फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Travel halted due to strike... supply of essential commodities disrupted, fight for fuel

Bareilly News: हड़ताल से थमा सफर... जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित, ईंधन के लिए मारामारी

Wed, 03 Jan 2024 12:57 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 03 Jan 2024 12:57 AM IST
विज्ञापन
Travel halted due to strike... supply of essential commodities disrupted, fight for fuel
बरेली। हिट एंड रन कानून में बदलाव के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी चालक हड़ताल पर रहे। ट्रकों और टैंकरों के पहिये थमने से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने लगी है। आवक रुकने से सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। ईंधन के लिए पेट्रोल पंपों पर मारामारी की स्थिति रही। कई पेट्रोल पंप ड्राई हो गए। जिन पंपों के पास थोड़ा-बहुत स्टॉक बचा है, वह भी बुधवार को खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन

जवाहर मार्केट के एलपीजी गैस डीलर राजकुमार के मुताबिक मंगलवार को भी बॉटलिंग प्लांट से गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी। गैस एजेंसियों के गोदाम में भी सिर्फ 30 फीसदी सिलिंडर बचे हैं। ऐसे में अगले 24 घंटे तक अगर आपूर्ति बाधित रही तो जिले के करीब तीन लाख उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल सकेंगे। वहीं, दवा कारोबारियों के मुताबिक बाजार में अभी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
विज्ञापन

मंगलवार को जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लगी रही। लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवाया। वाहन चालकों की हड़ताल के कारण डीजल की बिक्री में कमी आई है, वहीं पेट्रोल की बिक्री में इजाफा हुआ है। श्यामगंज, मालियों की पुलिया, ईसाइयों की पुलिया, स्टेडियम रोड, कोहाड़ापीर, पटेल चौक समेत कई स्थानों पर पेट्रोल पंप संचालकों ने मंगलवार शाम से पेट्रोल की बिक्री रोक दी। कई ने नो स्टॉक के बोर्ड भी लगा दिए। इस वजह से कई स्थानों पर हाथापाई की नौबत भी आ गई। सोमवार को सिर्फ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के टैंकर चालक हड़ताल पर थे। मंगलवार को भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के टैंकर चालक भी इसमें शामिल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेट्रोल पंप संचालक राशु अग्रवाल के मुताबिक मंगलवार को पंप पर उपलब्ध पेट्रोल के स्टॉक में से 75 फीसदी बिक्री हो गई। इधर, डिपो से भी आपूर्ति नहीं हुई। अगले 24 घंटे में आपूर्ति न हुई तो पंप ड्राई हो जाएंगे। बरेली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि ट्रक, बस, डंपर के पहिये थमने से डीजल की खपत कम है। फिर भी तीन दिन बाद डीजल पंप ड्राई होने के आसार हैं।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री सुदेश अग्रवाल के मुताबिक अभी खाद्यान्न संबंधी कोई दिक्कत नहीं है। एक-दो दिन और ट्रकों के पहिये थमे रहे तो दूध, ब्रेड आदि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होगी। इसका स्टॉक ज्यादा दिन टिक नहीं सकेगा। डेयरी वालों को भी चारे की दिक्कत होगी।

सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजेश गुप्ता के मुताबिक उद्योग धंधे परिवहन पर ही टिके हैं। अगर कच्चा माल नहीं आएगा तो कारोबार प्रभावित होगा। मंगलवार को तैयार माल की डिलीवरी भी नहीं हो सकी। मन्नत करने पर भी चालक राजी नहीं हुए। छोटी गाड़ियों से शहर में सामान की आपूर्ति कराई गई। अब ईंधन का संकट मंडराने से कारोबारी परेशान हैं।
रोडवेज के संविदा चालकों के हड़ताल में शामिल होने की वजह से 70 फीसदी बसें वर्कशॉप से नहीं निकल सकीं। सेटेलाइट और पुराने बस अड्डे पर ठंड में यात्री भटकते रहे। हालांकि, दूसरे दिन ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन होने से शहरवासियों को थोड़ी राहत मिली। दिन चढ़ने के साथ रोडवेज वर्कशॉप से बसें निकलनी शुरू हुईं। इसी बीच चालकों की हड़ताली यूनियनें सक्रिय हो गईं। शहर में जगह-जगह जुलूस निकालकर बसों समेत अन्य वाहनों को रोककर सवारियों काे उतारना शुरू कर दिया। दोपहर एक बजे हड़ताली चालक सेटेलाइट तिराहे पर पहुंचे। यहां पुलिस चौकी के पास नारेबाजी करते हुए आधे घंटे तक बरेली-शाहजहांपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान चालकों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। रोडवेज के संविदा चालकों ने प्रदर्शन किया। जनरथ श्रेणी की आठ बसों को भी रद्द करना पड़ा। रोडवेज की जो बसें डिपो से निकलीं, हड़ताली चालकों ने उनको भी रास्ते में रोक लिया।
आंवला क्षेत्र में तेल डिपो के गेट पर टैंकर चालकों ने प्रदर्शन किया। बरेली के साथ ही पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर व उत्तराखंड तक पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति ठप हो गई है। बहेड़ी में गुड़वारा के समीप ट्रक चालकों ने हाईवे पर जाम लगाया। सेंथल में प्रदर्शनकारी चालकों ने ई-रिक्शा का संचालन भी नहीं होने दिया। नवाबगंज में आक्रोशित चालकों ने रिछोला किफायतुल्ला पुलिस चौकी के नजदीक हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर चालकों को हटाया। दो को हिरासत में लिया गया है। आंवला में भाकियू (शंकर गुट) से जुड़े किसानों ने चालकों के समर्थन में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
परिवार में शादी है। रविवार को बरेली में रिश्तेदारों को निमंत्रण देने आया था। अब यहीं फंस गया हूं। पहले से हड़ताल के बारे में पता होता तो फिलहाल नहीं आता। घर पर कई काम अटके हैं। - सुजीत शुक्ला, मैलानी
आगरा गया था। ट्रेन से बरेली तो आ गया पर पलिया जाने के लिए बस नहीं मिल रही। हड़ताल के बारे में पता नहीं था। बस अड्डे के पूछताछ केंद्र पर कहा जा रहा है कि बसों की हड़ताल नहीं है। - रामेश्वर सिंह, पलिया
पेट्रोल पंपों पर लाइन लगी हुई है। कई पंप संचालकों ने नो स्टॉक का बोर्ड लगा दिया है। बाइक में पेट्रोल कम था। हड़ताल आगे खिंची तो समस्या हो सकती है। ऐसे में बाइक की टंकी फुल कराने आया हूं। - राहुल त्यागी, इज्जतनगर
पंपों पर पेट्रोल के लिए मारामारी है। नो स्टॉक के बोर्ड देखकर लोग परेशान हो रहे हैं। अगर आपूर्ति ठप हो जाती है तो सब कुछ थम जाएगा। सरकार को चाहिए कि हड़ताली चालकों से वार्ता कर समाधान निकाले। - विकास कश्यप, सीबीगंज
वाहन चालकों की हड़ताल की वजह से डेलापीर स्थित थोक मंडी में मंगलवार को सब्जियों की आवक घटने से कीमतों में 20 फीसदी तक उछाल दर्ज किया गया। मिलन वेजिटेबल एंड फ्रूट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शुजाउर्रहमान ने बताया कि चालकों की हड़ताल की वजह से दूसरे प्रदेशों व जनपदों से सब्जियां कम आ रही हैं। सामान्य दिनों की तुलना में मंगलवार को आधा माल भी नहीं आया। यही हाल रहा तो भाव में और तेजी आ सकती है।

जिले में उगाई जाने वाली शिमला मिर्च दूसरी मंडियों में जाती थी। हड़ताल की वजह से किसान इसे स्थानीय मंडी में ही बेच रहे हैं। इस वजह से इसकी कीमतों में गिरावट आई है। अब तक जो शिमला मिर्च थोक मंडी में 2,000-2,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, अब 1,200-1,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। खीरे का भी यही हाल है। अब तक 1,000-1,200 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला खीरा अब 500-600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। टमाटर की कीमतों में कोई विशेष अंतर नहीं आया है।
हाफिजगंज/मीरगंज। ट्रक चालकों की हड़ताल की वजह से मंगलवार शाम चार बजे से नवाबगंज चीनी मिल में पेराई ठप हो गई। दो अन्य चीनी मिलों में भी पेराई बाधित हुई है। नवाबगंज में मिल प्रबंधन की ओर से नो केन का बोर्ड लगाया गया है। वहीं, मीरगंज मिल को भी पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं मिल पा रहा है। फरीदपुर, बहेड़ी और सेमीखेड़ा चीनी मिलों में अभी हड़ताल का कोई असर नहीं है।

नवाबगंज स्थित ओसवाल चीनी मिल के जीएम वीएन मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन 32 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की क्षमता है। रोज क्रय केंद्रों से 12 से 14 हजार क्विंटल गन्ना आता है। हड़ताल की वजह से क्रय केंद्रों से गन्ना चीनी मिल तक आ ही नहीं पा रहा। सोमवार को सिर्फ 25 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। मंगलवार शाम चार बजे से मिल बंद हो गई। उन्होंने बताया कि चीनी मिल के लखनऊ मुख्यालय में मंगलवार को हुई बैठक में तय हुआ है कि ज्यादा से ज्यादा किसान चीनी मिल गेट पर गन्ना लेकर आएं। इसके लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। ओवरवेट की भी अनुमति दी गई है।

मीरगंज चीनी मिल के जीएम संजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिदिन 90 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की क्षमता है। हड़ताल की वजह से मंगलवार को सिर्फ 70 हजार क्विंटल गन्ना ही पेरा गया। जल्द सुधार नहीं हुआ तो पेराई ठप भी हो सकती है। फरीदपुर चीनी मिल के चीफ मैनेजर प्रवीण सिंह शेखावत, केसर चीनी मिल बहेड़ी के संजय कुमार और सेमीखेड़ा चीनी मिल के कुमार मनीष ने हड़ताल के चलते गन्ना पेराई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed