बरेली: व्यापारियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, यूपीआई पर शुल्क के फैसले पर पुनर्विचार की मांग
बरेली में राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। व्यापारियों ने व्यापारिक मंदी और अत्यधिक बारिश से हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासनिक जांच और विभागीय कार्रवाई से राहत की मांग की। संगठन ने यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर पर पुनर्विचार करने को कहा।
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बरेली में व्यापारी वर्ग की समस्याओं और मांगों को लेकर राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में एसडीएम को सौंपा। यह ज्ञापन प्रदेश महामंत्री विशाल मेहरोत्रा के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया की व्यापारी वर्ग हमेशा से राज्य के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता आया है। हालांकि, वर्तमान में लंबे समय से जारी व्यापारिक मंदी और इस वर्ष हुई अत्यधिक बारिश के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। ऐसे कठिन समय में प्रशासनिक जांच और विभागीय कार्रवाई से राहत देना बेहद आवश्यक है।
व्यापार मंडल ने सरकार के समक्ष मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगे रखी हैं। संगठन ने यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले एमडीआर पर पुनर्विचार करने की मांग की है ताकि छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसके अलावा मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की वकालत करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि निर्दोष और ईमानदार व्यापारियों का उत्पीड़न न हो।
बिना किसी ठोस शिकायत के न हो जांच
आगामी त्योहारों और सहालग सीजन को देखते हुए खाद्य विभाग तथा जीएसटी विभाग द्वारा बिना किसी ठोस शिकायत या पुख्ता इनपुट के जांच व सर्वे न करने की अपील की गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि कोई जांच जरूरी भी हो, तो उसे त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद नियमपूर्वक किया जाए ताकि व्यापार प्रभावित न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंडल प्रभारी जितेंद्र रस्तोगी, जिलाध्यक्ष राजकुमार राजपूत, संजीव अवतार अग्रवाल, ईशान सक्सेना, विभोर अग्रवाल, भगवान स्वरूप, सतनाम सिंह, रजत अग्रवाल, बिरजू, कन्हैयालाल, राजेंद्र, मंजीत सिंह नागपाल, मिथलेश गंगवार, प्रशांत मिश्रा, मोहनीश शंखधर, प्रशांत सक्सेना, रोहित भसीन, उबैद शमशी, पंकज कक्कड़, नाना मराठा और मंजीत सिंह बिट्टू सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।