कोरोना से दहले व्यापारी.. एक संगठन का 15 दिन बाजार बंदी का एलान, दूसरे विरोध में
एक और संगठन ने बाजार के रोस्टर को बताया गलत, आज बैठक में लिया जाएगा फैसला
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दोपहर को एक गुट की ओर से सोशल मीडिया पर जारी मेसेज ने फैलाई अफरातफरी
बरेली। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक व्यापारी संगठन के बढ़ती भीड़भाड़ को पूरे शहर के लिए खतरा बताते हुए 15 दिन के लिए पूरा बाजार बंद करने का आह्वान किया तो व्यापारियों में सनसनी फैल गई। कुछ और व्यापारी नेता ने इस पर सहमति जताई लेकिन दूसरे व्यापारी संगठन इसके विरोध में खड़े हो गए। इसके बाद देर शाम तक व्यापारियों के बीच मंथन का दौर चला। सहमति से कोई फैसला तो नहीं हो पाया लेकिन एक संगठन ने शुक्रवार को इस मसले पर निर्णय लेने के लिए बैठक बुलाई है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को खतरनाक बताते हुए बृहस्पतिवार को कुछ व्यापारी संगठनों ने सोशल मीडिया के जरिये अपील जारी की कि खतरे से बचने के लिए सभी व्यापारी 15 दिन अपने कारोबार बंद रखें। सोशल मीडिया पर जारी मेसेज में कहा गया कि व्यापार मंडल ने यह फैसला कर लिया गया है। संगठन की ओर से कई प्रमुख कारोबारियों से फोन पर संपर्क करके भी कोरोना से बचने के लिए 15 दिन बाजार बंद रखने का आग्रह किया गया। दोपहर से ही इसके बाद बाजार में अफरातफरी फैलनी शुरू हो गई। व्यापारी एक-दूसरे से जानकारी लेने में जुट गए। इस बीच व्यापारी नेता सुदेश अग्रवाल और प्रवीन अग्रवाल बंदी के समर्थन में खुलकर सामने आ गए। उन्होंने बाजार खुलने के रोस्टर को तकनीकी तौर पर गलत बताते हुए कहा कि बाजारों में लगातार भीड़ बढ़ रही है। किसी को नहीं पता कि कौन संक्रमित दुकानों पर आ रहा है। व्यापारियों के लिए यह बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कई व्यापारी कोरोना की चपेट में भी आ चुके हैं। लिहाजा उनके संगठन और सहयोगी नेताओं की सहमति से 15 दिन बाजार बंद रखने का फैसला किया गया है।
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आमने-सामने: खतरे को लेकर समर्थन और विरोध के सुर
व्यापारी नेता शोभित सक्सेना और विशाल मेहरोत्रा ने भी कहा कि बाजार में काफी ज्यादा अव्यवस्था हो चुकी है। लिहाजा कोई कारगर कार्ययोजना बनना जरूरी है। इन नेताओं का कहना था कि फिलहाल 15 दिन बाजार बंद रखने का तो कोई फैसला नहीं लिया गया है लेकिन इस पर विचार-विमर्श के लिए शुक्रवार दोपहर 12 बजे चौपुला कार्यालय में प्रमुख व्यापारियों और सहयोगी संगठनों की बैठक बुलाई गई है। इसमें लिए गए निर्णय से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा। इसी बीच व्यापारी नेता केके चंदानी ने 15 दिन बाजार बंद रखने के फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे बाजार में अफरातफरी का माहौल पैदा होगा। व्यापारियों में भय बढ़ेगा। चंदानी ने व्यापारियों से रोस्टर का पालन करते हुए यथावत बाजार खोलने का आग्रह किया है।
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उद्योग व्यापार मंडल ने कहा- बंदी हल नहीं, रोस्टर से खुलेगा बाजार
एक संगठन की ओर से 15 दिन बाजार बंद रखने की घोषणा के बाद देर शाम उद्योग व्यापार मंडल ने आपात बैठक बुलाई। इसमें प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन में उद्योग-व्यापार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अब अगर 15 दिन बाजार बंद हुआ तो यह व्यापारी और ग्राहकों दोनों के ही हित में नहीं होगा। इसकी जगह व्यापारी तय मानकों का पालन करें तो कोरोना से बचा जा सकता है। दुर्गेेश खटवानी और अवधेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी किसी भ्रम में न आएं और खुद को सुरक्षित रखते हुए कारोबार करें। प्रशासन ने जो रोस्टर जारी किया है, उसका ही पालन होगा।
बंदी पर ज्यादातर सहमत नहीं
पंद्रह दिन बाजार बंद करने की बात अफवाह है जिसने व्यापारियों को परेशान कर दिया है। हमारे संगठन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि रोस्टर के आधार पर कारोबार होगा। सभी व्यापारी सफाई और सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखेंगे। - राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री उद्योग व्यापार मंडल
शहर और देहात में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बाजार में सुरक्षा के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं है। संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए 15 दिन तक बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। इस पर सभी कारोबारियों से सहयोग मांगा गया है। - सुदेश अग्रवाल, व्यापारी नेता
बाजार बंद करना कोई बेहतर विकल्प तो नहीं है। लॉकडाउन में पहले ही कारोबार पस्त हो चुका है। वैसे भी इलेक्ट्रिकल्स, एसी और फ्रिज जैसी चीजों का बाजार 15 दिन ही और चलना है। बारिश होते ही इनकी मांग बंद हो जाएगी। इसलिए बाजार बंद नहीं होना चाहिए। - संदीप खंडेलवाल, एसी के थोक कारोबारी
बृहस्पतिवार को अचानक 15 दिन के लिए बाजार बंद होने की जो अफवाह फैली, उसने सारे व्यापारियों में अफराफतरी फैला दी। बाजार का मौजूदा रोस्टर भी सही है। फिर भी प्रशासन जो फैसला लेगा उसका पालन किया जाएगा। - अर्पित गोयल, व्यापारी
अफवाहों पर हमारी निगाह
बाजार खुलने के रोस्टर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। व्यापारी संगठन अपने स्तर से क्या निर्णय ले रहे हैं, इसकी अभी हमारे पास कोई सूचना नहीं है। अफवाहों पर भी निगरानी रखी जा रही है। - नितीश कुमार, डीएम
दोपहर को एक गुट की ओर से सोशल मीडिया पर जारी मेसेज ने फैलाई अफरातफरी बरेली। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक व्यापारी संगठन के बढ़ती भीड़भाड़ को पूरे शहर के लिए खतरा बताते हुए 15 दिन के लिए पूरा बाजार बंद करने का आह्वान किया तो व्यापारियों में सनसनी फैल गई। कुछ और व्यापारी नेता ने इस पर सहमति जताई लेकिन दूसरे व्यापारी संगठन इसके विरोध में खड़े हो गए। इसके बाद देर शाम तक व्यापारियों के बीच मंथन का दौर चला। सहमति से कोई फैसला तो नहीं हो पाया लेकिन एक संगठन ने शुक्रवार को इस मसले पर निर्णय लेने के लिए बैठक बुलाई है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को खतरनाक बताते हुए बृहस्पतिवार को कुछ व्यापारी संगठनों ने सोशल मीडिया के जरिये अपील जारी की कि खतरे से बचने के लिए सभी व्यापारी 15 दिन अपने कारोबार बंद रखें। सोशल मीडिया पर जारी मेसेज में कहा गया कि व्यापार मंडल ने यह फैसला कर लिया गया है। संगठन की ओर से कई प्रमुख कारोबारियों से फोन पर संपर्क करके भी कोरोना से बचने के लिए 15 दिन बाजार बंद रखने का आग्रह किया गया। दोपहर से ही इसके बाद बाजार में अफरातफरी फैलनी शुरू हो गई। व्यापारी एक-दूसरे से जानकारी लेने में जुट गए। इस बीच व्यापारी नेता सुदेश अग्रवाल और प्रवीन अग्रवाल बंदी के समर्थन में खुलकर सामने आ गए। उन्होंने बाजार खुलने के रोस्टर को तकनीकी तौर पर गलत बताते हुए कहा कि बाजारों में लगातार भीड़ बढ़ रही है। किसी को नहीं पता कि कौन संक्रमित दुकानों पर आ रहा है। व्यापारियों के लिए यह बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कई व्यापारी कोरोना की चपेट में भी आ चुके हैं। लिहाजा उनके संगठन और सहयोगी नेताओं की सहमति से 15 दिन बाजार बंद रखने का फैसला किया गया है।
आमने-सामने: खतरे को लेकर समर्थन और विरोध के सुर
व्यापारी नेता शोभित सक्सेना और विशाल मेहरोत्रा ने भी कहा कि बाजार में काफी ज्यादा अव्यवस्था हो चुकी है। लिहाजा कोई कारगर कार्ययोजना बनना जरूरी है। इन नेताओं का कहना था कि फिलहाल 15 दिन बाजार बंद रखने का तो कोई फैसला नहीं लिया गया है लेकिन इस पर विचार-विमर्श के लिए शुक्रवार दोपहर 12 बजे चौपुला कार्यालय में प्रमुख व्यापारियों और सहयोगी संगठनों की बैठक बुलाई गई है। इसमें लिए गए निर्णय से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा। इसी बीच व्यापारी नेता केके चंदानी ने 15 दिन बाजार बंद रखने के फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे बाजार में अफरातफरी का माहौल पैदा होगा। व्यापारियों में भय बढ़ेगा। चंदानी ने व्यापारियों से रोस्टर का पालन करते हुए यथावत बाजार खोलने का आग्रह किया है।उद्योग व्यापार मंडल ने कहा- बंदी हल नहीं, रोस्टर से खुलेगा बाजार
एक संगठन की ओर से 15 दिन बाजार बंद रखने की घोषणा के बाद देर शाम उद्योग व्यापार मंडल ने आपात बैठक बुलाई। इसमें प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन में उद्योग-व्यापार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अब अगर 15 दिन बाजार बंद हुआ तो यह व्यापारी और ग्राहकों दोनों के ही हित में नहीं होगा। इसकी जगह व्यापारी तय मानकों का पालन करें तो कोरोना से बचा जा सकता है। दुर्गेेश खटवानी और अवधेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी किसी भ्रम में न आएं और खुद को सुरक्षित रखते हुए कारोबार करें। प्रशासन ने जो रोस्टर जारी किया है, उसका ही पालन होगा।बंदी पर ज्यादातर सहमत नहीं
पंद्रह दिन बाजार बंद करने की बात अफवाह है जिसने व्यापारियों को परेशान कर दिया है। हमारे संगठन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि रोस्टर के आधार पर कारोबार होगा। सभी व्यापारी सफाई और सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखेंगे। - राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री उद्योग व्यापार मंडल
शहर और देहात में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बाजार में सुरक्षा के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं है। संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए 15 दिन तक बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। इस पर सभी कारोबारियों से सहयोग मांगा गया है। - सुदेश अग्रवाल, व्यापारी नेता
बाजार बंद करना कोई बेहतर विकल्प तो नहीं है। लॉकडाउन में पहले ही कारोबार पस्त हो चुका है। वैसे भी इलेक्ट्रिकल्स, एसी और फ्रिज जैसी चीजों का बाजार 15 दिन ही और चलना है। बारिश होते ही इनकी मांग बंद हो जाएगी। इसलिए बाजार बंद नहीं होना चाहिए। - संदीप खंडेलवाल, एसी के थोक कारोबारी
बृहस्पतिवार को अचानक 15 दिन के लिए बाजार बंद होने की जो अफवाह फैली, उसने सारे व्यापारियों में अफराफतरी फैला दी। बाजार का मौजूदा रोस्टर भी सही है। फिर भी प्रशासन जो फैसला लेगा उसका पालन किया जाएगा। - अर्पित गोयल, व्यापारी
अफवाहों पर हमारी निगाह
बाजार खुलने के रोस्टर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। व्यापारी संगठन अपने स्तर से क्या निर्णय ले रहे हैं, इसकी अभी हमारे पास कोई सूचना नहीं है। अफवाहों पर भी निगरानी रखी जा रही है। - नितीश कुमार, डीएम