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Bareilly News: डेढ़ माह में होगा नामांतरण, बकायेदारों पर कसेगा शिकंजा; नगर निगम की बैठक में हुए बड़े फैसले

Sat, 17 Jan 2026 01:12 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 17 Jan 2026 01:12 PM IST
सार

बरेली के नगर निगम में शुक्रवार को महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में म्यूटेशन का कार्य 45 दिन में करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बकायेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 

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Mutation of property records will be completed in the municipal corporation within one and a half months
संपत्ति कर से संबंधित समस्याओं को लेकर महापौर की अध्यक्षता में हुआ मंथन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के नगर निगम में शुक्रवार को महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में संपत्ति कर की जटिलताओं को खत्म करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि बकायेदारों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। उनकी संपत्तियां सील करने के साथ ही कुर्की की कार्रवाई भी होगी। बैठक में नामांतरण (म्यूटेशन) का कार्य 45 दिन में करने के निर्देश दिए गए।

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सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने विभाग की कार्यशैली और करदाताओं को होने वाली परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जीआईएस सर्वे के तहत स्वकर फॉर्म भरने के बावजूद म्यूटेशन के वक्त दोबारा भवन की नापजोख की जाती है। अब निर्णय लिया गया है कि जिन करदाताओं ने दो साल पहले फॉर्म भरे हैं, उनके भवन की दोबारा नापजोख नहीं होगी। वर्ष 2014 से लंबित गलत बिलों के सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। अब 30 दिन का अल्टीमेटम देकर सभी गलत बिलों का संशोधन करना होगा। 
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खाली पड़े व्यावसायिक भवनों को बड़ी राहत 
बैठक में निर्णय हुआ कि धारा 178 के तहत यदि किरायेदार भवन खाली कर देता है, तो भवन स्वामी को अधिक कर से बचाने के लिए उस पर व्यवसायिक टैक्स नहीं लगाया जाएगा। इसके लिए भवन स्वामी को निगम में जाकर पत्र सौंपना होगा। एक माह के भीतर जांच कर पुष्टि की जाएगी। इसके बाद भवन स्वामी को व्यावसायिक टैक्स नहीं देना होगा। पैतृक संपत्ति में यदि बंटवारा होना है तो उसके लिए अलग-अलग शपथपत्र के साथ 100 रुपये के स्टांप पेपर पर शपथपत्र देना होगा। इसके बाद सभी का कर अलग-अलग बन जाएगा।  
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100 वर्गमीटर तक के भवनों की नहीं होगी जांच  
बैठक में सपा पार्षदों ने नए व पुराने टैक्स का मुद्दा उठाया। कहा कि नई कर प्रणाली में छोटे भवन पर भी अधिक टैक्स लगाया जा रहा है, इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर कर की मार पड़ रही है। बैठक में तय हुआ कि 100 वर्गमीटर तक के भवनों पर कोई जांच नहीं होगी। पुराना बिल भी संशोधित कर दिया जाएगा। 

ओटीएस के लिए शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव 
शहर के लोगों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने की भी तैयारी है। इसके तहत ब्याज दिए बिना गृहकर का बकाया जमा किया जा सकेगा। इससे लंबित मामलों का भी तेजी के साथ निस्तारण होगा। सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को हुई बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव दिया। इसके बाद निर्णय हुआ कि ओटीएस के लिए एक प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

बंटवारा और नाम सुधार प्रक्रिया का सरलीकरण
जिन भवनों का बंटवारा हो चुका है और उन पर कोई बकाया नहीं है, उनकी अलग-अलग आईडी तत्काल बनाकर स्वामियों को सौंप दी जाएगी। जिससे निगम का कर समय से जमा हो सके। कहा कि यदि पैतृक संपत्ति में यदि बंटवारा होना है तो उसके लिए अलग-अलग शपथ पत्र के साथ 100 रुपये के स्टाप पेपर पर शपथपत्र देना होगा। इसके बाद सभी का कर अलग-अलग बन जाएगा। वहीं, नाम में सुधार करवाने के लिए भवन स्वामियों को अब परेशान नहीं किया जाएगा और इस प्रक्रिया के दौरान भवन की पैमाइश पर रोक लगा दी गई है। बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी, सर्वेश रस्तोगी, मुकेश सिंघल, सलीम पटवारी आदि मौजूद रहे।

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