियां-बीवी में ताल्लुकात बने रहें और परिवार के लोगों की मदद से उनके बीच सुलह कराया जा सके। यही तरीका सभी मुस्लिम देशों में लागू है। लोग नासमझी के कारण एक साथ तीन तलाक दे देते हैं, जिसका खामियाजा बीवी के साथ पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है।
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मौलाना ने कहा कि प्रधानमंत्री पसमांदा मुसलमानों की बेहतरी के लिए कह रहे हैं, यह अच्छी बात है। मेरी उनसे गुजारिश है कि वह जो कह रहे हैं, उसे करके भी दिखाएं ताकि मुसलमानों की तरक्की के रास्ते भी खुलें।
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