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Bareilly News: गर्मी में मुश्किल हुआ ट्रेन का सफर... कहीं एसी खराब तो कहीं पंखे
Mon, 27 May 2024 03:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 27 May 2024 03:47 AM IST
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बरेली। भीषण गर्मी में ट्रेनों में सफर करना भी मुश्किल हो गया है। एसी खराब होने और पंखे न चलने की शिकायतों को लेकर अक्सर हंगामे की स्थिति बन रही है। फास्ट, सुपरफास्ट और प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनों का भी बुरा हाल है। जंक्शन पर रोजाना एसी खराब होने की सात से आठ शिकायतें आ रही हैं। इनमें दो-तीन मामलों का ही निस्तारण हो पा रहा है।
शनिवार को 20504 नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस के कोच का एसी खराब होने के कारण जंक्शन पर हंगामा हुआ था। यात्रियों ने दो घंटे तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया। रविवार को काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के एसी तृतीय श्रेणी के कोच का एसी खराब हो गया। भीषण गर्मी में पंखे न चलने और एसी खराब होने से यात्रा में मुश्किल हो रही है। एसी खराब होने से उबल रहे यात्री हंगामा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
रेलवे ने ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोचों की संख्या घटाकर एसी कोचों की संख्या बढ़ा दी है। एसी श्रेणी के कोचों में सीटों की संख्या कम होती है। इन कोचों में अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों के कब्जे की शिकायतें भी आ रही हैं। जंक्शन पर ही इसको लेकर रोजाना 10-12 शिकायत आती हैं।
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वाराणसी और डिब्रूगढ़ जोन की ट्रेनों के कोचों में सबसे ज्यादा शिकायत रहती हैं। शनिवार को बरेली जंक्शन के कोच डिपो के पास तीन ट्रेनों के कोच बदलने का मेसेज था। इनमें राजधानी एक्सप्रेस का ही एक कोच बदला जा सका। रविवार को भी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के दो कोच के एसी खराब होने की शिकायत बरेली कोच डिपो को मिली थी। जंक्शन पर दोनों एसी ठीक करने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। राजधानी एक्सप्रेस के कोचों के एसी खराब होने पर कंट्रोल रूम से एक सप्ताह में बरेली जंक्शन को तीन मेसेज मिल चुके हैं।
बरेली से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों का मेंटीनेंस निजी कंपनियां कर रही हैं। राजधानी एक्सप्रेस का मेंटीनेंस भी निजी फर्म के पास है। इस कारण वॉशिंग लाइन पर इन ट्रेनों की न तो साफ-सफाई ठीक से होती है, न ही ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से छूटने के बाद एसी, पंखे, पानी आदि की उपलब्धता को सही ढंग से परखा जाता है। बरेली जंक्शन का कोच डिपो छोटा है। ऐसे में यहां शिकायत मिलने के बाद सभी ट्रेनों के कोच बदलने में समस्या होती है। जंक्शन पर एसी मेंटीनेंस शेड भी नहीं है।
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शनिवार को 20504 नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस के कोच का एसी खराब होने के कारण जंक्शन पर हंगामा हुआ था। यात्रियों ने दो घंटे तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया। रविवार को काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के एसी तृतीय श्रेणी के कोच का एसी खराब हो गया। भीषण गर्मी में पंखे न चलने और एसी खराब होने से यात्रा में मुश्किल हो रही है। एसी खराब होने से उबल रहे यात्री हंगामा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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रेलवे ने ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोचों की संख्या घटाकर एसी कोचों की संख्या बढ़ा दी है। एसी श्रेणी के कोचों में सीटों की संख्या कम होती है। इन कोचों में अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों के कब्जे की शिकायतें भी आ रही हैं। जंक्शन पर ही इसको लेकर रोजाना 10-12 शिकायत आती हैं।
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वाराणसी और डिब्रूगढ़ जोन की ट्रेनों के कोचों में सबसे ज्यादा शिकायत रहती हैं। शनिवार को बरेली जंक्शन के कोच डिपो के पास तीन ट्रेनों के कोच बदलने का मेसेज था। इनमें राजधानी एक्सप्रेस का ही एक कोच बदला जा सका। रविवार को भी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के दो कोच के एसी खराब होने की शिकायत बरेली कोच डिपो को मिली थी। जंक्शन पर दोनों एसी ठीक करने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। राजधानी एक्सप्रेस के कोचों के एसी खराब होने पर कंट्रोल रूम से एक सप्ताह में बरेली जंक्शन को तीन मेसेज मिल चुके हैं।
बरेली से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों का मेंटीनेंस निजी कंपनियां कर रही हैं। राजधानी एक्सप्रेस का मेंटीनेंस भी निजी फर्म के पास है। इस कारण वॉशिंग लाइन पर इन ट्रेनों की न तो साफ-सफाई ठीक से होती है, न ही ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से छूटने के बाद एसी, पंखे, पानी आदि की उपलब्धता को सही ढंग से परखा जाता है। बरेली जंक्शन का कोच डिपो छोटा है। ऐसे में यहां शिकायत मिलने के बाद सभी ट्रेनों के कोच बदलने में समस्या होती है। जंक्शन पर एसी मेंटीनेंस शेड भी नहीं है।