{"_id":"5e0fa3068ebc3e87e86b2b33","slug":"train-bareilly-news-bly390489514","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित युवती के सहकर्मियों से भी की जाएगी पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़ित युवती के सहकर्मियों से भी की जाएगी पूछताछ
विज्ञापन
चलती ट्रेन से देवरिया की युवती को फेंकने का मामला
जीआरपी आरोपी को तलाशकर उसकी पीड़िता से कराएगी शिनाख्त
पीड़िता की बहन से मनमाफिक तहरीर लेकर रिपोर्ट में किया गया खेल
बरेली। लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस में देवरिया की युवती से छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसे फरीदपुर के पास चलती ट्रेन से फेंकने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अब जीआरपी जांच में चुस्ती दिखा रही है। हालांकि जीआरपी ने युवती की बहन से मनमाफिक तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज करने में खेल कर लिया है। जीआरपी शुरू से ही युवती को चलती ट्रेन से फेंकने की बात को नकारने में लगी है। हालांकि अब मामले की जांच कर रहे दरोगा से विवेचना हटाकर दूसरे दरोगा को सौंप दी गई है। नए विवेचक संदिग्धों की तलाश करने के साथ ही पीड़िता के ऑफिस के कर्मचारियों से भी पूछताछ करेंगे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक संदिग्ध युवक भी दिखा है। उसे तलाश कर पीड़िता से शिनाख्त कराई जाएगी।
बृहस्पतिवार को पीड़िता की बहन ने पीतांबरपुर स्टेशन पहुंचकर घटनास्थल देखा। वहां उन्होंने खेत पर काम कर रहे लोगों से भी बात की। इसके बाद रात में जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित युवती पीलीभीत की एक कंपनी में सेल्स गर्ल है। 26 दिसंबर, 2019 को जंक्शन के प्लेटफार्म तीन से लखनऊ जाने के लिए वह काठगोदाम एक्सप्रेस की महिला बोगी में सवार हुई। ट्रेन चलने लगी तभी एक युवक बोगी में चढ़ गया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर उसने युवती का गला दबा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को ट्रैक के पास पड़े पाया। अगले दिन खबर छपने पर उसकी कंपनी के दो कर्मचारी आए और उसे लखनऊ ले जाकर भर्ती करा दिया। जीआरपी ने बड़ी होशियारी से रिपोर्ट में युवती को ट्रेन से फेंके जाने का जिक्र ही गोल कर दिया है। हालांकि जीआरपी जिस सीसीटीवी फुटेज की बात कर रही है, उससे युवती और उसके साथ एक संदिग्ध युवक के महिला बोगी में सवार होने की पुष्टि होती है। अब सवाल यह उठता है कि जब काठगोदाम एक्सप्रेस का बरेली से चलने के बाद शाहजहांपुर से पहले कोई स्टापेज ही नहीं है तो फिर बेहोश होने के बाद युवती ट्रेन से ट्रैक पर कैसे पहुंच गई।
मामले की जांच जीआरपी थाने के दरोगा खड्ग सिंह कर रहे थे। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो एक संदिग्ध युवक सामने आया। उसकी फोटो लखनऊ जाकर पीड़िता को दिखाई, लेकिन वह चेहरा धुंधला होने की वजह से उसे ठीक से नहीं पहचान सकी। बृहस्पतिवार को युवती की बहन ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो विवेचना दरोगा मनोज कुमार को दे दी गई। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि फुटेज में दिख रहे संदिग्ध की तलाश के साथ ही पीड़िता से पूछकर उस हुलिये के बदमाशों को पकड़ा जाएगा। इनकी तलाश करके पीड़िता से शिनाख्त कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीआरपी आरोपी को तलाशकर उसकी पीड़िता से कराएगी शिनाख्त
पीड़िता की बहन से मनमाफिक तहरीर लेकर रिपोर्ट में किया गया खेल
बरेली। लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस में देवरिया की युवती से छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसे फरीदपुर के पास चलती ट्रेन से फेंकने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अब जीआरपी जांच में चुस्ती दिखा रही है। हालांकि जीआरपी ने युवती की बहन से मनमाफिक तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज करने में खेल कर लिया है। जीआरपी शुरू से ही युवती को चलती ट्रेन से फेंकने की बात को नकारने में लगी है। हालांकि अब मामले की जांच कर रहे दरोगा से विवेचना हटाकर दूसरे दरोगा को सौंप दी गई है। नए विवेचक संदिग्धों की तलाश करने के साथ ही पीड़िता के ऑफिस के कर्मचारियों से भी पूछताछ करेंगे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक संदिग्ध युवक भी दिखा है। उसे तलाश कर पीड़िता से शिनाख्त कराई जाएगी।
बृहस्पतिवार को पीड़िता की बहन ने पीतांबरपुर स्टेशन पहुंचकर घटनास्थल देखा। वहां उन्होंने खेत पर काम कर रहे लोगों से भी बात की। इसके बाद रात में जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित युवती पीलीभीत की एक कंपनी में सेल्स गर्ल है। 26 दिसंबर, 2019 को जंक्शन के प्लेटफार्म तीन से लखनऊ जाने के लिए वह काठगोदाम एक्सप्रेस की महिला बोगी में सवार हुई। ट्रेन चलने लगी तभी एक युवक बोगी में चढ़ गया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर उसने युवती का गला दबा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को ट्रैक के पास पड़े पाया। अगले दिन खबर छपने पर उसकी कंपनी के दो कर्मचारी आए और उसे लखनऊ ले जाकर भर्ती करा दिया। जीआरपी ने बड़ी होशियारी से रिपोर्ट में युवती को ट्रेन से फेंके जाने का जिक्र ही गोल कर दिया है। हालांकि जीआरपी जिस सीसीटीवी फुटेज की बात कर रही है, उससे युवती और उसके साथ एक संदिग्ध युवक के महिला बोगी में सवार होने की पुष्टि होती है। अब सवाल यह उठता है कि जब काठगोदाम एक्सप्रेस का बरेली से चलने के बाद शाहजहांपुर से पहले कोई स्टापेज ही नहीं है तो फिर बेहोश होने के बाद युवती ट्रेन से ट्रैक पर कैसे पहुंच गई।
विज्ञापन
मामले की जांच जीआरपी थाने के दरोगा खड्ग सिंह कर रहे थे। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो एक संदिग्ध युवक सामने आया। उसकी फोटो लखनऊ जाकर पीड़िता को दिखाई, लेकिन वह चेहरा धुंधला होने की वजह से उसे ठीक से नहीं पहचान सकी। बृहस्पतिवार को युवती की बहन ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो विवेचना दरोगा मनोज कुमार को दे दी गई। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि फुटेज में दिख रहे संदिग्ध की तलाश के साथ ही पीड़िता से पूछकर उस हुलिये के बदमाशों को पकड़ा जाएगा। इनकी तलाश करके पीड़िता से शिनाख्त कराई जाएगी।
विज्ञापन